आज का पंचांग गुरुवार, 15 दिसम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 15 दिसम्बर 2022
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
आप सभी पर ईश्वर की असीम अनुकम्पा की वर्षा होती रहे।
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति) गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए । गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – पौष माह
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – सप्तमी 21:21 PM बजे तक उपरान्त अष्टमी तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी : सप्तमी (सातम) के देवता हैं चित्रभानु। सप्तमी तिथि को चित्रभानु नाम वाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करने से सभी प्रकार से रक्षा होती है। यह मित्रवत, मित्रा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी 28:04 PM तक उपरान्त उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी : पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र : इस नक्षत्र का स्वामी शुक्र है और इसके चारों चरण सिंह में आते हैं।
🔔 योग – विष्कुंभ 07:30 AM तक उपरान्त प्रीति योग है।
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 12:44 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 01:39 ए एम, दिसम्बर 16 तक बालव
🔥 गुलिक काल : गुरुवार का शुभ गुलिक काल :- सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा।
⚜️ दिशाशूल – गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खा कर यात्रा कर सकते है।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 13:30 बजे से 15:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:47:52
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:13:26
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:17 ए एम से 06:11 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:44 ए एम से 07:06 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:56 ए एम से 12:37 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:00 पी एम से 02:41 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:16 पी एम से 05:40 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:26 पी एम से 06:48 पी एम
💧 अमृत काल : 12:34 ए एम, दिसम्बर 16 से 02:19 ए एम, दिसम्बर 16
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:49 पी एम से 12:44 ए एम, दिसम्बर 16
☄️ प्रीति योग – सुबह 7 बजकर 32 मिनट से
🌍 पृथ्वी लोक – दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक
☀️ पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र – आज का पूरा दिन और रात
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को सवा किलो गाय का घी भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – देवदर्शन, सरदार वल्लभ भाई पटेल पुण्य तिथि, उषा मंगेशकर संगीतकार जन्म दिवस, उषा मंगेशकर संगीतकार जन्म दिवस, छत्रपति शिवाजी महाराज के पोते शाहूू महाराज स्मृति दिवस, वरुण सिंह – भारतीय वायु सेना में चालक शहिदी दिवस, आचार्य श्रीतुलसी दीक्षा दिवस (जैन), गीता फोगाट जन्म दिवस, हवाई सुरक्षा दिवस (सप्ताह)
✍🏽 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में बंद घड़ियां कभी नहीं रखनी चाहिए। ऐसा कहते हैं कि बंद घड़ियां घर में रखने से इंसान का वक्त ठहर जाता है। उसके जीवन में सफलता और उपलब्धि जैसे शब्द खत्म होने लगते हैं। इसलिए घड़ी के कांटे ठहरते ही उन्हें घर से बाहर कर देना ही उचित है। उन्हें दीवार पर टांगकर या दराज में सजाकर बिल्कुल न रखें।
खराब ताले वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में खराब या जंग लगे ताले रखना भी बहुत अशुभ होता है। घर में खराब ताले हों तो इंसान की किस्मत ही बंद हो जाती है। उसकी तरक्की में रुकावट आने लगती है। आर्थिक संकट घेरने लगता है। इसलिए घर में खराब या जंग लगे ताले कभी न रखें।
पुराने अखबार अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोग अपने घर में अखबार और पुरानी मैग्जीन सजाकर रखते हैं। इस तरह की चीजें घर में रखना बहुत अशुभ माना जाता है। अखबार पर जमी धूल-मिट्टी आर्थिक संकट और पारिवारिक कलह लेकर आती है। इसलिए इनके इकट्ठा होने से पहले ही इन्हें बाहर कर देना चाहिए।
पुराने-फटे कपड़े हमारे कपड़ों का संबंध भाग्य से होता है। वास्तु के अनुसार, फटे-पुराने कपड़े इंसान के करियर में बाधा पैदा करते हैं, इसलिए अगर कोई कपड़ा बहुत पुराना हो जाए या फट जाए तो उसे बाहर कर देना ही उचित है।
