अहंकार के बेलगाम घोड़े पर बैठने वालों का गिरना तय : ठा. मनोहर सिंह
रिपोर्टर : राजेन्द्र सिंह
पाटन । यदि अहंकार के बेलगाम घोड़े पर बैठोगे तो आपका गिरना तय है चाहे वह राजनीति का कद्दावर नेता ही क्यों न हो और क्षेत्र की जनता ऐसे गिरा देगी फिर जीवन में कभी उठने लायक नहीं रह पाओगे पाटन मझौली से मौजूदा विधायक अजय विश्नोई पर तल्ख टिप्पणी करते हुए जिला पंचायत सदस्य ठाकुर मनोहर सिंह ने कहा कि हमारे क्षेत्र के विधायक के समर्थकों द्वारा क्षेत्र में यह प्रचारित किया जाता है कि हमारे विधायक ने ये किया वो किया। माइक पर विधायक के कसीदे पढ़कर उनकी प्रशंसा करते नहीं थकते। पाटन क्षेत्र में दो तहसील बनने की घोषणा हुई है। केवल तहसील की बिल्डिंग बनाकर और उन बिल्डिंगों के आसपास जमीन लेकर उन पर व्यापारिक दुकानें खोलकर पैसा कमाना सरकारी बिल्डिंग का ठेका अपने चहेते ठेकेदारो को दिलाकर पैसा कमाना है। तहसील कार्यालय मात्र बना देने से विकास नहीं होता असल विकास होता है वहां पर आने वाले लोगों का काम समय पर हो और बिना रिश्वत के हो। हमारे भैया जी ने आमदनी का एक और साधन ढूंढ लिया है। शंकर भगवान जी के नाम से ट्रस्ट में लगी 8 एकड़ बेशकीमती जमीन पर भैया जी की कुदृष्टि पड़ गई और मोह माया के जाल में फसकर ट्रस्ट में अपने नजदीकी लोगों को सदस्य बनवाकर उस पर कब्जा जमा लिया और आनन-फानन में करोड़ों की लागत से एस.डी.एम कार्यालय का निर्माण शुरू करा दिया। लोगों का कहना है कि एस.डी.एम कार्यालय तो बहाना था अब तो वहां प्लाटिंग शुरू हो गई व्यापारिक एवं आवासीय प्लाट बिकने लगे। गौर करने वाली बात यह है कि जो व्यक्ति किसी ब्राह्मण परिवार के द्वारा दी गई जमीन को खुर्द-बुर्द करने में आपने आपको महान खिलाड़ी समझे और भगवान की सेवा में लगी ट्रस्ट की जमीन को बेचने पर उतारू हो जाय जबकि कानून कहता है कि भगवान नाबालिग की श्रेणी में आते हैं। उनके मंदिरों के रख रखाव व धार्मिक आयोजनों या धार्मिक दृष्टि से समाज सेवा करने का दायित्व पूर्णतया ईमानदारी से ट्रस्टी लोगों का होता है जबकि यहां तो भैया जी ने भगवान की जमीन हड़पने का पूरा इंतजाम ही कर दिया इनकी लालच की कोई सीमा नहीं है। यही हमारे क्षेत्र का विकास है। यदि ईमानदारी से पूछा जाए तो हम पंगु हो गए हैं क्योंकि यहां हमारा प्रतिनिधित्व करने वाला व्यक्ति ही हमारा चारों तरफ से शोषण कर रहा है।



