Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 26 अगस्त 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 26 अगस्त 2025
26 अगस्त 2025 दिन मंगलवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष कि तृतीया तिथि है। आज हरियालिका तीज का पावन पावन एवं बहुत ही कठोर व्रत है। यह व्रत स्त्रियों के सौभाग्य की वृद्धि करने वाला होता है। जैन समुदाय में आज के इस तृतीया को रोटी तीज के रूप में मनाया जाता है। आज चंद्रमा का दर्शन निषिद्ध बताया गया है। अर्थात आज चंद्रमा को देखना नहीं चाहिए। परंतु चंद्रमा देवता शाम को 20:06 PM पर ही अस्त हो जाएंगे। आज आप लोगों को मात्र 20:06 बजे तक ही अपने आप को संभालना होगा। आज के इस व्रत को उड़ीसा में पत्थर चौथ और गौरी व्रत के नाम से भी बनाया जाता है। सनातन धर्म में हरितालिका तीज को बहुत ही खास माना जाता है। यह तीज व्रत अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सुख, सौभाग्य, समृद्धि पाने के लिए स्त्रियों द्वारा अखंड निराहार रखकर किया जाता है। वही कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए इस तीज व्रत को रखती हैं। इस व्रत में निर्जला रहना होता है इसलिए इसे बेहद कठिन माना जाता है। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। आप सभी सनातनियों को “हरितालिका तीज व्रत” की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनाएं एवं अनंत – अनंत बधाइयां।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
👸🏻 शिवराज शक 352_
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
☂️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – भाद्रपद मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि 01:54 PM तक उपरांत चतुर्थी
✏️ तिथि स्वामी – तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर जी है ।तृतीया: किसी भी पक्ष की तीसरी तारीख को तृतीया तिथि या तीज कहते है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र हस्त 06:04 AM तक उपरांत चित्रा
🪐 नक्षत्र स्वामी – हस्त नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है, जिसका स्वामी ग्रह बुध है, हस्त नक्षत्र के देव सूर्य देव (सवितृ) हैं।
⚜️ योग – साध्य योग 12:08 PM तक, उसके बाद शुभ योग
⚡ प्रथम करण : गर – 01:54 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : वणिज – 02:46 ए एम, अगस्त 27 तक विष्टि
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:19 बजे से 16:41 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:56:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:49:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:27 ए एम से 05:12 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:49 ए एम से 05:56 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:57 ए एम से 12:48 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:31 पी एम से 03:23 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:49 पी एम से 07:11 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:49 पी एम से 07:56 पी एम
💧 अमृत काल : 11:30 पी एम से 01:15 ए एम, अगस्त 27
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:01 ए एम, अगस्त 27 से 12:45 ए एम, अगस्त 27
❄️ रवि योग : पूरे दिन
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में बूंदी के लड्डू अर्पण करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – हरितालिका तीज व्रत/वराह जयंती/भद्रा/ चंद्रदर्शन निषेध/ रवि योग/ सर्वण गौरी व्रत/ गौरी व्रत (उड़ीसा)/ सामश्रावणी/ महिला समानता दिवस, राष्ट्रीय खेल दिवस, राष्ट्रीय नायक दिवस, राष्ट्रीय जाँच दिवस, राष्ट्रीय कुत्ता दिवस, राष्ट्रीय वेबमिस्ट्रेस दिवस, भारत रत्न सम्मानित मदर टेरेसा जयन्ती, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बंशीलाल जयन्ती, प्रसिद्ध राजनेत्री मेनका गांधी जयन्ती, हीरो साइकिल्स के सह संस्थापक भारतीय व्यापारी औम प्रकाश मुंजल जन्म दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी गणेश प्रभाकर प्रधान जन्म दिवस, राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा
✍🏼 तिथि विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
🪴 Vastu tips_ 🎋
मनी प्लांट को क्या मुख्य द्वार पर रख सकते हैं? जी हां! मनी प्लांट को घर के मुख्य द्वार पर रखने में कोई खराबी नहीं है। वास्तु के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर रखा मनी प्लांट घर में बरकत लाता है। हालांकि द्वार की उत्तर दिशा की ओर ही इसे रखें। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि मनी प्लांट के आस पास जूते-चप्पल, कूड़ा आदि न हो। ऐसा करने से मनी प्लांट की सकारात्मक ऊर्जा खराब हो सकती है।
