धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग बुधवार, 04 जून 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 04 जून 2025
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
☀️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – बुधवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष नवमी तिथि 11:54 PM तक उपरांत दशमी
✏️ तिथि स्वामी – नवमी की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है तथा हर क्षेत्र में सदा विजयी प्राप्त करता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 03:35 AM तक उपरांत हस्त
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र स्त्री नक्षत्र है और इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है।और स्वामी ग्रह शुक्र हैं।
⚜️ योग – वज्र योग 08:28 AM तक, उसके बाद सिद्धि योग
प्रथम करण : बालव – 10:51 ए एम तक
द्वितीय करण : कौलव – 11:54 पी एम तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 11:10 से 12:35 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:35 से 2:00 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:15:00
🌄 सूर्यास्तः- सायं 06:45:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:43 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:22 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 02:38 पी एम से 03:34 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:15 पी एम से 07:35 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:16 पी एम से 08:17 पी एम
💧 अमृत काल : 07:36 पी एम से 09:23 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:59 पी एम से 12:40 ए एम, जून 05
सर्वार्थ सिद्धि योग : 03:35 ए एम, जून 05 से 05:23 ए एम, जून 05
❄️ रवि योग : पूरे दिन
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को धर्मशास्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ महेश नवमी/ बीना राय जन्म दिवस, अशोक सराफ जन्म दिवस, अनिल कुमार शास्त्री जयन्ती, अनिल धीरूभाई अंबानी जयंती, अचंता लक्ष्मीपति पुण्य तिथि, आक्रामकता के शिकार मासूम बच्चों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, भारतीय प्रसिद्ध पार्श्वगायक एस. पी. बालासुब्रमण्यम जन्म दिवस, राष्ट्रीय सुरक्षित दिवस, राष्ट्रीय पनीर दिवस, थ्येनमान दिवस, लेखक अवनीश सिंह चौहान जन्म दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🏘️ Vastu tips_ 🏚️
यदि आप ड्राइंग रूम में कुछ परिवर्तन कर रहे हैं तो भारी सामान उत्तर या पूर्व दिशा में नहीं रखें। उसे दक्षिण या फिर पश्चिम की दीवार से लगा कर रखना शुभ होता है।
यदि आप टीवी लाए हों या पुराने टीवी को ही सही जगह रखना है तो इसे उत्तर की ओर ही लगाएं। दरअसल टीवी देखते समय आप का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
बुक सेल्फ, अलमारी अथवा अन्य वजनी सामान दक्षिण दिशा या फिर पश्चिम की दीवार से लगा कर रखना शुभ होता है। इससे घर में समृद्धी आएगी।
ड्राइंग रूम में व बच्चों के कमरे में हल्के रंग के पर्दे लगाना शुभ है। वहीं दीवार पर चटकदार लाल, नीला अथवा अन्य कोई गहरा कलर लगाएं।
यदि आप का घर पूर्वमुखी है या उत्तरमुखी है तो उस दिशा को स्वच्छ रखें। दक्षिण या पश्चिम में है तो उस दिशा के कमरों को साफ-सुथरा और सजा कर रखना चाहिए।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
निम्न लिखे कार्य मंगलवार के दिन करें
भगवान विश्वकर्मा वास्तुकला में निपुण हैं, इस नाते यदि आप घर को सुंदर और आकर्षक बनाना चाहते हैं तो घर मंगलवार के दिन बनाना शुरू करें।
यदि आप अपने क़र्ज़ को बिना किसी बाधा के चुकाना चाहते हैं तो क़र्ज़ की किश्त मंगलवार के दिन अदा करनी चाहिए।
यदि आप किसी भी स्वास्थ्य बाधा से परेशान हैं, जल्दी स्वस्थ होना चाहते हैं तो रोग का उपचार मंगलवार के दिन से शुरू करें। इसके इलावा सर्जरी करवाने के लिए भी मंगलवार का दिन शुभ होता है।
यदि आप शत्रु बाधा से परेशान हैं, बात कोर्ट केस तक जा पहुंची हो या फिर तलाक के लिए कोर्ट केस हो तो मुकदमे में जीत के लिए कोर्ट केस की शुरुआत मंगलवार से करें।
भगवान शिव को संगीत और नृत्य पसंद है। इस नाते यदि आप नृत्य या संगीत सीखना चाहते हैं तो इसकी शुरुआत मंगलवार से करें। इसके इलावा सितार, ढोलक, पिआनो यह सब भी मंगलवार के दिन खरीदने शुभ होते हैं।
जो वस्तुएं जन जीवन की हानि करती हैं, जैसे कि हथियार, छुरी, कटर, घर में सफाई के लिए फिनाइल आदि कैमिकल इनकी खरीदारी भी मंगलवार के दिन शुभ होती है।
यदि अनावश्यक ही घर के आसपास या घर की छत पर कोई पौदा निकल आया है, तो उसको मंगलवार के दिन हटा सकते हैं।
🎋 आरोग्य संजीवनी ☘️
कैसे करें इसका सेवन बॉडी में होने वाली शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए पीपल के फलों का पाउडर बना लें. इस पाउडर में बराबर मात्रा में मिश्री मिलाएं अच्छे से मिक्स कर लें. इस पाउडर को एक चम्मच सुबह एक चम्मच शाम में सेवन करें इससे आपके शरीर की कमजोरी दूर होगी बॉडी को भरपूर ताकत मिलेगी. पीपल के पौधे की पत्तियां टहनियां दोनों में ही औषधीय गुण मौजूद हैं. रोजाना सुबह एक पीपल का पत्ता चबा ले तो कई तरह की बीमारियों असरदार इलाज होगा. आइए जानते हैं कि पीपल के पत्तों का सेवन करने से कौन-कौन सी बीमारियों का उपचार होता है.
