फर्जी रजिस्ट्री और अनियमितताओं पर प्रशासन सख्त, दो उप-पंजीयक निलंबित

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की चेतावनी—दोषियों पर होगी वैधानिक कार्रवाई, निर्धारित शुल्क से अधिक राशि न दें नागरिक
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। जिले के पंजीयन कार्यालयों में कथित अनियमितताओं, फर्जी रजिस्ट्री और टोकन के नाम पर आम नागरिकों को परेशान किए जाने की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। कर्तव्य निर्वहन में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर उप-पंजीयक ज्योति पटेल और प्रभारी उप-पंजीयक विमल कुमार साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आकस्मिक निरीक्षण और संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जांच प्रतिवेदनों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि भूमि का वास्तविक स्वामी कोई और है, जबकि रजिस्ट्री किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से कर दी जाती है। इसके अलावा पंजीयन कार्यालयों में बाहरी व्यक्तियों की भूमिका और टोकन के नाम पर लोगों को परेशान किए जाने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आकस्मिक निरीक्षण कराया गया और संबंधित एसडीएम से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई।
महिला के नाम की जमीन की बिक्री का मामला आया सामने
कलेक्टर प्रताव नारायण यादव ने बताया कि जांच के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें जमीन महिला के नाम पर दर्ज थी, लेकिन उसकी बिक्री पुरुष द्वारा किए जाने का मामला सामने आया। ऐसी स्थिति में संबंधित उप-पंजीयक का दायित्व था कि दस्तावेजों और विक्रेता के अधिकारों की समुचित जांच की जाती। प्रथम दृष्टया आवश्यक जांच के बिना रजिस्ट्री किए जाने को गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि जबेरा उप-पंजीयक के कार्यक्षेत्र के एक गांव की भूमि की रजिस्ट्री बटियागढ़ में जबेरा के पोर्टल की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का उपयोग कर किए जाने का मामला भी सामने आया है। प्रशासन के अनुसार यह मामला गंभीर वित्तीय अथवा अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं की आशंका से जुड़ा है। मामले में जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रजिस्ट्री लेखन शुल्क 1,000 रुपये, अतिरिक्त राशि न दें
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिला पंजीयक और सभी उप-पंजीयकों को निर्देश दिए हैं कि पंजीयन कार्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित शुल्क की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। इसके लिए कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर सूचना लगाने के साथ दीवारों पर भी शुल्क संबंधी जानकारी लिखवाई जाएगी, ताकि नागरिकों को निर्धारित राशि की जानकारी आसानी से मिल सके।
कलेक्टर ने बताया कि रजिस्ट्री लेखन के लिए 1,000 रुपये शुल्क निर्धारित है। इसके अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी, पंजीयन शुल्क, पंचायत उपकर और अन्य लागू शुल्क का विवरण रजिस्ट्री के प्रथम पृष्ठ पर अंकित रहता है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित शुल्क के अनुसार ही भुगतान करें और किसी भी प्रकार की अनावश्यक अतिरिक्त राशि न दें।
अतिरिक्त राशि मांगने पर करें शिकायत
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने नागरिकों से कहा कि यदि पंजीयन कार्यालय में कोई व्यक्ति अनावश्यक राशि मांगता है, टोकन के नाम पर परेशान करता है या निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे मांगता है, तो इसकी शिकायत प्रशासन द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम नंबर पर करें। संबंधित एसडीएम और जिला पंजीयक के संपर्क नंबर भी कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि नागरिक सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
उन्होंने कहा कि शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने या किसी व्यक्ति द्वारा अनुचित मांग किए जाने पर नागरिक कलेक्टर के फेसबुक पेज पर कमेंट के माध्यम से भी प्रशासन को अवगत करा सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी।
पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट किया कि पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना, आमजन को अनावश्यक परेशानी से बचाना और अनियमितताओं पर प्रभावी कार्रवाई करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंजीयन कार्यालयों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा नागरिकों को शासन द्वारा तय शुल्क से अधिक राशि देने के लिए बाध्य न किया जाए।



