ज्योतिष

आज का पंचांग गुरुवार, 08 दिसम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 08 दिसम्बर 2022

मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
👰🏻 08 दिसम्बर 2022 दिन गुरुवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। हमारे वैदिक सनातन धर्म में हर मास की पूर्णिमा तिथि को कोई-न-कोई व्रत-त्यौहार होता ही है। आज प्रथम तो स्नान-दान की पूर्णिमा है। आज से नगर परिक्रमा। हुर्थीप्रारम्भ (कुर्ग)। आज षोडशीत्रिपुरसुन्दरी जयन्ती भी है। आप सभी सनातनियों को षोडशीत्रिपुरसुन्दरी जयन्ती की हार्दिक शुभकामनायें।।
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्त गणपति) गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए । गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष माह
🌝 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – पूर्णिमा 08:21 ए एम बजे तक उपरान्त प्रतिपदा तिथि है।
📝 तिथि स्वामी – पूर्णिमा (पूरनमासी) के देवता हैं चंद्रमा। इस तिथि में चंद्रदेव की पूजा करने से मनुष्‍य का सभी जगह आधिपत्य हो जाता है। यह सौम्या तिथि हैं। कहते हैं कि कृष्ण पक्ष में देवता इन सभी तिथियों में शनै: शनै: चंद्रकलाओं का पान कर लेते हैं।
💫 नक्षत्र : रोहिणी – 12:33 पी एम तक मॄगशिरा
🪐 नक्षत्र स्वामी – रोहिणी नक्षत्र के देवता ब्रह्मा हैं और ब्रह्मा प्रकृति के क्रिएटर हैं।
🔊 योग : साध्य – 03:12 ए एम, दिसम्बर 09 तक शुभ
प्रथम करण : बव – 09:37 ए एम तक
द्वितीय करण : बालव – 10:33 पी एम तक कौलव
⚜️ दिशाशूल – गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खा कर यात्रा कर सकते है।
🔥 शुभ गुलिक काल :- गुरुवार – प्रातः 9 से 10.30 बजे तक
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 13:30 बजे से 15:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:45:22
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:15:46
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:13 ए एम से 06:07 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:40 ए एम से 07:01 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:52 ए एम से 12:34 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:57 पी एम से 02:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:14 पी एम से 05:38 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:46 पी एम
💧 अमृत काल : 09:04 ए एम से 10:48 ए एम 05:18 ए एम, दिसम्बर 09 से 07:04 ए एम, दिसम्बर 09
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:46 पी एम से 12:41 ए एम, दिसम्बर 09
🎆 साध्य योग- आज का पूरा दिन पार कर के देर रात 3 बजकर 12 मिनट तक
☄️ रोहिणी नक्षत्र – आज दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक
🚕 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : पूर्णिमा (स्नान-दान)/अन्नप्राशन, स्नान – दानादि की अग्रहायणी पूर्णिमा, हुर्थीप्रारम्भ (कुर्ग)। आज षोडशीत्रिपुरसुन्दरी जयन्ती, महान् क्रांतिकारी भाई परमानन्द स्मृति दिवस, जनकवि रमाशंकर यादव ‘विद्रोही’ समृति दिवस, दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय संगठन दिवस, अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह (08-14 दिसम्बर), पंजाब मुख्यमंत्री- प्रकाश सिंह बादल जन्म दिवस, मलमास प्रारंभ, पूर्णिमा समाप्ति सुबह 09 : 37
✍🏽 विशेष – पूर्णिमा को घी एवं प्रतिपदा को कुष्मांड खाना एवं दान करना दोनों वर्जित बताया गया है। पूर्णिमा तिथि एक सौम्य और पुष्टिदा तिथि मानी जाती है। इसके देवता चन्द्रमा हैं तथा यह पूर्णा नाम से विख्यात है। यह शुक्ल पक्ष में ही होती है और पूर्ण शुभ फलदायी मानी गयी है।
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Vastu tips 🏚️
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए घर की छत पर रखे फालतू सामान, यानि कबाड़े की। घर-परिवार में खुशी और तरक्की का एक बहुत बड़ा कारण वास्तु से भी जुड़ा होता है। जिन घरों में वास्तु के नियमों को दरकिनार कर काम किया जाता है। उन घरों में आए दिन कोई न कोई परेशानी होती रहती है। ऐसे में क्या हमें घर की छत पर फालतू सामान रखना चाहिए। चलिए आपको इस बारे में बताते हैं।
घर में हो सकता है कलह वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की छत पर कोई भी फालतू सामान या कबाड़ नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों के मन और मस्तिष्क पर नकारात्मक असर पड़ता है और पितृ दोष भी लगता है। पूरे घर का माहौल खराब हो जाता है। साथ ही यह आपके घर में कलह का कारण भी बन सकता है। तो आपके घर में यदि बिना उपयोग का फालतू सामान बहुत समय से पड़ा है तो उसे घर के बाहर करिए।
लेकिन अगर आपके घर में ऐसा कोई सामान है जो उपयोगी तो है परंतु अभी उसका कोई काम नहीं है तो ऐसी चीजों को ऐसे ही कहीं भी न पटके, उन्हें व्यवस्थित ढंग से एक जगह पर रख दें।
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बुद्धि बढाने के 4 तरीके
शास्त्र का पठन भगवन्नाम-जप, भगवद-ध्यान
आश्रम आदि पवित्र स्थानों में जाना
ब्रह्मवेत्ता महापुरुष का सत्संग-सान्निध्य
जप करने से, ध्यान करने से बुद्धि का विकास होता है | जरा – जरा बात में दु:खी काहे को होना ? जरा – जरा बात में प्रभावित काहे को होना? ‘यह मिल गया, यह मिल गया…’ मिल गया तो क्या है !
