धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 18 मई 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 18 मई 2025
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
☀️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – रविवार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि 05:58 AM तक उपरांत षष्ठी
📝 तिथी स्वामी – पंचमी के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है। यह लक्ष्मीप्रदा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 06:52 PM तक उपरांत श्रवण
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी सूर्यदेव हैं। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के देवता विश्वेदेव हैं।
⚜️ योग – शुभ योग 06:42 AM तक, उसके बाद शुक्ल योग
प्रथम करण : तैतिल – 05:57 ए एम तक
द्वितीय करण : गर – 06:08 पी एम तक वणिज
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 4:51 बजे से 6:17 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:23:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:37:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:06 ए एम से 04:47 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:26 ए एम से 05:29 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:50 ए एम से 12:45 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:34 पी एम से 03:29 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:05 पी एम से 07:26 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 07:07 पी एम से 08:09 पी एम
💧 अमृत काल : 12:10 पी एम से 01:51 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:38 ए एम, मई 19
सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:29 ए एम से 06:52 पी एम
❄️ रवि योग : 06:52 पी एम से 05:28 ए एम, मई 19
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
💁🏻‍♀️ आज का उपाय- विष्णु मंदिर में बेल का शर्बत चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ प्रसिद्ध धार्मिक गुरु जय गुरुदेव स्मृति दिवस, भारतीय राजनेता थावर चंद गहलोत जन्म दिवस, विश्व बेकिंग दिवस, राष्ट्रीय गंदे बर्तन न रखने का दिवस, आई लव रीज दिवस, सौतेली माँ का दिवस, यू.के. में बाल दिवस, ऐंटी वैलेंटाइन डे, फ्लर्ट डे, राष्ट्रीय एचआईवी वैक्सीन जागरूकता दिवस, विश्व संचार दिवस, विश्व एड्स टीका दिवस, अर्थशास्त्री भास्कर नामदेव आदारकर जन्म दिवस, भारत के बारहवें प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा जन्म दिवस, अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस, पोखरण परमाणु विस्फोट दिवस (1974)
✍🏼 तिथि विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🗾 Vastu tips 🛕
नमक के पानी से हाथ धोने का तरीका सबसे पहले आप अपने रसोईघर में जाएं और डिब्बे में से दो या तीन चम्मच नमक निकाल लें. उसे अपनी हथेली के बीचोबीच रखें. फिर नल को इस तरह से खोलें कि उसका पानी धीमी गति से गिरे. अब आप उस पानी और नमक से अपनी दोनों हथेली को अच्छे से धोएं. धीमी गति से अपनी दोनों हथेली को आपस में रगड़ें ताकि नमक पानी के साथ अच्छे से घुल जाए और चारों ओर लग जाए. नमक से हाथ धोने के बाद अपनी हथेली को सूखा लें.
21 दिन करें नमक का उपाय यदि आपको लगता है कि आपका गुडलक कहीं फंस सा गया है, वह आपको नहीं मिल रहा है. आपके जीवन की पॉजिटिव एनर्जी कहीं पर रुक गई है तो आपको नमक के पानी से अपना हाथ धोना चाहिए. यह उपाय 21 दिनों तक करके देखना चाहिए. इस उपाय को करने से लाभ होने की संभावना है.
🎯 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
🌑 बड़ी इलायची: एक किचन का सितारा, सेहत का सहारा 🌑
जिस तरह किसी महल की शान होती है उसकी रानी, उसी तरह हर रसोई की असली रानी है – बड़ी इलायची! दिखने में भले ही ये काली और साधारण लगे, लेकिन इसके भीतर छिपी है सौ गुणों की रोशनी, आयुर्वेदिक चमत्कार और स्वास्थ्य का ऐसा रसायन जो न सिर्फ़ बीमारियों से दूर रखे बल्कि आपके शरीर को अंदर से नया जीवन दे दे! 🌟🧘‍♀️🌿
🌺 1. पाचन शक्ति की महारानी – बड़ी इलायची 🥗
खाने के बाद अगर पेट फूलता है? गैस बनती है? या फिर डकारें आती हैं? तो एक बार बड़ी इलायची को चबाकर देखिए… पूरा पेट बोलेगा – “थैंक यू!” 🙏
👉 बड़ी इलायची में होते हैं डायजेस्टिव ऑयल्स, जो आपके जठराग्नि को बल देते हैं।
👉 इससे खाना जल्दी पचता है, अपच और एसिडिटी से राहत मिलती है और मल त्याग भी सुचारु होता है।
👉 नियमित सेवन से पेट के रोगों का सफाया होता है।
🥂 आरोग्य संजीवनी 🍻
पुराने रोगों को जड़ से खत्म करने के लिए शुद्ध सरसों का तेल काफी है जो निम्नलिखित निराकरण है जो इस तरह हैं!
