जिओ और जीने दो का संदेश देने वाले भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक पर जैन समाज ने निकाली भव्य शोभा यात्रा
मुनि संध के सानिध्य में निकाली शोभायात्रा में झूमते नाचते शामिल हुए समाजजन
पुष्प वर्षा कर शोभा यात्रा का किया स्वागत
सिलवानी । अहिंसा के प्रणेता, जिओ और जीने दो का संदेश देने वाले जैन धर्म के अंतिम तीर्थकर भगवान महावीर स्वामी का 2622 वा जन्म कल्याणक नगर में पार्ष्वनाथ दिगंबर जैन समाज के द्वारा आस्था, श्रद्वा, भक्ति भाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक ठाकुर रामपाल सिंह राजपूत, सिलवानी सहित में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।
दोंपहर के समय पार्श्वनाथ जिनालय से भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। जो कि आजाद मार्केट, समैया मार्केट, कुशवाहा धर्मशाला, त्रिमूर्ति जिनालय, बजरंग चौराहा, गांधी चौक, पुराना बस स्टेण्ड, अम्बेडकर वार्ड आदि रास्तो से गुजरती हुई प्रारंभिक स्थल पर पहुंच कर समाप्त हो गई। मुनि प्रशम सागर महाराज व मुनि साध्य सागर महाराज के सानिध्य में निकली गई शोभा यात्रा में रथ, डीजे, ढोल आदि को शामिल किया गया। अश्व पर सवार युवक धर्म ध्वजा
लहलहाते हुए चल रहे थे। ट्रालीनुमा रथ में भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा को रखा गया था। जिस में सवार नगर परिषद अध्यक्ष रेशु विभोर नायक व कमलेश जैन चंबर चलाती हुई चल रही थी। इसके अतिरिक्त भजन मंडली के सदस्य ढोलक, हारमोनियम व मंजीरो की लय पर भजनो का कर रहे थें।
कार्यक्रम में चांदी जडि़त विमान में भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा को रखा गया था। इस विमान को जैन समाज के लोग श्रद्वा पूर्वक कंधे पर उठाए जय कारा लगाते हुए चल रहे थे, महावीर स्वामी की प्रतिमा का अनेको स्थानो पर समाजजनो के द्वारा आरती उतारी गई। इसके अतिरिक्त चल समारोह की अंतिम कड़ी में शामिल महिलाए आकर्षक परिधान पहने कतार बद्व होकर चल रही महिलाए मंगल भजनो का गायन कार्यक्रम को सार्थकता प्रदान कर रही थी। शोभा यात्रा में शामिल हुए मुनि प्रशम सागर महाराज व मुनि साध्यसागर महाराज का अनेको स्थानो पर समाजजनो के द्वारा पाद प्रक्षालन किया जाकर आरती उतार कर आशीर्वाद प्राप्त किया। शोभा यात्रा का हिंदु संगठनो के कार्यकर्ताओं के द्वारा भी स्वागत किया गया । महावीर जयंती के अवसर पर सुबह के समय नगर में वाहन रैली निकाली गई तथा अस्पताल में मरीजो को फलो का वितरण समाजजनो के द्वारा किया गया। पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, तारण तरण जैन चैत्यालय व त्रिमूर्ति जिनालय में इस मौके पर विविध कार्यक्रम भी संपन्न किए गए ।