ज्यादा सुखी – दु:खी होना यह कम बुद्धिवाले का काम है | जैसे बच्चे कि कम बुद्धि होती है तो जरा- से चॉकलेट में, जरा-सी चीज में खुश हो जाता है और जरा-सी चीज हटी तो दु:खी हो जाता है लेकिन जब बड़ा होता है तो चार आने का चॉकलेट आया तो क्या, गया तो क्या ! ऐसे ही संसार की जरा-जरा सुबिधा में जो अपने को भाग्यशाली मानता है उसकी बुद्धि का विकास नहीं होता और जो जरा-से नुकसान में आपने को अभागा मानता है उसकी बुद्धि मारी जाती है | अरे ! यह सब सपना है, आता-जाता है | जो रहता है उस नित्य तत्त्व में जो टिके उसकी बुद्धि तो गजब की विकसित होती है ! सुख-दुःख में, लाभ-हानि में, मान-अपमान में सम रहना तो बुद्धि परमात्मा में स्थित रहेगी और स्थित बुद्धि ही महान हो जायेगी |
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
तुलसी के कुछ प्रयोग
5 – 7 तुलसी-पत्ते सुबह खाली पेट चबाकर मुँह में थोड़े घुमा के पानी पी लें | दाँतों में कीड़े नहीं पड़ेंगे| बच्चों को दाँतों की तकलीफ जल्दी से नहीं होगी | मुँह कि दुर्गन्ध और कफ के दोषों व धातु के रोग में यह लाभदायी है | बाद में पानी से अच्छे-से कुल्ले कर लें ताकि तुलसी पत्तों के कण दाँतों में बिल्कुल नहीं रहें |
भोजन के पहले अथवा बाद में तुलसी पत्ते लेते हो तो स्वास्थ्य के लिए, वायु व कफ शमन के लिए यह औषधि का काम करता है |
तुलसी के बीज पीस के रखें और एक चुटकी ( आधा ग्राम) दोपहर को भोजन के बाद पान ( नागरवेल का पत्ता) में डाल के गुरुमंत्र जपकर खाया करें तो बुढापा जल्दी नहीं आयेगा |
👉🏼 सावधानी : सूर्योदय से पहले तुलसी के पत्ते नही तोड़े जाते हैं | दूध के साथ तुलसी सेवन वर्जित है, पानी, दही, भोजन आदि हर चीज के साथ तुलसी ले सकते हैं | रविवार को तुलसी ताप उत्पन्न करती है इसलिए रविवार को तुलसी न तोड़े, न खायें |
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम के नीति शास्त्र के सिद्धांत अगर किसी ने अपनी जिंदगी में आत्मसात कर लिए तो वह बेहतर जिंदगी जी सकता है. ऐसे में पति-पत्नी के संबंध और रिश्तों पर भी अपने सिद्धांत दिए हैं जिसे जानना बेहद जरूरी है. वैसे ये कहा जाता है कि स्त्री हो या पुरुष किसी अन्य के लिए आकर्षण सामान्य सी बात है. यह गलत भी नहीं है लेकिन यह गलत तब होता है जब यह आकर्षण केवल किसी की तारीफ करने या बात करने के दायरे से आगे बढ़कर कुछ और नजर आने लगे.
सामान्य सिद्धांत कहता है कि आकर्षण मनुष्य के अंदर का स्वभाव है. लेकिन इसकी वजह से आपकी शादीशुदा जिंदगी में तनाव पैदा हो तो फिर ये केवल आकर्षण नहीं हैं. ऐसे में शादीशुदा लोगों का एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर कई कारणों से होता है और अगर इसे समय रहते ठीक कर लिया जाए तो यह आपके लिए बेहतर होगा. ऐसे में हम पांच ऐसी वजहों के बारे में बताएंगे जिसके कारण शादीशुदा जिंदगी तबाह हो जाती है और मर्द अपनी पत्नी को छोड़ किसी और का दीवाना हो जाता है.
