खेत की तार फेंसिंग में फंसा मिला तेंदुआ, दम घुटने से मौत की आशंका

डीएफओ समेत वन और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर की जांच, पंचनामा बनाकर कराया अंतिम संस्कार
रिपोर्टर : प्रशांत जोशी
रायसेन। जिले के देवरी वन परिक्षेत्र क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डुंगरिया में शनिवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुआ खेत की तार फेंसिंग में मृत अवस्था में फंसा मिला। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।वन मंडल अधिकारी प्रतिभा शुक्ला से मिली जानकारी के अनुसार, देवरी तहसील मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित डुंगरिया गांव में रमेश आदिवासी का खेत जंगल क्षेत्र से सटा हुआ है। खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए तार फेंसिंग में तेंदुआ उलझा हुआ पाया गया। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ जंगल से भटककर खेत की ओर आ गया होगा और इसी दौरान वह तार की जाली में फंस गया। बाहर निकलने के प्रयास में वह और अधिक उलझता चला गया। जिससे अंततः उसकी दम घुटने या गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आया। डीएफओ प्रतिभा शुक्ला, देवरी वन परिक्षेत्र अधिकारी शिरोमणि मीणा, एसडीओपी और देवरी थाना प्रभारी तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ कर घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।वन रेंजर शिरोमणि मीणा ने बताया कि तेंदुआ संभवतः रात या सुबह के समय खेत की ओर आया होगा। तार फेंसिंग में फंसने के बाद वह लंबे समय तक छटपटाता रहा होगा, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी।मौके पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम की मौजूदगी में तेंदुए के शव का पंचनामा तैयार किया गया। इसके बाद नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वन महकमे के अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे इलाकों में आए दिन जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है।जिससे फसल और जान-माल दोनों का खतरा बना रहता है। कई किसानों ने अपने खेतों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग कर रखी है। लेकिन इस तरह की घटनाएं अब चिंता का विषय बन रही हैं।वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे खेतों में ऐसी फेंसिंग लगाते समय सावधानी बरतें। जिससे वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचे। साथ ही, किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने या फंसने की स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।



