ज्योतिष

आज का पंचाग गुरुवार 27 अक्टूबर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦ .
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 27 अक्टूबर 2022

मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
🫂 27 अक्टूबर 2022 दिन गुरुवार को द्वितीया तिथि है और आज काशी में गोवर्द्धन पूजा है। भाई दूज भी आज ही है आज भाई बहन के घर जाकर बहन की वस्त्रादि से पूजन करता है। आज अपरान्ह में यमुना स्नान एवं यमतर्पण करना चाहिये। आज यम पंचक निवृति हो जाती है। आज बिहार में मत्स्याधार (दवात) पूजा एवं दूत चित्रगुप्त (लालाजी लोगों के यहाँ) सहित यम पूजा का भी नियम है।।
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए । गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – कार्तिक माह
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि :- द्वितीया 12:45 PM तक उसके बाद तृतीया
✏️ तिथि स्वामी :- द्वितीया: इस तिथि के स्वामी ब्रह्मा जी हैं. इस दिन किसी ब्रह्मचारी ब्राह्मण की पूजा करना एवं उन्हें भोजन, अन्न वस्त्र का दान देना श्रेयस्कर होता है. तृतीया: इस तिथि में गौरी जी की पूजा करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है. कुबेर जी भी तृतीया के स्वामी माने गये हैं।
💫 नक्षत्र :- विशाखा 12:11 PM तक उसके बाद अनुराधा
🪐 नक्षत्र स्वामी:- विशाखा नक्षत्र के देवता बृहस्पति को माना जाता है. और विकंकत के पेड को विशाखा नक्षत्र का प्रतीक माना जाता है।
🔔 योग – आयुष्मान 09:47 AM तक उपरान्त सौभाग्य योग है।
प्रथम योग : आयुष्मान् – 07:27 ए एम तक
द्वितीय करण : सौभाग्य – 04:33 ए एम, अक्टूबर 28 तक शोभन
🔥 गुलिक काल :- 08:52:08 से 10:16:57 तक
🤖 राहुकाल दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक रहेगा राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
⚜️ दिशाशूल – गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खा कर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:57:36
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:13:48
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:47 ए एम से 05:38 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:13 ए एम से 06:29 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:42 ए एम से 12:27 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:57 पी एम से 02:41 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:29 पी एम से 05:53 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:40 पी एम से 06:57 पी एम
💧 अमृत काल : 12:57 ए एम, अक्टूबर 28 से 02:27 ए एम, अक्टूबर 28
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:39 पी एम से 12:31 ए एम, अक्टूबर 28
सर्वार्थ सिद्धि योग : 12:11 पी एम से 06:30 ए एम, अक्टूबर 28
💥 सौभाग्य योग – भोर 4 बजकर 33 मिनट तक
☄️ विशाखा नक्षत्र – दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को स्वर्ण भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भ्रात द्वितीया (भाई दूज)/सर्वार्थसिद्धि योग, मदन लाल खुराना जयन्ती, श्री श्रीवत्स गोस्वामी जन्म दिवस, अकबर – मुग़ल शासक जयंती
✍🏽 विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी हैं। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🏘️ Vastu tips 🏘️
एक समय हुआ करता था जब पुराने लोग गांव में पक्षियों की आवाज़ सुनकर ही उठा करते थे। सुबह की शुरूआत पक्षियों की मीठी-मीठी आवाज के साथ होना आज के समय में कहां ही मुमकिन है। लेकिन आज अपने घर में पक्षियों की तस्वीरें लगा सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में पक्षियों की तस्वीरें लगाने से पॉजिटिव रिजल्टस देखने को मिलते हैं। कई बार ऐसा होता है कि काफी मेहनत और से काम करने के बाद भी सफलता नहीं मिल पाती है।
