आज का पंचांग शनिवार, 10 दिसम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 10 दिसम्बर 2022
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
।। श्री हरि आप सभी का कल्याण करें ।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।
पुराणों में वर्णित है कि पिप्पलाद ऋषि ने अपने बचपन में माता पिता के वियोग का कारण शनि देव को जानकर उनपर ब्रह्म दंड से प्रहार कर दिया, जिससे शनि देव घायल हो गए। देवताओं की प्रार्थना पर पिप्पलाद ऋषि ने शनि देव को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक एवं उनके भक्तो को किसी को भी कष्ट नहीं देंगे। तभी से पिप्पलाद का स्मरण करने से ही शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है।
शिवपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – पौष मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – द्वितीया 13.47 PM तक तत्पश्चात तृतीया
✏️ तिथि का स्वामी – द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी और तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर देव जी है।
💫 नक्षत्र – आद्रा 17.42 PM तक तत्पश्चात पुनर्वसु
🪐 नक्षत्र के स्वामी :- आद्रा नक्षत्र के देवता रुद्र (शिव) और नक्षत्र के स्वामी राहु जी है ।
📣 योग : शुक्ल – 04:26 ए एम, दिसम्बर 11 तक ब्रह्म
⚡ प्रथम करण : गर – 01:47 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : वणिज – 02:59 ए एम, दिसम्बर 11 तक विष्टि
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 07:03 AM
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:25 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:14 ए एम से 06:08 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:41 ए एम से 07:03 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:53 ए एम से 12:35 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:57 पी एम से 02:39 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:14 पी एम से 05:38 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:25 पी एम से 06:47 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:47 पी एम से 12:41 ए एम, दिसम्बर 11
🕉️ शुक्ल योग- अगली सुबह 4 बजकर 26 मिनट तक
💥 आर्द्रा नक्षत्र- शाम 5 बजकर 42 मिनट तक
🌌 स्वर्ग लोक की भद्रा – देर रात 3 बजे से अगले दिन शाम 4 बजकर 14 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में तिल के तेल से शनिदेव का अभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मलमास प्रारंभ, त्रिपुरा महाविद्या तथा अन्नपूर्णा जयंती , जीव अधिकार दिवस, शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस, दत्तात्रेय जयंती, विश्व प्रसारण बाल दिवस, राजगोपालाचार्य जयंती, हंसमुख धीरजलाल सांकलिया (पद्म भूषण से सम्मानित) जन्म दिवस, चौधरी दिगम्बर सिंह – स्वतंत्रता सेनानी पुण्यतिथि, विश्व मानवाधिकार दिवस, अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह (08-14 दिसम्बर), इंतिफादा दिवस (फ़िलिस्तीनियों का आन्दोलन दिवस), हवाई सुरक्षा दिवस (सप्ताह)
✍🏽 विशेष :- द्वितीया को बैगन, कटहल और नींबू का सेवन नहीं करना चाहिए ।
🍃 Vastu tips ☘️
वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमें भूलकर भी किसी को उधार पैसे नहीं देने चाहिए और न ही किसी से उधार पैसे लेने चाहिए,सूर्यास्त के बाद न तो किसी को उधार रुपया दें और न ही किसी से कर्ज लें.ऐसा कहते हैं कि सूर्यास्त के बाद किसी को उधार पैसे देने से वो कभी वापस नहीं मिलते हैं. इस घड़ी में लिए हुए कर्ज का भार भी कभी नहीं उतरता है.और शाम के समय उधार पैसे लेने से मां लक्ष्मी रूठ जाती है
तुलसी के पत्ते न तोड़ें ऐसी मान्यता हैं कि तुलसी के पौधे के अंदर माता लक्ष्मी का वास होता है, इसलिए संध्या के समय भूलकर भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए.ऐसा करने से भगवान विष्णु व माँ लक्ष्मी रुष्ट हो जाते हैं. शाम के समय तुलसी के पत्ते तोड़ने से रोग और आर्थिक तंगी जैसी समस्याएं इंसान को घेर लेती हैं.शाम के वक्त तुलसी को छूने की बजाए उसके सामने घी का दीपक प्रज्ज्वलित करें.और साथ ही चावल के दाने दीपक के नीचे रखें और फिर दीपक प्रज्ज्वलित करें।
झाड़ू न लगाएं वास्तु के अनुसार, सूर्यास्त के बाद घर में भूलकर भी झाड़ू नहीं लगानी चाहिए.संध्या के वक़्त घर में झाड़ू लगाने से माता लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं, अगर किसी कारणवश आपको घर में झाड़ू लगानी भी पड़े तो झाड़ू द्धारा निकला कचरा, घर से बाहर न फेंकें. इसे एक जगह एकत्रित कर ले और अगले दिन सूर्योदय के बाद ही समेटे हुए कूड़े को घर से बाहर निकालें.
