मृत्युभोज और तेरहवीं की कुप्रथा के खिलाफ यादव समाज की पहल
श्रद्धांजलि सभा में लिया सामाजिक बदलाव का संकल्प, गौ सेवा के लिए दान किए ग्यारह हजार
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज। समाज में वर्षों से चली आ रही मृत्युभोज और तेरहवीं जैसी प्रथाओं को समाप्त करने की दिशा में यादव समाज ने एक सराहनीय पहल की है। नगर के वार्ड क्रमांक 18 के पार्षद ओमकार यादव,बलवीर यादव संतोष यादव की माता स्व. रूपा बाई यादव पति रामसेवक यादव का 80 वर्ष की आयु में निधन के बाद परिवार ने तेरहवीं का आयोजन नहीं करने और इसके स्थान पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने का निर्णय लिया। रविवार को नगर के गुप्ता मैरिज गार्डन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें यादव समाज के वरिष्ठ समाजजन, जनप्रतिनिधि और विभिन्न समाजों के लोग शामिल हुए।
श्रद्धांजलि सभा में स्व. रूपा बाई यादव को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान समाजजनों ने मृत्युभोज एवं तेरहवीं जैसी परंपराओं पर विचार-विमर्श करते हुए इन्हें समाज से समाप्त करने की आवश्यकता बताई। वक्ताओं ने कहा कि किसी परिवार में मृत्यु के बाद पहले ही दुख की स्थिति होती है। ऐसे समय में अनावश्यक सामाजिक खर्च का बोझ परिवार पर डालने के बजाय श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से दिवंगत को याद करना अधिक सार्थक है।
परिवार की ओर से तेरहवीं के स्थान पर श्रद्धांजलि सभा के साथ ब्राह्मण भोज का आयोजन किया गया और सामाजिक कामधेनु सेवा समिति को ग्यारह हजार रुपए गौ सेवा के लिए दान देने का संकल्प लिया। सभा में मौजूद कई समाजजनों ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए भविष्य में मृत्युभोज जैसी प्रथाओं को बढ़ावा नहीं देने का संकल्प लिया।
पहले भी समाजजन कर चुके हैं पहल
यादव समाज में इससे पहले भी कई समाजजनों द्वारा तेरहवीं जैसी प्रथा को बंद कर केवल श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जा चुकी है। समाजजनों का कहना है कि ऐसी पहल धीरे-धीरे सामाजिक बदलाव का माध्यम बन रही है। यादव समाज की इस पहल का असर अन्य समाजों में भी देखने को मिल रहा है और कई परिवार अब मृत्यु के बाद होने वाले अनावश्यक खर्च और दिखावे से बचते हुए श्रद्धांजलि सभा को प्राथमिकता दे रहे हैं।



