मध्य प्रदेश

चिंकी बोरास सिंचाई परियोजना से कृषि के क्षेत्र में आएगी क्रांति, जिले की 70635 हैक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित- सभापति रामपालसिंह

मप्र विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सभापति रामपाल सिंह तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने चिंकी बोरास सिंचाई परियोजना स्थल का किया निरीक्षण
रायसेन । नमप्र विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सभापति तथा सिलवानी विधायक रामपाल सिंह द्वारा उदयपुरा क्षेत्र में चिंकी बोरास सिंचाई परियोजना स्थल का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्राम चौरास में आकर मॉ नर्मदा जी के दर्शन करके सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। चिंकी बोरास सिंचाई परियोजना वरदान साबित होगी। इस परियोजना से कृषि के क्षेत्र में क्रांति आएगी और जिले के 250 गॉवों की 70635 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
विधायक रामपाल सिंह ने कहा कि इस परियोजना से कोई गॉव नहीं डूबेगा तथा जो खेत और भूमि डूब में आएगी उसका लिए शासन के नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। इस परियोजना से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे फसल उत्पादकता में वृद्धि होगी और किसान भाईयों की आमदानी में वृद्धि होगी। इसके अलावा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नवीन अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए वह लगातार काम रहे हैं। विकास के किसी भी मामले में क्षेत्र पीछे नहीं रहेगा।
विधायक रामपाल सिंह ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। सिंचाई के रकबे में लगातार वृद्धि की जा रही है। प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत हर साल 10 हजार रू की राशि किसानों को दी जा रही है। गॉव-गॉव को सड़कों से जोड़ा गया है। नवीन सड़के भी बनाई जा रही हैं। युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। विधायक रामपाल सिंह ने उपस्थित नागरिकों को मप्र विधानसभा की प्राक्कलन समिति और समिति द्वारा किए जाने वाले कार्यो के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक रामकिशन पटेल ने भी संबोधित किया।
कलेक्टर अरविंद दुबे ने बताया कि मप्र विधानसभा की प्राक्कलन समिति जिले में दो दिवसीय भ्रमण पर रही। आज चिंकी बोरास परियोजना के कार्य को देखने आई है। उन्होंने बताया कि तीन जगह जनसुनवाई की गई। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया गया है। कलेक्टर अरविंद दुबे ने नागरिकों को जनसेवा अभियान के द्वितीय चरण के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि शासकीय कार्यालयों, गॉवों तथा वार्डो में शिविर लगातार 67 सेवाओं से संबंधित लंबित आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। साथ ही नवीन आवेदनों का भी निराकरण किया जा रहा है। नागरिक शासन की किसी भी सेवा के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा अधिक से अधिक सेवाएं प्रदान किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, विधानसभा सचिवालय के अपर सचिव वीरेन्द्र सिंह, सचिवालय समिति अधिकारी एमएल मनवानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
चिंकी बोरास बराज संयुक्त बहुउद्देशीय परियोजना
नर्मदा घाटी विकास विभाग मप्र शासन द्वारा चिंकी बोरास बराज संयुक्त बहुउद्देशीय परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति राशि 5839.32 करोड़ रू प्रदाय की गई है।
रायसेन जिले के उदयपुरा तहसील के ग्राम बोरास के समीप नर्मदा नदी पर 631.50 लम्बाई तथा 17.25 मीटर ऊंचाई के बैराज का निर्माण एवं न्यूनतम 25 मेगावाट की स्थापित क्षमता वाला जल विद्युतगृह का निर्माण कराया जा रहा है। बराज निर्माण से 107.17 मि.घ.मी. की कुल भण्डारण क्षमता का जलाशय निर्मित होगा। बोरास बराज से बाढ़ की जल निकाली हेतु 9 मीटर ऊंचाई के 30 जल द्वारों का प्रावधान है। नरसिंहपुर जिले के करेली तहसील के ग्राम चिनकी के समीप भी 404.10 मीटर लम्बाई तथा 25.92 मीटर ऊंचाई के बराज का निर्माण एवं न्यूनतम 25 मेगावाट की स्थापित क्षमता वाला जल विद्युतगृह का निर्माण कराया जाना है।
इन दोनों बराज की संयुक्त परियोजना से नर्मदा नदी से पांच अलग-अलग स्थानों से कुल 486 मि.घ.मी. जल उद्वहन किया जाकर रायसेन जिले की 70635 हैक्टेयर, होशंगाबाद जिले की 20190 हैक्टेयर और नरसिंहपुर जिले की 41100 हैक्टेयर क्षेत्र में प्रेशराईज्ड पाईप प्रणाली द्वारा सिंचाई सुविधा प्रदान की जाएगी। एजेंसी द्वारा रायसेन जिले के ककरूवा गांव के समीप एमएस पाईप फेब्रिकेशन साईट स्थापित की गई है। साईट पर 3162.24 मेट्रिक टन एमएस प्लेट प्राप्त की जा चुकी है एवं 2400 एमएम व्यास के 218 पाईप फेब्रिकेशन का कार्य किया जा चुका है। पाईप फेब्रिकेशन का कार्य प्रगति पर है।

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