फटे पुराने जूते घर में भूलकर भी फटे-पुराने जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए। ऐसा करने वालों को शनि से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फटे पुराने जूते-चप्पल जीवन में संघर्ष को बढ़ाते हैं। काम-धंधे में बरकत खत्म होने लगती है। सिर पर कर्जों का बोझ बढ़ने लगता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां
बच्चों में होता है भाषा का विकास लोरी गाने से बच्चों में भाषा का विकास होता है। दरअसल, छोटे बच्चों का दिमाग और खास कर ध्यान काफी तेज होता है। जब मां लोरी गाती हैं तो उनका दिमाग तेजी से काम करता है और उनका ध्यान शब्दों की ओर बढ़ता है। इससे उनमें बचपन से ही शब्दों और भाषा की समझ मजबूत हो जाती है।
दिमाग तेज होता है हम सभी का कॉग्निटिव विकास बचपन से ही होने लगता है। ऐसे में जब आप बच्चों को लोरी गाकर सुनाते हैं तो दिमाग का कॉग्निटिव विकास होता है और इस दौरान उनके ज्ञानेंद्रियां और अनुभव दोनों ही बढ़ते हैं।
माता-पिता और बच्चे का रिश्ता मजबूत होता है माता-पिता और बच्चे के बीच बंधन को मजबूत करने में लोकी एक अलग भूमिका निभाती है। जब आप बच्चे को सोते समय लोरी गा कर सुनाते हैं तो बच्चे में भावनाओं का संचार होता है। इस वजह से ऐसे बच्चे व्यक्तिगत रूप से एक बेहतर इंसान होते हैं।
अच्छी नींद आती है बच्चों को लोरी गाकर सुलाने से उनकी नींद अच्छी होती है। साथ ही उनका मन शांत होता है और वे डरवाने सपनों को देख कर नहीं जगते। साथ ही ये उन्हें कई प्रकार के नए सपनों और रोमांच के साथ सुलाता है और जिसमें उनका मन शांत होता है और वे बेहतर महसूस करते हैं। इसलिए अपने बच्चों को सोते समय लोरी गाकर जरूर सुनाएं। ये उन्हें तो खुश करेगा ही बल्कि आपको भी अपने बच्चे का प्रिय बना देगा।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
बादाम बादाम कैल्शियमसे भरपूर है। अगर आपके शरीर में कैल्शियम कम है तो रोजाना 5 से 6 भीगे हुए बादाम खाएं। इससे आपका शरीर स्वस्थ होता है और हड्डियां भी मजबूत होती हैं।
चिया सीड्स में कैल्शियम और फॉस्फोरस भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जो हड्डियों को मजबूत बनाने में बेहद मदद करते है। चिया सीड्स को को दलिया या दही के साथ मिलाकर सेवन करन बेहद फायदेमंद है।
आज से ही आजमाकर देख लें सूरजमुखी के बीज कैल्शियम के कमी होने पर सूरजमुखी के बीजों का सितमल करना चाहिए। इसमें अच्छी-खासी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। एक कप सूरजमुखी के बीजों को अपनी डेली डाइट में शामिल कर लें। सूरजमुखी के बीज हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ ही मांसपेशियों के लिए भी बेहद फायदेमंद हैं।
सोया मिल्क जिन लोगों को गाय-भैंस के दूध से एलर्जी होती है। ऐसे लोग सोया मिल्क को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। सोया मिल्क पीकर कैल्शियम की कमी को दूर किया जा सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने शास्त्र में स्त्री-पुरुष के लिए विवाह के बाद कड़े नियम बताये हैं. इन नियमों का पालन नहीं करने पर जिंदगी बर्बाद हो सकती है. यहीं नहीं इस एक गलती को करने पर हमेशा के लिए सुख चैन खत्म हो सकता है. हमारे कहने के अनुसार वक्त रहते अगर गलती में सुधार नहीं किया जाए तो फिर जीवन दूभर हो सकता है.
शादी के बाद धोखेबाजी हमारा मानना है कि जो स्त्री या पुरुष अपने जीवनसाथी के होते हुए पराए पुरुष या स्त्री से संबंध बनाते हैं या नजर डालते हैं. लोगों का अस्तित्व बहुत जल्द खत्म हो जाता है. इनके चरित्र पर वो दाग लगता है जो ऐसे लोगों का अस्तित्व खत्म हो जाता है. ऐसी स्त्री या पुरुष पर वो दाग लगता है कि वो मरते दम तक पीछा नहीं छोड़ता. हम बताते हैं कि विवाह एक पवित्र बंधन हैं, जिसमें किसी भी तरह की धोखेबाजी बर्बाश्त नहीं की जा सकती. जब भी कोई स्त्री या फिर पुरुष इस पवित्र बंधन को तोड़ते हैं तो फिर समाज में उनका मान सम्मान खत्म हो जाता है।
कहते हैं कि विवाह के बाद त्याग की भावना स्त्री पुरुष में होना जरूरी है. अगर ऐसा ना हो तो शादी टूट सकती है. ये त्याग दोनों तरफ से होना चाहिए. त्याग की भावना ना रखने वाली स्त्री और पुरुष धोखेबाज होते हैं और सिर्फ अपने बारे में ही सोचते हैं
आचार्य श्री गोपी राम ने शास्त्र में बताया है कि दुष्ट पत्नी, झूठा मित्र, धूर्त सेवक और सांप इन चार चीजों पर कभी भी दया नहीं करनी चाहिए. अगर आप ऐसे लोगों से कोई संबंध रखेंगे तो फिर आप मुसीबत को बुलावा दे रहे होगे. खासतौर पर विवाह के बाद ऐसे किसी भी संबंध से हमेशा हानि ही होती है.
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⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।

