मध्य प्रदेश

दादाजी धूनी वालों की नगरी साईंखेड़ा अपनी दुर्दशा पर बहा रहा आंसू

नगर परिषद हो रही नकारा सिद्ध
रिपोर्टर: कमलेश अवधिया
साईंखेड़ा । नगर परिषद साईंखेड़ा में जो काम चल रहे हैं उनकी लागत तो बहुत रूपयो की होती है पर वह इतने अच्छे कार्य नहीं हो पाते, तालाब सौंदर्यकरण में इतना पैसा खर्च हो रहा है पर कुछ दिख नहीं रहा, करोड़ों रुपए की लागत से होने वाला कार्य अपनी समय सीमा पर नहीं हो पाते और कुछ अड़ंगा आ जाता है अभी पूरी तालाब को खाली कराया गया है पर कहीं-कहीं से उसमें पानी भी जा रहा है अगर बरसात के पूर्व यह कार्य हो जाता है तो कुछ मतलब का है नहीं तो दो-चार महीने बाद बरसात चालू हो जाएगी फिर यह काम पेंडिंग में पड़ा रहेगा शासन का रुपया व्यर्थ में पानी में चला जाएगा। नवीन बस स्टैंड जो मवेशी बाजार में बनना है इसका ऐलान हुए भी 1 वर्ष होने जा रहा है पर अभी कुछ काम चालू ही नहीं हुआ, साईंखेड़ा नगर मात्र घोषणाओं का नगर है इसके आगे कुछ नहीं, देखा जाए तो नगर परिषद गठित हुए 10 साल से ऊपर हो गए और नगर की समस्याएं जैसी की तैसी है मवेशी बाजार स्थित जहां पर बुधवार के दिन मार्केट लगता है शनि मंदिर है हनुमान जी का मंदिर है प्रति शनिवार मंगलवार मंदिर पर भजन कीर्तन रामायण करने श्रद्धालु एकत्रित होते हैं इसी जगह पर नवरात्रि पर काली जी दुर्गा जी सहित दो प्रतिमा विराजमान होती हैं कभी-कभी इसी जगह पर भागवत पुराण भी संपन्न किए जाते हैं पर बीचों बीच खुली पड़ी नाली उसमें गंदगी जहां बाजार के दिन लोग अपनी दुकान भी लगाते हैं बैठकी बाजार वालों से पैसा तो वसूला जाता है पर उनको सुविधा नहीं दी जाती, ऐसी समस्याओं से नगर कब मुक्त होगा यह तो दादा धूनी वाले ही जाने।
नगर साईंखेड़ा जो दादाजी धूनी वालों के नाम से प्रदेश में ही नहीं देश के कोने-कोने में विख्यात है नगर का वह स्थान जहां लोगों को मुक्ति मिलने के पश्चात ले जाया जाता है पर वह जगह भी अपनी दुर्दशा बयां कर रहा है इतने रूयपों की लागत लगने के बाद भी वहां कोई व्यवस्थाएं नहीं है, निर्माण कार्य बंद पड़ा लोगों को अंतिम संस्कार करने में हो परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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