ऐसे लोग जो इस तरह की परेशानी से गुजर रहे हैं उन्हें अपने-अपने घरों में पक्षियों की तस्वीरें लगानी चाहिए। वास्तु की दृष्टि में पक्षियों को शुभ माना जाता है। जहां पक्षी होते हैं वहां का वातावरण अपने आप ही आनंनदित हो जाता है। वैसे तो आप असली के पक्षी भी अपने घर में रख सकते हैं, लेकिन अगर आप ऐसा नहीं चाहते तो पक्षियों की तस्वीर अथवा मूर्ति घर में रख सकते हैं।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आम के पत्तों का सेवन आम के ताजे पत्तों को चबाने से भी मधुमेह में काफी लाभ मिलता है। डायबिटीज में आम के पत्ते जादुई रूप से काम करते हैं। अगर आप इन पत्तों को चबा नहीं सकते हैं तो इसकी चाय भी बना कर पी सकते हैं। इसके लिए आम की कुछ फ्रेश लीव्स को 15 से 20 मिनट तक उबालें और उसे छानकर खाली पेट पी जाएं।
नीम के पत्ते एक समय था जब लोग नीम के पत्तों का कई तरीके से इस्तेमाल करते थे। नहाने के पानी से लेकर किसी भी घाव पर इसका लेप लगाने तक सभी तरह से इसका इस्तेमाल होता था। लेकिन मार्केट में कई प्रोडक्ट्स के आ जाने से इसका चलन खत्म सा हो गया है। वहीं डायबिटीज में भी नीम का सेवन फायदेमंद होता है। जिन लोगों का ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित नहीं रहता है। वह सुबह खाली पेट नीम के कुछ पत्तों को चबाएं और हो सके तो इसके पत्तों का जूस निकालकर इसे रोजाना खाली पेट पिएं। इस तरीके से नीम के पत्तों का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल के अलावा कई और अन्य बीमारियों में भी फायदा मिल सकता है।
🫖 आरोग्य संजीवनी 🍵
ब्रह्म सारस्वत चूर्ण
(मिरगी, पागलपन, स्मरण लोप, हिस्टिरिया)
यह सूत्र स्वयं ब्रह्मा जी द्वारा पृथ्वी के प्राणियों का हित करने के लिए अश्वनी कुमार को कहा था – यह शास्त्रीय कथन है ।
इसे बनाने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल और परिश्रम से भारी है ।
इस पर्दों वर्ष तक प्रयोग किये गए हैं और यह 100 प्रतिशत गुणकारी है। 7 दिन में लाभ, एक महीने मैं आश्चर्यजनक लाभ, दो महीने में पूर्णतः चमत्कार नज़र आता है ।
मात्र – 10 ग्राम प्रातः काल – 5 ग्राम घी + 10 ग्राम शहद के साथ ।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम की नीतियां भले ही आपको सही न लगे लेकिन उनके द्वारा बताई गई हर एक बातें जीवन में किसी न किसी तरीके से सच्चाई जरूरी दिखाती हैं। भागदौड़ भरी जिदंगी में आप उनके विचारों को अनदेखा ही क्यों न कर दें लेकिन अगर उन्हें ध्यान में रखा जाए तो यह जरूर आपको हर कसौटी में खरे उतारेंगे। हमारे इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज के विचार में हमने ऐसे व्यक्तियों के बारे में बताया है जो हमेशा असलफल होने के साथ-साथ दुखी रहते हैं।
🗣️ श्लोक (तेरहवां अध्याय)
अनागतविधाता च प्रत्युत्पन्नमतिस्तथा ।
द्वावेतौ सुखमेधेते यद्भविष्यो विनश्यति ॥
आचार्य श्री गोपी राम अपने इस तेरहवां अध्याय श्लोक के जरिए कहना चाहता है कि जो भविष्य के लिए तैयार है और जो किसी भी परिस्थिति को चतुराई से निपटता है, ये दोनों व्यक्ति सुखी है। लेकिन जो आदमी सिर्फ नसीब के सहारे चलता है वह बर्बाद होता है।
दरअसल, हमने अपने इस श्लोक में कहा है जो व्यक्ति किसी भी आने वाली विपत्ति को चतुराई से निपटता और जो आने वाले भविष्य के लिए तैयार रहता है वही व्यक्ति सुखी रहता है। वहीं इसके विपरीत जो व्यक्ति ये सोचकर बैठा रहता है कि जो नसीब में लिखा है वह तो होगा ही तो ऐसा व्यक्ति जरूर बर्बाद हो जाता है और अंत में उसे दुख ही प्राप्त होता है।
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⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।
द्वितीया तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है, उस व्यक्ति का हृदय साफ नहीं होता है। इस तिथि के जातक का मन किसी की खुशी को देखकर आमतौर पर खुश नहीं होता, बल्कि उनके प्रति ग़लत विचार रखता है। इनके मन में कपट और छल का घर होता है, ये अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। इनकी बातें बनावटी और सत्य से बहुत दूर होती हैं। इनके हृदय में दया की भावना बहुत ही कम होती है तथा यह किसी की भलाई तभी करते हैं जबकि उससे अपना भी लाभ हो। ये परायी स्त्री से अत्यधिक लगाव रखने वाले होते हैं जिसके वजह से कई बार इन्हें अपमानित भी होना पड़ता है।

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