मध्य प्रदेश

सरपंच पति पर फर्जी हस्ताक्षर से पंचायत राशि गबन के आरोप

ग्रामीणों ने सीईओ को सौंपा आवेदन, वर्ष 2023 से 2026 तक के सभी कार्यों की जांच की मांग
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । ढीमरखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत बरेली (बार) के अंतर्गत आने वाले ग्राम बरेली, बार एवं भनपुरा कला के ग्रामीणों ने पंचायत में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, विकासखंड ढीमरखेड़ा को आवेदन सौंपकर जांच एवं कार्रवाई की मांग की है ।  ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि महिला सरपंच निर्मला ठाकुर की जानकारी के बिना उनके पति जयपाल सिंह द्वारा कथित रूप से सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर कर पंचायत को प्राप्त शासकीय राशि का आहरण किया गया ।
ग्रामीणों के अनुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना सहित चबूतरा निर्माण, सीसी निर्माण, नाली सफाई एवं अन्य पंचायत कार्यों में अनियमितता किए जाने का आरोप है । आवेदन में दावा किया गया है कि कई कार्य आज भी अधूरे पड़े हैं, जबकि संबंधित कार्यों की राशि कथित रूप से फर्जी बिलों के माध्यम से आहरित कर ली गई है ।
*फर्जी वेंडर और मजदूरों के नाम पर भुगतान का आरोप*
ग्रामीणों ने वर्ष 2023 से 2026 के बीच पंचायत में संचालित सभी शासकीय योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत जांच कराने की मांग की है ।  आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कथित तौर पर फर्जी वेंडरों एवं फर्जी मजदूरों के नाम दर्ज कर शासन की राशि का भुगतान कराया गया ।  ग्रामीणों ने आवेदन के साथ कथित फर्जी मजदूरों की सूची एवं बिलों से संबंधित दस्तावेज संलग्न किए जाने की बात कही है ।
*पंचायत के खातों पर रोक लगाने की मांग*
ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक ग्राम पंचायत के समस्त खातों पर रोक लगाई जाए, ताकि शासकीय राशि के लेन-देन की जांच प्रभावित न हो और रिकॉर्ड सुरक्षित रहे ।  साथ ही मजदूरी भुगतान, बिलों तथा मौके पर हुए निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की गई है ।
*आय से अधिक संपत्ति की जांच की भी मांग*
आवेदन में सरपंच पति की कथित आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने की मांग का भी उल्लेख किया गया है । ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में लोकायुक्त को भी कार्रवाई के लिए प्रति भेजी गई है ।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा शासन की राशि की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है ।

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