लिवर पीपल की पत्तियों का सेवन करने से लिवर की सेहत दुरुस्त रहती है. इन पत्तियों को पीसकर उनका पाउडर बना लें उसका सेवन दिन में दो बार करें लिवर हेल्दी रहेगा.
पेट जिन लोगों को पेट की परेशानी है या बॉडी में टॉक्सिन जमा हो गए हैं तो ऐसे लोग पीपल की पत्तियों का सेवन करें. इन पत्तियों का काढ़ा बनाकर इनका सेवन करें आपको गैस, एसिडिटी अपच से राहत मिलेगी. आप इस चाय का स्वाद बढ़ाने के लिए उसमें गुलाब की पत्तियां या मूलेठी का इस्तेमाल कर सकते हैं.
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
भक्ति करते भी हम दुखी क्यों है?
व्यक्तिगत तौर पर संसार में हमें जो वस्तुएं विभिन्न स्रोतों से प्राप्त होती हैं और जिन्हें हम उपयोग कर सकते हैं, प्रायः उन्हें हम अपनी मिल्कियत समझते हैं। वस्तुओं के प्राप्त न कर पाने के कारण दुखी भी होते हैं।
दूसरी ओर अपने कार्यस्थल पर जहाँ हम नौकरी करते हैं, वहाँ भी प्राप्त वस्तुओं का हम उपयोग तो वैसे ही करते हैं, परंतु, उन्हें हम अपनी मिल्कियत नहीं समझते, केवल ईमानदारी से उनका प्रबंधन करते हैं — “कर्मण्येवाधिकारस्ते” की तर्ज़ पर। क्योंकि हम जानते और मानते हैं कि वे वस्तुएं हमारी हैं ही नहीं। वे तो संस्था के मालिक की हैं।
यदि व्यक्तिगत तौर पर प्राप्त वस्तुओं को भी हम वैसा ही समझें, यानि अपनी मिल्कियत न समझें और स्वयं को केवल उनका प्रबंधक समझें तो कैसा रहेगा? बात केवल समझने भर की है, उन वस्तुओं का उपयोग तो हम मरते दम तक मालिक की ही तरह करते रहने वाले हैं। परंतु, मरने के बाद वे हमारी नहीं रहने वाली हैं — न तो मालिक के तौर पर और न ही प्रबंधक के तौर पर। दर असल वे हमारी थीं ही नहीं। तो किसकी हैं वे वस्तुएं? वे वस्तुएं भगवान की हैं। भगवान उन वस्तुओं का मालिक है। तो हमें उन वस्तुओं का उपयोग यथा-संभव भगवान के वचनों के अनुसार करना चाहिए। ध्यान रहे, उन वस्तुओं में पंच-तत्वों से बना हमारा शरीर भी शामिल है, किसी को कष्ट पहुँचाने के लिए या अन्य प्रकार से उसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
यदि हमारी अपनी कोई संपत्ति है तो वह हमारे साथ सदा उपलब्ध रहने वाली वस्तु यानि सर्वव्यापी परमेश्वर है, जो आश्चर्यजनक रूप से पूरे का पूरा सबका है।
जैसे ही यह बात हमारे अंतःकरण में उतरती है, हमारी वास्तविक भक्ति शुरू हो जाती है। बाक़ी धार्मिक परम्परागत पूजा-पाठ विधियाँ तो अस्थायी सांसारिक सुख-सुविधाओं को प्राप्त करने और अपनी सांसारिक इच्छाओं को पूरी करवाने के उपक्रम मात्र हैं, जिन्हें हम अज्ञानतावश भक्ति का नाम देते रहते हैं।
जब वास्तविक भक्ति नहीं, तो वास्तविक सुख और संतोष कैसे मिल सकता है। बात विचारणीय है।
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।।

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