कम उम्र में शादी कई बार ऐसी परेशानी लेकर आता है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. एक तो आप समझदारी के लेवल पर बहुत नीचे के पायदान पर होते हैं. दूसरे आपके पास पहले से ही करियर और अन्य चीजों को लेकर परेशानी बनी रहती है ऐसे में जब करियर थोड़ ठीक होता है तो लोगों को लगता है कि उन्होंने पीछे कई चीजें ऐसी छोड़ दी जो उन्हें हासिल करना था और फिर लोग एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर की ओर कदम बढ़ा देते हैं.
शारीरिक संतुष्टि नहीं मिलने की वजह से ही ज्यादातर मामलों में पति-पत्नी के बीच आकर्षण की कमी साफ देखने को मिलती है. ऐसे में ये प्रमुख कारण होता है कि लोग एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर की तरफ बढ़ जाते हैं. शारीरिक संतुष्टि का मतलब केवल बिस्तर पर एक दूसरे को संतुष्ट करना नहीं बल्कि मन और वचन से भी एक दूसरे के प्रति उदार रहना है
संबंधों में भरोसे की कमी कुछ लोगों में देखा गया है कि वह एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं ऐसे में जीवनसाथी का एक दूसरे के प्रति समर्पण और सेक्स लाइफ का कामयाब होना बहुत जरूरी है नहीं तो आपके संबंधों में जल्द ही गांठ पड़ने लगेगी. कई बार तो कोई अपने साथी के साथ संबंधों से संतुष्ट होने के बाद भी दूसरे संबंध बनाने के लिए आतुर रहते हैं ये आपके जीवन को बर्बाद करने के लिए काफी है.
मोहभंग होना आप अपने जीवनसाथी को सबसे सुंदर माने उसकी केयर करें नहीं तो दूसरों की खूबसूरती और आपका जीवनसाथी आपको बदसूरत नजर आने लगे तो यह आपके जीवन में और शादीशुदा जिंदगी में परेशानियों के अलावा कुछ और नहीं देगा. आपको जब अपने जीवनसाथी के सारे गुण अवगुण प्रतीत होने लगे तो समझ लेना चाहिए आपके परिवार में बिखराव की स्थिति बन रही है।
बच्चे का होना कोई भी स्त्री-पुरुष जैसे ही मां-बाप बनते हैं उनकी प्राथमिकताएं बदल जाती हैं. उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आ जाता है. ऐसी स्थिति में पुरुषों का अपनी स्त्री से मोहभंग होने लगता है. ऐसा हेने की वजह महिलाओं का अपने बच्चों के साथ ज्यादा वक्त गुजारना है।
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⚜️ सनातन धर्म में हर मास की पूर्णिमा को कोई-न-कोई व्रत-त्यौहार होता ही है। जिनकी कुण्डली में चन्द्रमा की दशा चल रही हो उसे पूर्णिमा के दिन उपवास रखना अर्थात व्रत करना चाहिये। जिनके बच्चे कफ रोगी हों अर्थात सर्दी, जुकाम, खाँसी और निमोनियाँ समय-समय पर होती रहती हो उनकी माँ को वर्षपर्यन्त पूर्णिमा का व्रत करना और चन्द्रोदय के बाद चंद्रार्घ्य देकर व्रत तोड़ना चाहिये।
पूर्णिमा माता लक्ष्मी को विशेष प्रिय होती है। इसलिये आज के दिन महालक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से मनोवान्छित कामनाओं की सिद्धि होती है। पूर्णिमा को शिवलिंग पर शहद, कच्चा दूध, बिल्वपत्र, शमीपत्र, फुल तथा फलादि चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। पूर्णिमा को शिव पूजन में सफ़ेद चन्दन में केशर घिसकर शिवलिंग पर चढ़ाने से घर के पारिवारिक एवं आन्तरिक कलह और अशान्ति दूर होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म पूर्णिमा तिथि को होता है, वह व्यक्ति पूर्ण चन्द्र की तरह आकर्षक और मोहक व्यक्तित्व का स्वामी होता है। इनकी बुद्धि उच्च स्तर की होती है। ऐसे जातक अच्छे खान पान के शौकीन होते हैं तथा ये सदा ही अपने कर्म में जुटे रहते हैं। ऐसे लोग अत्यधिक परिश्रमी होते हैं और इसी वजह से धनवान भी होते हैं। परन्तु इनमें एक बहुत बड़ी कमी ये होती है, कि ये सदैव परायी स्त्रियों पर मोहित रहते हैं।

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