किला बंदी के लिये डाली गई चाक

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । गौरझामर की ऐतिहासिक धरोहर गौड शासन काल का प्राचीन किला को सजाने संवारने व इसके खंडहर हो चुके अवशेषों को पुनं निर्माण कर पूर्व स्थिति मे वापिस लाने की कवायत भारतीय पुरातत्व विभाग के व्दारा मरम्मत की पुरानी स्थापत्य कला किला निर्माण शैली मे करने का काम काफी समय से किया जा रहा है किले के उत्तर दिशा स्थित प्रमुख प्रवेश व्दार पर सोमवार को किला संरक्षण के इन्जिनियर व्दारा किला परिसर मे लगने वाले इतवारा हाट बाजार के मध्य से चाक डालकर किला सीमा को चाक चौबंद करने का समाचार मिला है। बता दे इसके पहले भी पुरातत्व विभाग व्दारा इतवारा हाट बाजार के बीच मे अपने आधिपत्य क्षेत्र की सम्बन्धित भूमि की चाक डालकर तार फैन्सिग की गई थी जिसका स्थानीय जनता के व्दारा काफी विरोध किया गया था तब क्षेत्रिय विधायक बृजबिहारी पटैरिया के प्रयास व हस्तक्षेप से पुरातत्व विभाग को तब लगाई गई कथित तार फैन्सिग को हटाकर उसे मुख्य व्दार तक सीमित करने से समस्या का समाधान संभव हुआ था बताया जाता है की पिछले दिनो पुरातत्व विभाग व्दारा जो किला के पास बीच बाजार मे हदबंदी के तहत चाक डाली गई है चाक रेखानुसार यदि पुन तार फैन्सिग की जाती है तो उससे पहले की तरह समस्या फिर सामने आ जावेगी जिससे बाजार का स्वरुप प्रभावित होगा जनविरोध के पूर्व पुरातत्व विभाग के अधिकारी इस ओर शीघ्र ध्यान दे।



