आज का पंचाग बुधवार 07 सितम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 07 सितम्बर 2022
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है। बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – भाद्रपद मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथिः- द्वादशी तिथि 17:28:07 बजे तक तदोपरान्त त्रयोदशी तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु जी हैं तथा त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी हैं।
💫 नक्षत्रः- उत्तरा आषाढ़ा नक्षत्र 16:00:00 तक तदोपरान्त श्रवण नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- उत्तरा आषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव हैं तथा श्रवण नक्षत्र के स्वामी चन्द्र देव हैं।
📣 योगः- शोभन 25:15:00 तक तदोपरान्त अतिगंड
⚡ प्रथम करण : बव – 01:35 पी एम तक
✨ द्वितीय करण: बालव – 12:04 ए एम, सितम्बर 08 तक कौलव
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 10:44:00A.M से 12:19:00 P.M तक
⚜️ दिशाशूलः- बुधवार को उत्तर दिशा में जाना अशुभ होता है यदि आवश्यक हो तो घर से धनियां या तेल खाकर निकलें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 12:19:00 से 01:53:00 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:36:25
🌅 सूर्यास्त – सायं 18:03:21
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:31 ए एम से 05:16 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:53 ए एम से 06:02 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 02:25 पी एम से 03:15 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:23 पी एम से 06:47 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:36 पी एम से 07:45 पी एम
💧 अमृत काल : 10:11 ए एम से 11:38 ए एम 04:20 ए एम, सितम्बर 08 से 05:47 ए एम, सितम्बर 08
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:56 पी एम से 12:42 ए एम, सितम्बर 08
💥 शोभन योग – रात 1 बजकर 16 मिनट तक
☄️ उत्तराषाढ़ा नक्षत्र -आज शाम 4 बजे तक
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को हरे फल भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – जल झूलनी पद्मा एकादशी व्रत वैष्णव साधु – संन्यासी आदि, श्री श्यामबाबा द्वादशी, कल्कि द्वादशी, प्रदोष व्रत, गो त्रिरात्र व्रत, दुग्ध व्रत, श्री वामन द्वादशी व्रत, माँ भुवनेश्वरी जयंती, गुरु श्री रामदास जी गुरयाई दिवस (प्राचीनमतानुसार , कल का भी वर्णन ), श्री वामनावतार वामन जयन्ती, बैंक ऑफ इंडिया स्थापना दिवस, ब्राजील राष्ट्रीय दिवस, विश्व माफी दिवस, विश्व डूशेन जागरूकता दिवस
✍🏽 विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण हैं। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ एवं जप से धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
🏘️ Vastu tips 🛕
💁🏻♂️ इस दिशा में भोजन न करें
भोजन करते समय हमेशा दिशा का ध्यान रखें। मुंह से गलत दिशा में खाना खाने से काफी नुकसान हो सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार पूर्व याउत्तर–पूर्व की ओर मुंह करके खाना सबसे अच्छा है। ऐसा करने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दूर होती हैं। व्यक्ति का जीवन लंबा होता है। उत्तरदिशा की ओर मुंह करके भोजन करने से धन के देवता कुबेर प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति धनवान बनता है। पश्चिम दिशा की ओर मुख करके भोजनकरने से रोग दूर होते हैं। व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। लेकिन हमेशा याद रखें कि कभी भी दक्षिण दिशा की ओर मुंह करकेनहीं खाना चाहिए। यह यम की दिशा है और ऐसा करने से व्यक्ति रोगों का शिकार हो जाता है और उसका जीवन भी कम हो जाता है।
☝🏼 खाने के साथ न करें ये गलतियां
भोजन करते समय सही दिशा में जाते समय और भी कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। खाना बनाते समय हमेशा पहली रोटी गाय के लिएनिकाल लें। ऐसा खाना न खाएं जिसके बाल झड़ गए हों या किसी के पैर में चोट लग गई हो। ऐसे खाद्य पदार्थ दूषित होते हैं और नकारात्मकऊर्जा छोड़ते हैं। जिससे व्यक्ति बीमारी और धन की कमी का शिकार हो जाता है। हमेशा ताजा और पौष्टिक खाना ही खाएं। कोशिश करें किभोजन करते समय बुरे विचार न हों।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
