जर्जर बिल्डिग के डिस्मेंटल आदेश के बाद भी हादसे का इंतजार क्यों?

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । वर्षा ऋतु के इस मौसम मे जहा पुराने खस्ताहाल जर्जर मकान लोगो को खतरा साबित हो रहे है इन सब के कही न कही दुखद समाचार भी देखने सुनने को मिल रहे है गौरझामर ऐसी खतरनाक बिल्डिगो से अछूता नही हैं यहा पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय गौरझामर की जर्जर बिल्डिग को गिराने के आदेश मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग चुप्पी साधे हुए है लोगो का कहना है की सम्बन्धित विभाग एक साल से भवन डिस्मेन्टल के आदेश लिये क्या किसी बडे हादसे के इंतजार मे बैठा हुआ है ? बता दे की गत वर्ष शासन व्दारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय गौरझामर की पुरानी बिल्डिग को गिराकर उसके स्थान पर अतिरिक्त कमरो की डबल स्टोरी बिल्डिग बनाने हेतु करीब डेढ करोड रूपयो की राशि स्वीकृत कि हैं चिन्ता का बिषय तो यह है की जब सारे रास्ते खुले है तब नवीन बिल्डिग बनाने मे विभाग व्दारा इतना लम्बा वक्त किसलिये लिया जा रहा है विदित हो की कथित हीलाहबाली एवं अध्ययन रत करीब एक हजार से ऊपर छात्राओ के भविष्य को लेकर चिंतित परेशान यहा के संभ्रांत नागरिको अभिभावको पत्रकारो ने गत वर्ष प्रशासन को जगाने के लिये स्थानीय श्री हनुमान चौराहे पर तम्बू तानकर क्रमिक भूख हडताल की थी तब जाकर प्रशासन हरकत मे आया था इतने व्यापक जन आंदोलन होने के बावजूद सम्बंधित अधिकारियो की ढुलमुल नीति लोगो की समझ से परे है उल्लेखनीय है की भवन के अभाव में एक हजार छात्राओ को मजबूरी मे कन्या मिडिल स्कूल के पुराने व संकीर्ण कमरो मे पढना पड रहा है शासन इस ओर शीघ्र ध्यान दे।



