मध्य प्रदेश

अब किस हादसे के इंतजार में हो साहब? भीषण हादसे के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार

आज तक नहीं लग पाया पकरिया मोड़ पर संकेतक
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया

उमरियापान । 14 नवम्बर 2022 का वो काला दिन जिसे याद करके मृतक आशु कोल के परिजन सिसक जाते है और मृतक आशु अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन परिजन आज भी उसकी फोटो के आगे बेबसी भरी आंखो से देखते है लेकिन प्रशासन के नकारापन के कारण आज भी उक्त अंधे मोड़ में संकेतक नहीं लगाया है और ऐसा लगता है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में बैठा है।
उल्लेखनीय है कि उमरियापान से सिहोरा रोड के बीच ग्राम पकरिया गांव के आगे एक अंधा मोड़ है जहां पर किसी तरह का संकेतक नहीं लगाया है जिस कारण से उक्त मोड़ पर आये दिन हादसे होते रहते है। 14 नवम्बर 2022 को जबलपुर के ग्राम खुडावल से शहडोल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आदिवासी दिवस कार्यक्रम में शामिल होने जा रही ग्रामीणों से भरी बस अनियंत्रित होकर इसी मोड़ में पलट गई। हादसे में एक युवक की मौत हो गई है, वहीं 15 से अधिक लोग घायल हो गए थे। चूंकि उक्त मामला राष्ट्रपति के आगमन में जा रही बस का था। लिहाजा जिले का पूरा प्रशासन उक्त घटना स्थल पर पहुंचा , कलेक्टर अवि प्रसाद भी मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना करने के बाद उनके द्वारा संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि तत्काल अंधे मोड़ पर संकेतक लगाये जाये लेकिन कलेक्टर के निर्देशों को भी विभागीय अधिकारियों ने कूड़े में फेंक दिया और आज दिनांक तक उक्त खतरनाक मोड़ पर संकेतक नहीं लगाये गये है। जिस तरह से प्रशासन द्वारा बार-बार लापरवाही की जा रही है इससे किसी भी दिन कोई बड़ी घटना हो सकती है।
कलेक्टर के आदेश को नहीं मानते अधिकारी
14 नवम्बर 2022 को उक्त भीषण सड़क हादसे के बाद जिले का पूरा प्रशासन मौके पर पहुंचा, कलेक्टर अवि प्रसाद और एसपी भी घटना स्थल पर पहुंचे और निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि यदि संकेतक लगा होता हो इस तरह की घटना नहीं होती। कलेक्टर द्वारा संबंधित विभागीय अधिकारी को निर्देशित किया गया कि तत्काल उक्त अंधे मोड़ पर संकेतक लगाये, लेकिन इसके बाद भी आज दिनांक तक उक्त स्थान पर संकेतक नहीं लगाया गया जिससे आये दिन यहां पर दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है।
चलने लायक नहीं बची सड़क
वर्तमान समय में उमरियापान से सिहोरा रोड में कई जगह बड़े-बड़े गड्ढें हो गये है लेकिन इस बात से पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कर्मचारी बेफ्रिक नजर आ रहे है। आये दिन उक्त रोड पर हादसे हो रहे है। यह रोड सिहोरा से विलायतकला होते हुये छत्तीसगढ़ को निकलता है जिस कारण से भारी भरकम वाहन इस मार्ग से गुजरते है और उक्त मार्ग की क्षमता उक्त वाहनों को सहन करने की नहीं है। जिस कारण से सड़क बनने के कुछ दिनों बाद ही परखच्चें उड़ जाते है। जगह-जगह बड़े बडे गढ्ढे हो गये है लेकिन मरम्मत के नाम पर लीपापोती की जा रही है।
पूर्व की घटना से नहीं लिया सबक
स्मरण रहे कि उक्त अंधे मोड़ में पूर्व में कई हादसे हुई है लेकिन हर बार की तरह प्रशासन ने उक्त घटना को भी भूला दिया और जिस तरह से विभागीय अधिकारी कर्मचारी काम रहे है इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ये किसी बड़ी घटना के इंतजार में बैठे है।

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