टमाटर का जूस टमाटर में लाइकोपीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने की ताकत रखता है। इसके अलावा इस सब्जी में नायसिन और फाइबर भी होता है जो हमारे अंदर फैट को घटाने में मदद करता है।
ग्रीन टी पीना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें एंटी ऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में बेहद असरदार हैं। इससे हार्ट अटैक का खतरा काफी कम हो जाता है और अनचाहा वजन भी घटने लगता है। आप एक दिन में 2 से 3 कप ग्रीन टी पी सकते हैं।
सोया मिल्क है असरदार आप रेगुलर फैट क्रीम दूध की जगह पर सोया मिल्क पिएं। क्योंकि इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा बहुत कम होती है।
🍻 आरोग्य संजीवनी 🍺
डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के बढ़े मामले
देशभर में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के तेज़ी से बढ़ते मामले, इन्हीं मामूली नज़र आने वाले इन्हीं मच्छरों की वजह से हैं। हालात ये हैं कि कई शहरों के अस्पतालों में डेंगू के मरीज़ों के लिए अलग से वार्ड तैयार किए गए हैं। जान पर बने खतरे को देखते हुए इन बुखार की पहचान कैसे करें? ये भी हम आपको बताते हैं। डेंगू़, मलेरिया या चिकनगुनिया होने पर आपको काफी ठंड लगती है, सिरदर्द-वॉमिट, डायरिया, के साथ प्लेटलेट्स तेज़ी से गिरने लगते हैं, मसल्स में ऐठन और जोड़ों में दर्द होता है। अगर वक्त रहते इलाज ना किया जाए तो ये बुखार जानलेवा हो सकता हैं।
टोमैटो फ्लू के कारण स्कूल हो रहे बंद वैसे मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू के डंक के बीच टोमैटो फ्लू भी बच्चों में तेज़ी से फैल रहा है। कॉक्ससेकी वायरस ए16 की वजह से होने वाले बुख़ार से दिल्ली के कई स्कूल बंद हो चुके हैं। क्योंकि ये एक कम्युनिकेबल डिज़ीज़ है। इस वायरस से बच्चे ही नहीं बड़ों को भी सावधान रहने की ज़रूरत है। क्योंकि हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये फ्लू बड़ों को भी संक्रमित कर सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
अगर आपका जीवनसाथी, प्रेमिका, प्रेमी , भाई ,बहन, बेटी, बेटा ,रिश्तेदार, पति आप से दूर चला गया हो और वो आपको संपर्क न करे तो आप यह सरल प्रभावकारी टोटका कर सकते है ! आपका बॉस आपसे खुश नहीं रहता या आप की तरफ ध्यान नहीं देता तो भी आप यह कर सकते है !
आप सबसे पहले किसी भी अमावस्या के दिन दो सूखे हुए पीपल के पत्ते तोड़ ले, नीचे ज़मीन से न उठाए, जो कुछ पीले/सूखे से हो पेड़ से ही तोड़ेँ, आप जिस से प्यार करते है, या जिस व्यक्ति को प्रभावित करना चाहते हो उस का नाम दोनों पीपल के पत्तो पर लिख देँ, एक पत्ते पर काजल से लिखेँ और उसको वहीँ पीपल के पेड़ के पास उल्टा कर के रख दे और उस पर भारी पत्थर रख दे, और दूसरे पत्ते पर लाल सिँदूर से लिखेँ और उसको लाकर अपने घर की छत पर उल्टा कर के रख देँ और उस पर भी पत्थर रख दे, ये आपको आगामी पूर्णिमा तक करना है यानि 16 दिन और प्रतिदिन पीपल के पेड़ में अपने साथी को वापस पाने की प्रार्थना करते हुए पानी भी चढायेँ ।
कुछ दिन बाद आपने जिसका नाम लिखा था वह व्यक्ति आपसे संपर्क करेगा और वो आपकी तरफ पुनः आकर्षित होने लगेगा । फिर सभी पत्ते एकत्र कर किसी शुद्ध स्थान पर गड्ढे मेँ दबा देँ।
अगर पति या प्रेमी का पत्नी या प्रेमिका के प्रति प्यार कम हो गया हो तो श्री कृष्ण का स्मरण कर तीन इलायची अपने बदन से स्पर्श करती हुई शुक्रवार के दिन छुपा कर रखें। जैसे अगर साड़ी पहनतीं हैं तो अपने पल्लू में बांध कर उसे रखा जा सकता है और अन्य लिबास पहनती हैं तो रूमाल में रखा जा सकता है।
शनिवार की सुबह वह इलायची पीस कर किसी भी व्यंजन में मिलाकर पति या प्रेमी को खिला दें। मात्र तीन शुक्रवार में स्पष्ट फर्क नजर आएगा।
शुक्ल पक्ष के रविवार को 5 लौंग शरीर में ऐसे स्थान पर रखें जहां पसीना आता हो व इसे सुखाकर चूर्ण बनाकर दूध, चाय में डालकर जिस किसी को पिला दी जाए तो वह वश में हो जाता है।
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⚜️ आज द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।
””सदा मुस्कुराते रहिये””

