Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 09 फरवरी 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 09 फरवरी 2025
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351_
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – माघ मास
🌔 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – रविवार माघ माह के शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि 07:25 PM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होकर समस्त लोक में पूज्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र आद्रा 05:52 PM तक उपरांत पुनर्वसु
🪐 नक्षत्र स्वामी – आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी राहू है । भगवान शिव के रुद्र रूप को आर्द्रा नक्षत्र का अधिपति देवता माना जाता है।
⚜️ योग – विष्कुम्भ योग 12:06 PM तक, उसके बाद प्रीति योग
⚡ प्रथम करण : बव – 07:47 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 07:25 पी एम तक कौलव
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 04:44 बजे से 06:07 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदय :- प्रातः 07:04: 58
🌅 सूर्यास्त :- सायं 06:30: 17
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:20 ए एम से 06:12 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:46 ए एम से 07:04 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:58 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:26 पी एम से 03:10 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:04 पी एम से 06:30 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 06:07 पी एम से 07:24 पी एम
💧 अमृत काल : 07:58 ए एम से 09:34 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 10 से 01:01 ए एम, फरवरी 10
🌸 त्रिपुष्कर योग : 05:53 पी एम से 07:25 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर तिल-गुड़ अर्पित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – तिल द्वादशी/भीष्म द्वादशी/ त्रिपुष्कर योग/ चॉकलेट डे/ अभिनेता राजीव कपूर स्मृति दिवस, भारतीय निर्देशक, निर्माता ओ. पी. दत्ता पुण्य तिथि, उदिता गोस्वामी जन्म दिवस, सी. पी. कृष्णन नायर जन्म दिवस, फिल्म अभिनेता राहुल रॉय जन्म दिवस, अभिनेत्री अमृता सिंह जन्म दिवस, महान सामाजिक कार्यकर्ता बाबा आमटे स्मृति दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह मसूर से बना सभी व्यंजन इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण भगवान को बताया गया है। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ अवश्य करने चाहिए। नाम के पाठ एवं जप आदि करने से व्यक्ति के जीवन में धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति सहज ही होने लगती है।
🏜️ Vastu tips 🏚️
घर की नजर उताने के लिए मुख्य दरवाजे पर लगाएं मोरपंख आपके घर में बुरी नजर की शुरुआत मुख्य दरवाजे से होती है। ऐसे में अगर आपको कुछ भी बुरा रोकना है तो इसे घर के बाहर ही रोक दें। ऐसे में आपको घर के मुख्य द्वार पर मोर पंख लगाना चाहिए। ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती। इसके लिए आपको बस एक काम करना है, बस तीन मोर पंख लें और उससे गणेश जी की मूर्ति के पीछे ‘ऊं द्वारपालाय नम: जाग्रय स्थापय स्वाहा’ मंत्र लिखें। इसके पीछे मोरपंख लगाएं।
मोर पंख से घर में पानी के छींटे मारे मोर पंख से घर में पानी के छींटे मारना निगेटिविटी को कम करने में मदद करता है। ‘ऊं द्वारपालाय नम: जाग्रय स्थापय स्वाहा’ बोलते हुए मोर पंख से 21 बार पानी के छींटे घर में मार दें। हर दिनों में यह रह-रह कर करें।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
फोड़े से मवाद बहने पर
अरण्डी के तेल में आम के पत्तों की राख मिलाकर लगाने से लाभ होता है।
थूहर के पत्तों पर अरण्डी का तेल लगाकर गर्म करके फोड़े पर उल्टा लगायें। इससे सब मवाद निकल जायेगा। घाव को भरने के लिए दो-तीन दिन सीधा लगायें।
पीठ का फोड़ा होने पर गेहूँ के आटे में नमक तथा पानी डालकर गर्म करके पुल्टिस बनाकर लगाने से फोड़ा पककर फूट जाता है।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
अगर आपको शाम में पेट में गैस ज्यादा बनती है तो आप दिन में चाय और कॉफी का सेवन करना कम कर दें। चाय और कॉफी का सेवन पेट में ज्यादा गैस बनाता है।
कुछ लोगों को रनिंग करने से और तेज-तेज एक्सरसाइज करने से भी पेट में गैस बनती है। जो एक्सरसाइज शरीर को अस्त-व्यस्त करती है उससे पेट में गैस बनती है। वात रोगी हल्के व्यायाम करें तेजी से एक्सरसाइज उनको कई तरह की परेशानियां दे सकते हैं।
पानी को गलत तरीके से पीने से भी पेट में गैस बनती है। अगर आप एक साथ गटक-गटक कर जल्दी जल्दी पानी पीते हैं तो आपके पेट में गैस ज्यादा बनती है। डाइट में मटर, चने की दाल, राजमा, ठंडे शर्बत, ठंडा नींबू पानी का सेवन करने की आदत को तुरंत बदल लें। ये सभी चीजें आपके पेट में गैस तेजी से बनाती हैं।
🌷 गुरु भक्ति योग_ 🌹
हिन्दू समाज में शादी में तोरण मारने की एक आवश्यक रस्म है। जो सदियों से चली आ रही है। लेकिन अधिकतर लोग नहीं जानते कि यह रस्म कैसे शुरू हुई।
दंत कथानुसार कहा जाता है कि एक तोरण नामक राक्षस था जो शादी के समय दुल्हन के घर के द्वार पर तोते का रूप धारण कर बैठ जाता था तथा दूल्हा जब द्वार पर आता तो उसके शरीर में प्रवेश कर दुल्हन से स्वयं शादी रचाकर उसे परेशान करता था।
एक बार एक राजकुमार जो विद्वान एवं बुद्धिमान था शादी करने जब दुल्हन के घर में प्रवेश कर रहा था अचानक उसकी नजर उस राक्षसी तोते पर पड़ी और उसने तुरंत तलवार से उसे मार गिराया व शादी संपन्न की।
बताया जाता है कि तब से ही तोरण मारने की परंपरा शुरू हुई अब इस रस्म में दुल्हन के घर के दरवाजे पर लकड़ी का तोरण लगाया जाता है, जिस पर एक तोता (राक्षस का प्रतीक) होता है।
बगल में दोनों तरफ छोटे तोते होते हैं। दूल्हा शादी के समय तलवार से उस लकड़ी के बने राक्षस रूपी तोते को मारने की रस्म पूर्ण करता है।
गांवों में तोरण का निर्माण खाती करता है, लेकिन आजकल बाजार में बने बनाए सुंदर तोरण मिलते हैं, जिन पर गणेशजी व स्वास्तिक जैसे धार्मिक चिह्न अंकित होते हैं और दूल्हा उन पर तलवार से वार कर तोरण (राक्षस) मारने की रस्म पूर्ण करता है।
यानी दूल्हा राक्षस की जगह गणेशजी या धार्मिक चिन्हों पर वार करता है जो कि भारतीय परंपरा और धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं है।
एक तरफ हम शादी में गणेश पूजन कर उनको रिद्धि-सिद्धि सहित शादी में पधारने का निमंत्रण देते हैंऔर दूसरी तरफ तलवार से वार कर उनका अपमान करते हैं, यह उचित नहीं है।
अत: तोरण की रस्म पर ध्यान रखकर परंपरागत राक्षसी रूपी तोरण ही लाकर रस्म निभाएं ।
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⚜️ द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।।