आपको होंठ फटने की समस्या वर्षो से है एवं सर्दी आते ही होंठ फटने की समस्या अधिक होती है होंठ फटने की समस्या से निजात पाने के लिए शुद्ध सरसों का तेल को तब तक गर्म करना है जब तक सरसों का तेल का रंग बदलता नहीं है!
उसके बाद सोने के पहले तलहटी में सरसों का तेल में रखना जरूरी है एवं धीरे धीरे उंगली के सहारे नाभि पर तेल लगाना जरूरी है अन्त में हल्के हल्के नाभि पर ही उंगली से मालिश करते रहना जरूरी है एवं इस तरह से सातों दिन तक लगातार नाभि पर तेल ही लगाना बहुत जरूरी है!
आठवें दिन जब किसी से मुलाकात होती है तो चेहरे की चमक होठों की लाली सबका मन मोह लेती है एवं इसके लिए न कोई क्रीम आदि इत्यादि की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि इस मामले में सरसों का तेल सबसे आगे है!
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
कर्म और भाग्य में से क्या ज्यादा मायने रखता है? कर्म और भाग्य दोनों ही हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मेरा ऐसा मानना है कि कर्म का महत्व ज़्यादा है क्यों कि कर्मों से ही हमारा भाग्य बनता है और कर्मों के आधार पर ही हमारा भविष्य निर्धारित होता है ।
यह एक ऐसा विषय से है जिस पर हर व्यक्ति की सोच भिन्न भिन्न हो सकती है ।कोई भाग्य को तो कोई कर्म को ज्यादा महत्वपूर्ण मानता।
कई बार हमारे मन में विचार आता है कि फलां व्यक्ति तो कितना खराब है । दुष्ट प्रवृत्ति का है । लेकिन उसे तो भगवान ने हर सुख सुविधा दे रखी है ।और कोई व्यक्ति सच्चा ,ईमानदार अच्छे विचारों वाला है। बेचारा दुखो का सामना कर रहा है ऐसा क्यों ???
आइए इसे समझते है इस कहानी के माध्यम से ✍️✍️
☀️ कर्म का नियम_
☀️
भगवान ने नारद जी से कहा, आप तो भ्रमण करते रहते हैं, मुझे कोई ऐसी घटना बताओ जिससे आप भ्रमित हो गए हों…
नारद जी बोले, प्रभु, मैं अभी जंगल से आ रहा हूँ, वहाँ एक गाय दलदल में फँसी हुई थी। उसे बचाने वाला कोई नहीं था।
तभी एक चोर वहाँ से गुजरा, वह गाय को फँसा हुआ देखकर भी नहीं रुका, उलटे उस पर पैर रखकर दलदल पार कर गया। आगे जाकर उसे सोने के सिक्कों से भरा एक थैला मिला। कुछ देर बाद वहाँ से एक बूढ़ा साधु गुजरा। उसने उस गाय को बचाने की पूरी कोशिश की। उसने अपने शरीर की पूरी ताकत लगाकर उस गाय को बचा लिया लेकिन मैंने देखा कि गाय को दलदल से निकालने के बाद वह साधु आगे जाकर एक गड्ढे में गिर गया और चोटिल हो गया। भगवान बताइए यह कैसा न्याय है।
भगवान मुस्कुराए, फिर बोले, नारद यह सही है। जो चोर गाय पर पैर रखकर भागा था, उसके भाग्य में खजाना था लेकिन अपने पाप के कारण उसे कुछ सिक्के ही मिले।
उस साधु को गड्ढे में गिरना पड़ा क्योंकि उसके भाग्य में मृत्यु लिखी थी लेकिन गाय द्वारा उसे बचा लेने के कारण उसके पुण्य बढ़ गए और उसकी मृत्यु एक छोटी सी चोट में बदल गई। व्यक्ति का भाग्य उसके कर्मों से तय होता है। अब नारद जी संतुष्ट हो गए।
व्यक्ति को सदैव अच्छे कर्मों में लगे रहना चाहिए ।क्योंकि जैसा कर्म करेंगे वैसा है परिणाम पाएंगे ,आज नहीं तो कल पाएंगे । ∝∝∝∝∝∝∝∝•⊰⧱⊱•∝∝∝∝∝∝∝∝∝
⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।।

Related Articles

Back to top button