मध्य प्रदेश

बुंदेलखंड का एक उपेक्षित हिस्सा रेलवे लाइन से वंचित

रिपोर्टर : कुन्दनलाल चौरसिया
गौरझामर । मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड का एक उपेक्षित व पिछडा हिस्सा रेलवे लाइन से आज भी अधूरा पड़ा हुआ है ऐसे सुदूरवर्ती उपेक्षित क्षेत्र को यदि रेलवे लाइन की सौगात मिलती है तो यह कृषि प्रधान क्षेत्र औद्योगिक क्रांति में अग्रणी भूमिका निभा सकता है बीड़ी उद्योग में जकड़ा यह क्षेत्र मूलतः अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है जहां का मुख्य व्यवसाय व कार्य कृषि और कृषि मजदूरी है क्षेत्र को जोड़ने व आने जाने हेतु यहां एकमात्र सड़क मार्ग ही लोगों को उपलब्ध हैं जो महंगी यात्रा के कारण लोगों की कमर तोड़ रहे हैं यहां पर रेल लाइन नहीं होने के कारण यहां का विकास नहीं हो पा रहा है कृषि प्रधान क्षेत्र को रेलवे लाइन का अभाव बेहद खल रहा है। अपने कृषि उत्पाद को देश के कोने कोने तक पहुंचाने हेतु सस्ती सुविधा केवल रेल मार्ग से ही संभव है । क्षेत्रवासियों ने पूर्व में सागर से सुरखी, गौरझामर, देवरी, बरमान होते हुए करेली रेल लाइन डालने की मांग पुरजोर रूप से की थी इस मांग को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसे और व्यापक बनाते हुए सागर करेली रेल लाइन को ललितपुर से सागर गौरझामर करेली नरसिंहपुर होते हुए अपने निर्वाचन क्षेत्र तथा कर्म स्थली छिंदवाड़ा तक बढ़ाने की मांग केंद्रीय रेल मंत्रालय के समक्ष रखी थी भारत सरकार द्वारा इस ओर सक्रिय रुप से ध्यान नहीं दिए जाने से यह महत्वपूर्ण रेल मार्ग ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है ।भारतवर्ष के केंद्रीय मध्य प्रदेश के ह्रदय स्थल बुंदेलखंड की धरती पर रेल लाइन बिछाने की कवायद हेतु क्षेत्र की जनता राजनीतिक एवं सामाजिक संगठन नागरिक मोर्चा ने इसे अमलीजामा पहनाने हेतु आंदोलन कर केंद्र सरकार को जगाने के प्रयास किए हैं बता दें कि इस नई रेल लाइन के डाले जाने से लोगों की यात्रा संबंधी मुश्किल काफी हद तक आसान हो जावेगी साथ ही लोगों को अभी जो चक्कर दार रास्तों से होकर कई किलोमीटर दूर से गंतव्य तक जाना पड़ रहा है। उसके समय व किराये में काफी बचत होगी नवीन रेल लाइन के डाले जाने से इस क्षेत्र के हजारों लाखों बेरोजगार रोजगार से लग जावेगे इसके अलावा जो बीना कटनी रेल लाइन पर रेलों का काफी दबाव बढ़ गया है उसे भी राहत मिलेगी भारत सरकार इस महत्वपूर्ण रेल लाइन को शीघ्र अमलीजामा पहनाए जिससे इस उपेक्षित क्षेत्र को औद्योगिक क्रांति का लाभ मिल सके और यहां के कृषि प्रधान क्षेत्र की उन्नति तेजी से हो सके।

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