मध्य प्रदेश

अवैध मुरम का उत्खनन एवं परिवहन जोरों पर, खनिज विभाग मौन

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । नगर के आसपास और ग्रामीण क्षेत्रों में मुरम और लाल मिट्टी का उत्खनन जोरों पर किया जाकर अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा है । मुरम माफिया सारे नियम कानून को दरकिनार कर रात दिन सरकारी और निजी जमीन को खोदकर बडे-बडे गड्ढे बनाने में लगे हैं। लंबे समय से अवैध उत्खनन के लिए प्रसिद्घ क्षेत्रों में अब भी खनिज विभाग की नजर नहीं पहुंच पा रही हैं। विभाग की निष्क्रियता का खुलकर लाभ उठाकर मुरम माफिया जेसीबी तक से खनन कर मुरम एकत्र कर रहें हैं। शासन प्रशासन मुरम के अवैध उत्खनन को रोकने के लिए लंबे समय से दिशा निर्देश जारी कर रहा हैं। इसके बाद भी कार्रवाई न होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। नगरीय क्षेत्र में टेकरी के पीछे और बेरखेड़ी नदी के घाट के उस पार, सुल्तानगंज रोड पर सलैया पहाड़ी के पास, खजुरिया पहुंच मार्ग के साइड की टेक के अलावा दर्जनों स्थानों पर रात दिन मुरम और लाल मिट्टी का अवैध उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है शासकीय भवनों के निर्माण में भी अवैध मुरम का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा कई स्थानों पर सड़क की साइड समतल करने और सड़क के निर्माण में भी ठेकेदारों द्वारा सड़क के किनारे खुदाई कर मुरम का उपयोग किया जा रहा है उनके द्वारा खुदाई की गई जगहों पर गहरी खंतियां बन गई है जिनमे बारिश का पानी भर जाने से कई घटनाएं घटित हो चुकी हैं। विगत माह ढिमरोली गांव में इसी तरह खंती में भरे पानी में डूबने से एक 11 वर्षीय बालक की दर्दनाक मौत हो चुकी है उसके बाद भी खनिज विभाग द्वारा मामले को संज्ञान में ना लेकर अवैध मुरम उत्खनन करने वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।
शासन को हो रही राजस्व की हानि
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में दर्जनों स्थानों पर खनन माफिया इन दिनों मनमाने तरीके से मुरम का उत्खनन कर क्षेत्र की जमीनों को खराब कर न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं बल्कि रोजाना शासन को पहुंचने वाले राजस्व की भी हानि कर रहे है। यदि प्रशासन कडा रुख अपनाकर मुरम की नीति नियम बना दें तो हजारों रुपए का राजस्व सरकारी खजाने में जमा हो सकता है। बताया गया कि प्रतिदिन छोटे बडे ट्रैक्टर, डंपर आदि वाहनों में खनन कर अवैध मुरम को भरकर क्षेत्र में बेंचा जा रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि क्षेत्र में अवैध उत्खनन के लगातार बढने के पीछे की खास बात यह हैं कि विभाग और माफिया की मिलीभगत है। बताया गया कि एक ओर जहां विभाग कार्रवाई नहीं करता, वहीं माफियाओं का सूचना तंत्र इतना मजबूत हैं कि जब कभी अधिकारी कार्रवाई करने आते हैं तो खनन माफियाओं को पहले ही जानकारी मिल जाती हैं, जिससे उस दिन खनन माफिया मुरम की निकासी बंद रखते हैं। अधिकारी कार्रवाई किए बिना ही लौट जातें हैं।
ग्रामीणों की मानें तो अंचल के कोने कोने में मुरम के अवैध उत्खनन और परिवहन का कार्य बडे पैमाने पर किया जा रहा है। प्रतिदिन दर्जनों छोटे बड़े वाहनों में मुरम का परिवहन करते देखा जा रहा हैं। हालांकि विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी जाती हैं, लेकिन वे मौके पर आकर कार्रवाई नहीं करते हैं परिणाम स्वरूप माफिया के हौंसले बुलंद हो चुके हैं। यहीं कारण हैं कि क्षेत्र में मुरम का अवैध खनन बंद नहीं हो सका है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि मुरम के कारोबार से जुडे लोग प्रतिबंधित क्षेत्रों से भी खनन करने से नहीं डरते, बल्कि ऐसे क्षेत्र उनके लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इन क्षेत्रों के मुरम वाले स्थानों से बिना रोक टोक के उत्खनन धडल्ले से जारी हैं। लोगों का आरोप है कि अवैध खनन के मामले में विभागीय अधिकारी कार्यवाही करने से बचते नजर आ रहे हैं। ऐसे में इसका सीधा फायदा अप्रत्यक्ष रूप से उन तमाम लोगों को मिल रहा हैं जो मुरम का कारोबार कर रहे हैं।
बिना नंबर के वाहनों का उपयोग अवैध रूप से मुरम परिवहन के लिए बिना नंबर के वाहनों का उपयोग या जा रहा है ऐसे ट्रैक्टर ट्राली जो मुरम के अवैध परिवहन में दिन रात लगे रहते हैं, इन वाहनों के सामने और पीछे नंबर नहीं लिखाया जाता। इसके पीछे वाहन मालिक की मंशा रहती है कि जब किसी अधिकारी कर्मचारी द्वारा अवैध परिवहन करते हुए वाहन को पकड़नें आए तो मौके से वाहन लेकर भाग लिया जाए, या फिर ड्राइवर वाहन छोडकर फरार हो जाए ताकि अधिकारी बिना नंबर के वाहन में कार्रवाई न कर पाएं। ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध खनन करने वाले लोगों ने समतल जमीन को खोदकर बडे बडे गड्ढों में तब्दील कर दिया है, जहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती हैं।
जब कभी होती है कार्रवाई:- जब कभी किसी अवैध उत्खनन के मामले में कार्रवाई होती है तो वह पुलिस या राजस्व विभाग द्वारा की जाती है खनिज विभाग को कभी भी कार्रवाई करते हुए नहीं देखा गया है अवैध उत्खनन चाहे वह मुरम का अवैध उत्खनन हो या रेत अथवा पत्थरों का सभी के खिलाफ खनिज विभाग को कार्रवाई सुनिश्चित करना चाहिए। जो नहीं की जा रही है।
इस संबंध में तहसीलदार एन एस परमार का कहना है कि मुरम के अवैध उत्खनन और परिवहन की जानकारी आपके द्वारा दी गई हैं। जांच करवाकर खनन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

ट्रैक्टर ट्राली से अवैध मुरम का परिवहन करते हुए

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