गौरक्षक एवं बजरंग दल कार्यकर्ता पहुंचे सांईखेड़ा गौशाला, अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
सिलवानी। पिछले कई दिनों से सांईखेड़ा की गौशाला में गौवंश की हो रही दुर्दशा की खबरों के बाद बड़ी संख्या में गौरक्षक एवं बजरंग दल, विहिप कार्यकर्ता गौषाला पहुंचे। और गौशाला की अव्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र ही गौशाला का निर्माण पूर्ण कर सुचारू रूप से प्रारंभ करने की मांग की।
ज्ञातव्य है कि एक माह पूर्व क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व केबिनेट मंत्री रामपाल सिंह राजपूत ने 37 लाख की लागत की गौशाला का उद्घाटन किया गया था। उद्घाटन के समय बड़ी संख्या में गौवंश को भी गौशाला में रखा गया परंतु उद्घाटन के बाद गौशाला को बंद कर दिया गया। गौरक्षकों ने बताया कि गौशाला आधी अधूरी है और निर्माण कार्य भी काफी घटिया स्तर है। और अभी से क्षतिग्रस्त होने लगी है। पानी की होदियां के पानी में काई जम रही है, वहीं गौशाला के सामने खुले आसमान के नीचे गौवंश को ग्रामीणों के सहयोग से धान की पियाली खाने की व्यवस्था की गई है। जबकि गौशाला के भंडारगृह में भूसा भरा हुआ है।
अधूरी गौशाला का उद्घाटन
पिछले दिनों को आधी अधूरी बनी गौशाला का उद्घाटन पूर्व क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व केबिनेट मंत्री रामपाल सिंह राजपूत द्वारा किया गया था, कार्यकर्ताओं का कहना है कि आधी अधूरी गौशाला के उद्घाटन की क्या जल्दबाजी थी, वहीं मीडिया में गौशाला की दुर्दशा की खबरें प्रकाशित होने पर जनपद पंचायत की सीईओ ने उक्त गौशाला का रविवार को निरीक्षण किया। मनरेगा एसडीओ सुुशील गोयल ने बताया कि गौशाला का 80 प्रतिशत कार्य ही हुआ है। दो कमरे और शौचालय का निर्माण होना शेष है। जानकारी के अनुसार गौशाला निर्माण की 35 लाख की राशि आहरण हो चुकी है।
निर्माण कार्य सूचना बोर्ड पर नहीं जानकारी
गौशाला निर्माण का निर्माण महात्मा गांधी राष्टीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड तो लगाया गया परंतु कार्य प्रारंभ, पूर्ण, लागत की जानकारी अंकित नहीं की गई है।
निर्माणाधीन गौशालाओं में अधूरे कार्य भी और अनियमितताए
विकास खंड में ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य किया जा रहा है कई जगह निर्माण कार्य अधूरे ही पड़े हैं ऐसा ही मामला शासन के द्वारा आवारा विचरण करने वाली गायों को आशियाना बनाने हेतु जहां राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत 37 लाख की राशि को पंचायत स्तर पर प्रदान किए गए हैं और बेहतर सर्व सुविधा युक्त गौशाला निर्माण कराने हेतु तय मापदंड निर्धारित किए गए हैं। लेकिन इन दिनों जनपद पंचायत सिलवानी की ग्राम पंचायतों में लगभग 15 माह का समय व्यतीत हो जाने के बाद भी गौशालाओं का संचालन प्रारंभ नहीं हो पाया है। डेंटिंग पेंटिंग से लैस होकर बनकर दिखाई दे रही है, लेकिन स्थाई पंचायत प्रबंधन की उदासीनता के कारण 15 महीने का समय व्यतीत होने के बाद भी बिजली पानी सहित भूसा चारे की व्यवस्था न होने के कारण बंद पड़ी है और आवारा विचरण करने वाले मवेशी दर-दर की ठोकरें खाते घूम रहे हैं। साथ ही किसानों के द्वारा भी नुकसान होना बताया जा रहा है और जनपद पंचायत के अधिकारी बेखबर बने हुए हैं।
इस संबंध में जनपद पंचायत सिलवानी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रश्मि चौहान का कहना है कि सांईखेड़ा गौशाला का उद्घाटन मैंने तो नहीं कराया, उद्घाटन गांव वालों की डिमांड थी, गाय जो रोड पर थी उनकी वैकल्पिक व्यवस्था की गई।




