मंत्री जी के नाम पर चूना लगा !

हरीश मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
रायसेन । जब भी मंत्री जी या अन्य माननीयों का नगर आगमन होता है, तो आगमन के साथ नगर पालिका को लाखों रुपए का चूना लग जाता है।
नगर पालिका परिषद ने अतिथियों के आगमन पर सड़क के दोनों और चूना डालने के लिए 10 अक्टूबर 22 से 21 मार्च 23 तक 12000 किलो चूना खरीदा
जिसका 131000/ का भुगतान किया गया।
मंत्री जी !! नगर पालिका की वित्तीय स्थिति खराब है। कर्मचारियों को बांटने के लिए पैसा नहीं है। विकास कार्य बंद पड़े हैं। बिजली बिल बकाया है।परिषद भवन की पुताई हो नहीं पा रही। तब आपके आगमन पर खरीदे गए चूने से अधिकारी, कर्मचारी , जनप्रतिनिधि वैधानिक रूप से चूना लगा रहे हैं।
यदि आप वर्चुअल रूप से उद्घाटन, बैठक करें तो लाखों रुपए का चूना लगने से नगर पालिका परिषद बच सकती है।
परिषद ने उत्सव ट्रेडर्स रायसेन से 13 फरवरी 23 को ₹20000 का, 16 फरवरी 23 को ₹40000 का चूना खरीदा।
सिर्फ तीन दिन में ही परिषद को 60000 का चूना लग गया। लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने सवाल नहीं उठाया ।
कैसे लगता है चूना ?
रायसेन नवाबी क्षेत्र है। यहां की आवाम को पान खाने, पान खाने के बाद उंगली से चूना चाटने फिर अवशेष के रूप में दीवार में चूना चिपका देने का बहुत शौक होता है।
ऐसे ही नगर पालिका परिषद के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधियों ने चूना तो शौक से चाटा, लेकिन अवशेष दस्तावेज ( बिल ) पर ही छोड़ दिये।
उत्सव ट्रेडर्स के बिल क्रमांक 172 दिनांक 16 फरवरी 23 को 4000 किलो, ₹10 प्रति किलो के हिसाब से 40000 का चूना खरीदा और 2000 किलो का चूना लगा दिया।
बिल पर स्पष्ट दिख रहा है कि दुकानदार ने पहले 2000 लिखा और उसी को काटकर 4000 बना दिया।इस तरह शासन को कागजों में ही 2000किलो का चूना लगा दिया।