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सफेद सिरका जूतों की बदबू को दूर करने के लिए सफ़ेद सिरका आपके काम आ सकता है। इसके लिए सफेद सिरके को पानी में डाल कर जूतों को धो लें। आप सिरका को जूतों के अंदर छिड़क कर कपड़े से साफ भी कर सकते हैं। वहीं अगर आप अपने पैरों की दुर्गंध से परेशान हैं तो इसमें सिरका आपकी मदद कर सकता है। इसके लिए एक बाल्टी गर्म पानी लें उसके बाद इसमें सेब का सिरका डाल दें। अब अपने पैरों को इस पानी में थोड़ी देर के लिए रहने दें। इससे बदबू गायब हो जाएगा।
टी-बैग भी जूतों की बदबू को दूर कर सकता है। इसके लिए टी बैग को उबलते हुए पानी में कुछ देर के लिए डालकर छोड़ दें। कुछ देर बाद पानी से बाहर निकालकर इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें। इसके बाद इन टी बैग्स को जूतों के अंदर कुछ देर के लिए रख दें। इससे जूतों की बदबू दूर हो जाएगी।
🫗 आरोग्य संजीवनी 🍶
गर्म पानी का भाप लेना इस मौसम में बेहद फायदेमंद होता है। गर्म पानी से भाप लेने पर बंद गला खुल जाता है साथ ही गले में होने वाली खराश से भी आराम मिलता है। जिससे सांस लेने में आसानी होती है। वहीं अगर आप जल्द से जल्द खांसी या सर्दी से चुटका पाना चाहते हैं तो भाप में विक्स या बाम मिलाएं, ऐसा करने से आपको खांसी से फौरन आराम मिलेगा।
गर्म पानी का गरारा सर्दी के इस जकड़न भरे मौसम में वायरल इन्फेक्शन्स से दूरी बनाए रखने के लिए पानी को गर्म कर उसमे नमक मिलाएं और फिर गरारे करें। गर्म पानी में नमक मिलाकर गरारे करने पर खांसी कंट्रोल होती है। इसलिए खांसी या सर्दी की समस्या को कम करने के लिए गर्म पानी से गरारे करें।
अदरक का इस्तेमाल खांसी में अदरक बेहद फायदेमंद होता है। जी हां खांसी या सर्दी में कच्ची अदरक चबाना चाहिए। ऐसा करने से आपको खांसी से तुरंत आराम मिल जाएगा। अगर आप कच्ची दरक नहीं चबा पा रहे तो उसका लड्डू बना कर उसे चूसे। इससे आपको काफी आराम मिलेगा।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने नीति शास्त्र में स्त्री, पुरुष, बड़े, बुजुर्ग, बच्चे यानी समाज के हर वर्ग के लिए विस्तार से चर्चा की है और सीख भी दी है। जिस पर अमल कर आदमी अपने जीवन को संवार सकता है। आज हम आपको वे गूढ़ बातें बताते हैं, जिनका पालन कर आप भी अपने दांपत्य जीवन में खुशियों के रंग भर सकते हैं।
आचार्य ने अपनी नीतियों के जरिए हमें जीवन के बारे में बहुत कुछ सिखाते हैं। इन्हीं में से एक हैं स्त्री और पुरुष के संबंध। हजारों साल पहले इसको लेकर भी कई अहम बात कहेहै। जीवन के तमाम पहलुओं के बारे में बात करते हुए आचार्य श्री गोपी राम ने कहा था कि स्त्री पुरुषों में एक जनावर का गुण ढूढ़ती हैं। पुरुषों से जुड़े गुणों का जिक्र करते हुए कहते हैं कि अगर किसी पुरुष में कुत्ते के 5 गुण आ जाए तो उससे उसकी स्त्री हमेशा संतुष्ट रहती है।
