मध्य प्रदेश

हम नहीं सुधरेंगे : निरंकुश शिक्षक डीईओ की कार्रवाई के बाद भी स्कूल से गायब

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । नगर की शासकीय कन्या किला मिडिल स्कूल का जिला शिक्षाधिकारी ने फरवरी में आकस्मिक निरीक्षण किया था। तब भी 10 शिक्षकों में मात्र दो शिक्षक डियूटी पर मिले थे और शेष अकारण गायब थे। तब उन्होंने सभी को कारण बताओं नोटिस देने के साथ उनके वेतन रोकने की कार्रवाई की थी । लेकिन उसका कोई प्रभाव संबंधित शिक्षकों पर नहीं पड़ा उन्होंने आज भी अपनी स्थिति नहीं सुधारी है, जैसा ढर्रा पहले चल रहा था वैसा ही आज भी चल रहा है ।
वही स्थिति शनिवार को फिर ब्लॉक शिक्षाधिकारी राजेन्द्र श्रीवास्तव के औचक निरीक्षण के दौरान स्कूल में देखने को मिली । मात्र दो शिक्षक मिले और शेष 6 अकारण गायब मिले दो का मेडिकल पर जाना पाया गया।
अतिशेष लापरवाह शिक्षकों के लिए बदनाम शासकीय कन्या किला मिडिल स्कूल पिछले कई वर्षों से अव्यवस्था एवं लापरवाही के चलते शिक्षा विभाग सहित प्रशासनिक हल्के में चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के द्वारा बार-बार औचक निरीक्षण किए जाने पर एक दो शिक्षक के अतिरिक्त सभी गायब मिलते रहे । जिनके खिलाफ वेतन काटने से लेकर वेतन रोकने तक की कार्रवाई की गई है। उसके बावजूद भी यहां पदस्थ शिक्षक सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं । ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने कसम खा ली है कि हम नहीं सुधरेंगे ।
शनिवार को ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा सुबह 10:30 बजे से 4:30 बजे तक खुलने वाली शासकीय कन्या किला मिडिल स्कूल का दोपहर 2 बजे औचक निरीक्षण किया तो पाया कि स्कूल में मात्र प्रभारी शाला प्रभारी चंचल बलैया और एक अन्य शिक्षक मुकेश विश्वकर्मा के अतिरिक्त अन्य शिक्षक मौजूद नहीं है।
शेष आठ शिक्षक सीमा ठाकुर , शालिनी जैन, स्नेहलता जैन, सुनीता बलैया, रीता सोनी एवं रफिया बेगम अकारण गायब हैं । जबकि अधिकांश मेडिकल पर रहने वाले बीएस कर्णवंशी पुनः मेडिकल पर चले गए हैं।
प्रभारी शाला प्रभारी चंचल बलैया से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वह लोग प्रथम पारी में तो आए थे और हस्ताक्षर भी किए हैं लेकिन फिर चले गए । कक्षा पहली से आठवीं तक लगने वाले इस स्कूल में 65 विद्यार्थी दर्ज हैं । जिनमें से मात्र 12 विद्यार्थी उपस्थित हुए थे । लेकिन मध्याह भोजन सभी 65 विद्यार्थियों को देना दर्शाया गया है।
स्कूल में मात्र 65 विद्यार्थियों के नाम दर्ज हैं जबकि 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होना चाहिए । प्राथमिक शाला में दो एवं माध्यमिक शाला में तीन शिक्षक पदस्थ होने का नियम होने के बावजूद जहां 10 शिक्षक पदस्थ है ।
याने 5 अतिशेष होने के बाद भी शिक्षा विभाग द्वारा सांठगांठ के चलते खाली पड़े अन्य स्कूलों में इन्हें नहीं भेजा गया।
अगर देखा जाए तो 65 विद्यार्थियों पर तीन से ज्यादा शिक्षक पदस्थ नहीं होना चाहिए लेकिन नगरीय क्षेत्र होने के कारण 10 -10 शिक्षक बरसों से जहां जमे हुए हैं।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र श्रीवास्तव ने क्षेत्र के जनशिक्षक भूपत सिंह राजपूत को भी सूचना देकर स्कूल में बुलवाया और उनसे भी पूछा गया कि आपके द्वारा क्या निरीक्षण किया जा रहा है कि बड़ी संख्या में शिक्षक गायब हैं और विद्यार्थी भी स्कूल नहीं आ रहे हैं । इस पर वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए ।
ब्लॉक शिक्षाधिकारी राजेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान 6 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए । जिनके वेतन काटने की कार्रवाई की जा रही है । पदस्थ 10 शिक्षकों में से दो शिक्षक मेडिकल पर बताए गए हैं । वही प्रधानाध्यापक बीएस कर्णवंशी द्वारा भी 1 जुलाई से मेडिकल अवकाश ले लिया गया है। पिछले 6 माह से सीमा ठाकुर एवं 5 माह से चंचल बलैया मेडिकल पर है ।

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