मनी प्लांट लगाने के शुभ परिणाम मनी प्लांट लगाने से न केवल आपके घर में धन की बरकत होती है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा भी आपके जीवन में आती है। साथ ही मनी प्लांट के सकारात्मक प्रभाव से आपके जीवन की कई परेशानियां भी दूर हो सकती हैं। मनी प्लांट को घर में रखने से घर के लोगों की मानसिकता और स्वास्थ्य पर भी अच्छा प्रभाव देखने को मिलता है। हालांकि, इसे लगाते से वास्तु के नियम का पालन आपको हमेशा करना चाहिए।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
खाली-पेट नहाना: सुबह खाली-पेट नहाने से शरीर में शर्करा की कमी होती है। इससे शरीर को ऊर्जा नहीं मिलती। और चयापचय (metabolism) धीमा हो सकता है। इससे चक्कर आना और कमजोरी महसूस हो सकती है।
बहुत गर्म या ठंडे पानी से नहाना: बहुत गर्म पानी से नहाने से शरीर का तापमान बढ़ता है। रक्त वाहिकाएं फैलती हैं। अधिक-ठंडे पानी से शरीर को हलका-झटका (mild-shock) लगता है। दोनों ही स्थिति में रक्त-परिसंचरण प्रभावित हुए मस्तिष्क (दिमाग) तक प्राणवायु (oxygen) पहुंचने मे कमी कर सकती हैं।
शरीर में पानी की कमी (dehydration): कम पानी पीने की वजह से शरीर में तरल-द्रव (fluids) की कमी होती है। नहाते-समय शरीर को अतिरिक्त पानी आवश्यक होती है। इससे पानी की कमी से अशक्तताऔर चक्कर आने का संकट बढ़ता है।
लंबे समय तक खड़े-रहना: नहाते समय ज्यादा देर तक खड़े रहने से रक्त पैर की ओर जमा होता है। इससे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह कम हुए चक्कर आ सकते हैं।
अन्य चिकित्सकी (medical) कारण: यह समस्या बार-बार होती है तो यह अनियमित दिल की धड़कन, रक्तहीनता (anaemic), थायरॉइड, स्नायविक (neurological) समस्याएं या अन्य स्वास्थ्य-समस्या का संकेत भी हो सकता है।
🤷🏻♀️ सावधानियां: नहाने-पूर्व माश्ता करें या फल खाएं। गुनगुने पानी का प्रयोग करें। अधिक गर्म या ठंडा पानी न लें। नहाने के बाद तुरंत खड़े न हों। धीमे से उठें। दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें। बार-बार समस्या होने पर डॉक्टरीय परीक्षण कराएं।
🫓 आरोग्य संजीवनी 🍶
गोदन्ती भस्म—-मात्रा- 2 से 8 रत्ती तक ( बीमारी की गम्भीरता एवं व्यक्ति के बल के आधार पर चिकित्सक निर्धारित करता है)
🤷🏻♀️ उपयोग – इसकी भस्म ज्वर ( विशेष कर पित्त ज्वर) , जीर्णज्वर शिरदर्द, विषम ज्वर , स्त्रियों में होने वाले अत्यधिक मासिक स्राव ,सूखी खांसी , उच्च रक्तचाप, निद्रानाश, बैचेनी, आदि में इसका उपयोग करते हैं।
विषम ज्वर में सुदर्शन चूर्ण के साथ देने पर शीघ्र लाभ होता है
रक्तप्रदर में गोदन्ती भस्म+ पुष्यानुग चूर्ण व आंवला चूर्ण मिलाकर लेने से लाभ होता है।
शिरदर्द में घी ,मिश्री के साथ मिलाकर देने से लाभ होता है ( शिरदर्द किस कारण है पहले इसका निर्धारण अवश्य करें)
बार बार मलेरिया होता हो या बार बार ज्वर आता हो तो उसमे भी लाभदायक है
इसी प्रकार अन्य बहुत से रोगों में सम्बंधित विकार में सम्बंधित दोष शामक चूर्ण के साथ देने पर बहुत लाभ होता है।
👉🏼 नोट- ज्यादा मात्रा में या ज्यादा लंबे समय तक गोदन्ती भस्म का उपयोग नही करना चाहिए।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌸
!! सुखी-दुखी संसार !!
एक नगर में एक शीशमहल था। महल की हरेक दीवार पर सैकड़ों शीशे जडे़ हुए थे। एक दिन एक गुस्सैल कुत्ता महल में घुस गया। महल के भीतर उसे सैकड़ों कुत्ते दिखे, जो नाराज और दुखी लग रहे थे। उन्हें देखकर वह उन पर भौंकने लगा। उसे सैकड़ों कुत्ते अपने ऊपर भौंकते दिखने लगे। वह डरकर वहां से भाग गया। कुछ दूर जाकर उसने मन ही मन सोचा कि इससे बुरी कोई जगह नहीं हो सकती।
कुछ दिनों बाद एक अन्य कुत्ता शीशमहल पहुंचा। वह खुशमिजाज और जिंदादिल था। महल में घुसते ही उसे वहां सैकड़ों कुत्ते दुम हिलाकर स्वागत करते दिखे। उसका आत्मविश्वास बढ़ा और उसने खुश होकर सामने देखा तो उसे सैकड़ों कुत्ते खुशी जताते हुए नजर आए।
उसकी खुशी का ठिकाना न रहा। जब वह महल से बाहर आया तो उसने महल को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ स्थान और वहां के अनुभव को अपने जीवन का सबसे बढ़िया अनुभव माना। वहां फिर से आने के संकल्प के साथ वह वहां से रवाना हुआ।
शिक्षा:
संसार एक ऐसा शीशमहल है जिसमें व्यक्ति अपने विचारों के अनुरूप ही प्रतिक्रिया पाता है। जो लोग संसार को आनंद का बाजार मानते हैं,वे यहां से हर प्रकार के सुख और आनंद के अनुभव लेकर जाते हैं।
जो लोग इसे दु:खों का कारागार समझते हैं उनकी झोली में दुख और कटुता के सिवाय कुछ नहीं बचता..!!
जय श्री कृष्ण
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⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।।