हर परिस्थिति में संतुष्ट रहना हम अपने शास्त्र में कहते हैं कि पुरुष को यथाशक्ति परिश्रम करना चाहिए। साथ ही उससे जो धन या फल मिले उससे हमेशा संतुष्ट और खुश रहना चाहिए। जिस प्रकार से कुत्ता को जितना खाना मिलता है, उतने में ही वह संतुष्ट हो जाता है। उसी प्रकार पुरुष अपने मेहनत से जो अर्जित धन अर्जित करता है उसी से परिवार का पालन पोषण करना चाहिए। हमारे कहने के मुताबिक जिन पुरुषों में यह गुण होता है वे जीवन में हमेंशा सफल रहता है।
गहरी नींद में भी सतर्क रहना कहते हैं कि जिस प्रकार गहरी नींद में भी कुत्ता सतर्क रहता है, वैसे ही पुरुषों को भी अपने परिवार-स्त्री और कर्तव्यों को लेकर हमेशा सतर्क रहना चाहिए। पुरूषों को अपने परिवार और अपनी सुरक्षा के लिए शत्रुओं के हमेशा सावधान रहना चाहिए। पुरु। चाहे कितनी भी गहरी नींद में क्यों ना हो उसमें हल्की आहट पर ही जागने का गुण होना चाहिए। ऐसे गुण वाले पुरुष से उनकी पत्नी हमेशा खुश और प्रसन्न रहती है।
अपनी पत्नी के प्रति वफादार रहना कहते हैं कि जिस प्रकार कुत्ते की वफादारी पर कोई शक नहीं कर सकता है, उसी तरह पुरुष को अपनी पत्नी और काम के प्रति वफादार होना चाहिए। जो पुरुष अनजान महिलाओं को देखकर लालायित हो जाता है, उसके घर में कलह बनी रहती है। ऐसे पुरुष से उसकी स्त्री कभी भी खुश नहीं रहती है, क्योंकि स्त्री और पत्नी अपने पति की वफादारी आनंदित रहती है।
वीर, निडर और साहसी होना हम कहते हैं कि कुत्ता वीर और निडर होता है। वह अपने मालिक की रक्षा के लिए अपनी जान तक परवाह नहीं करता ठीक उसी तरह पुरुषों को भी वीर होना चाहिए और जरुरत पड़ने पर अपनी पत्नी व परिवार की रक्षा लिए अपनी जान दाव पर लगाने से भी पीछे नहीं हटना चाहिए।
पत्नी को शारीरिक और मानसिक रूप से संतुष्ट रखना हर पुरुष का पहला कर्तव्य और दायित्व होता है कि वह अपनी पत्नी को हर प्रकार से संतुष्ट रखे। जो पुरुष शारीरिक और मानसिक रूप से अपनी पत्नी को संतुष्ट रखते हैं, उनकी पत्नी हमेशा प्रसन्न रहती हैं। और ऐसा करने वाला पुरुष हमेशा अपनी पत्नी का प्रिय बना रहता है।
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⚜️ द्वितीया तिथि के स्वामी सृष्टि के रचियता भगवान ‘ब्रह्मा’ जी हैं। इसका विशेष नाम ‘सुमंगला’ है। यह भद्रा संज्ञक तिथि है।
द्वितीया तिथि को चारो वेदो के रचियता ब्रह्मा जी का स्मरण करने से कार्य सिद्ध होते है।
व्यासलिखित पुराणों के अनुसार ब्रह्मा जी के चार मुख हैं, जो चार दिशाओं में देखते हैं। शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मा को स्वयंभू (स्वयं जन्म लेने वाला) और चार वेदों का निर्माता माना गया है।
ब्रह्मा जी की उत्पत्ति विष्णु की नाभि से निकले कमल से मानी गयी है। मान्यता है कि ब्रह्मा जी के एक मुँह से हर वेद निकला था।
देवी सावित्री ब्रह्मा जी की पत्नी, माँ सरस्वती ब्रह्मा जी की पुत्री, सनकादि ऋषि,नारद मुनि और दक्ष प्रजापति इनके पुत्र और इनका वाहन हंस है।
ब्रह्मा जी ने अपने चारो हाथों में क्रमश: वरमुद्रा, अक्षरसूत्र, वेद तथा कमण्डलु धारण किया है।

