सरकारी पट्टे का झांसा देकर ग्रामीणों से 2,17 लाख की ठगी, दी बिचौलियों पर एफआईआर

तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के बाद ढीमरखेड़ा पुलिस ने की कार्रवाई, आरोपियों की तलाश जारी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीन का पट्टा दिलाने का झांसा देकर ग्रामीणों से लाखों रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है । तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर ढीमरखेड़ा पुलिस ने दो कथित बिचौलियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है ।
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने ग्रामीणों को सरकारी जमीन का पट्टा स्वीकृत कराने का भरोसा दिलाया था । बताया गया कि प्रशासनिक स्तर पर अपनी पहुंच होने का दावा करते हुए उन्होंने कई ग्रामीणों से संपर्क किया और पट्टा बनवाने के नाम पर अलग-अलग रकम ली । ग्रामीणों के अनुसार, इस तरह कुल 2 लाख 17 हजार रुपये लिए गए ।
काफी समय बीतने के बाद भी जब ग्रामीणों को पट्टे संबंधी कोई दस्तावेज या लाभ नहीं मिला, तो उन्हें अपने साथ हुई कथित ठगी का पता चला । इसके बाद पीड़ित ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर पूरे मामले की जानकारी दी ।
शिकायत के बाद ढीमरखेड़ा तहसीलदार नितिन कुमार पटेल द्वारा मामले की जांच कराई गई । जांच में ग्रामीणों से रकम लिए जाने तथा सरकारी पट्टा दिलाने के नाम पर कथित रूप से धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई । इसके बाद तहसीलदार की जांच रिपोर्ट पुलिस को भेजी गई ।
रिपोर्ट के आधार पर ढीमरखेड़ा पुलिस ने दीपक लोधी पिता अर्जुन लोधी निवासी कछारगांव बड़ा, थाना ढीमरखेड़ा तथा लक्ष्मण सिंह गौड़ पिता कमल सिंह गौड़ निवासी ग्राम गौरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 336(4) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है । पुलिस द्वारा प्रकरण की जांच करते हुए आरोपियों की तलाश और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है ।
प्रशासन की अपील: सरकारी योजनाओं या जमीन संबंधी कार्यों के लिए किसी बिचौलिए को रकम देने के बजाय संबंधित शासकीय कार्यालय से सीधे जानकारी लेने की सलाह दी गई है ।



