आज का पंचाग शनिवार 15 अक्टूबर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 15 अक्टूबर 2022
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
।। श्री हरि आप सभी का कल्याण करें ।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।
पुराणों में वर्णित है कि पिप्पलाद ऋषि ने अपने बचपन में माता पिता के वियोग का कारण शनि देव को जानकर उनपर ब्रह्म दंड से प्रहार कर दिया, जिससे शनि देव घायल हो गए। देवताओं की प्रार्थना पर पिप्पलाद ऋषि ने शनि देव को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक एवं उनके भक्तो को किसी को भी कष्ट नहीं देंगे। तभी से पिप्पलाद का स्मरण करने से ही शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है।
शिवपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – कार्तिक मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि : षष्ठी – पूर्ण रात्रि तक
✏️ तिथि का स्वामी – षष्टी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी है।षष्ठी (छठ) के देवता भगवान भोलेनाथ के पुत्र और देवताओं के सेनापति कार्तिकेय जी है।
💫 नक्षत्र : मॄगशिरा – 11:22 पी एम तक आर्द्रा
🪐 नक्षत्र के स्वामी :- मृगशिरा नक्षत्र के देवता ‘चंद्र देव’ एवं नक्षत्र स्वामी: ‘मंगळ देव’ जी है।
🔊 योग – वरीयान 14.25 PM तक तत्पश्चात परिध
🔕 योग के स्वामी, स्वभाव :- वरीयान योग के स्वामी कुबेर देव एवं स्वभाव श्रेष्ठ माना जाता है। परिध योग की स्वामी विश्वकर्मा जी एवं स्वभाव हानिकारक माना जाता है ।
⚡ प्रथम करण : – गर 17.55 PM तक
👉🏼 करण के स्वामी, स्वभाव :- गर करण के स्वामी भूमि तथा स्वभाव सौम्य है।
✨ द्वितीय करण : – वणिज पूर्ण रात्रि तक
👉🏼 करण के स्वामी, स्वभाव :- वणिज करण की स्वामी लक्ष्मी देवी और स्वभाव सौम्य है।
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:22
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:52
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:42 ए एम से 05:32 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:07 ए एम से 06:22 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:44 ए एम से 12:30 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:02 पी एम से 02:48 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:40 पी एम से 06:04 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:52 पी एम से 07:07 पी एम
💧 अमृत काल : 01:37 पी एम से 03:24 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:42 पी एम से 12:32 ए एम, अक्टूबर 16
❄️ रवि योग – रात 11 बजकर 22 मिनट से
☄️ वरीयान योग – आज दोपहर 2 बजकर 25 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में सवा किलो तिल का तेल चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – विश्व छड़ी दिवस, विश्व ग्रामीण महिला दिवस, विश्व डाक दिवस, राष्ट्रीय विधिक सहायता दिवस, अब्दुल कलाम जयन्ती, स्कन्द षष्ठी व्रत
✍🏽 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय हैं तथा नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
वास्तु और ज्योतिष के अनुसार यदि आपने 6 चीज़ें किसी से उधार मांग ली तो हो जाएंगे आप कंगाल, क्योंकि इन चीजों से आपके जीवन में नकारात्मकता फैल सकती है। आपकी सेहत भी खराब हो सकती है और आप पर आर्थिक संकट के बादल भी गहरा सकते हैं। कोई इसे मान्यता को मानता है और कोई नहीं।
घड़ी- दूसरे की पहनी घड़ी को पहनने से उसका बुरा समय आपके साथ शुरू हो सकता है।
अंगूठी- किसी भी धातु की अंगूठी अगर आप दूसरों से अदल-बदल कर पहनते हैं तो अपने लिए मुश्किलों को खड़ा कर रहे हैं।
कपड़े- किसी के पहने हुए कपड़े पहनने से दुर्भाग्य आता है। सेहत की दृष्टि से भी यह उचित नहीं है।
चप्पल- किसी की पहनी हुई चप्पल या जूते आप पहनते हैं तो उसके संघर्ष और दरिद्रता का आप शिकार बन सकते हैं।
कंघा- यह बात सेहत के लिहाज से तो कही ही जाती है लेकिन किस्मत की दृष्टि से भी कंघे का इस्तेमाल गलत है।
पेन- किसी की कलम या पेंसिल लें तो उसे वापस लौटाएं। ऐसा नहीं करते हैं तो आर्थिक और करियर के क्षेत्र में हानि हो सकती है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
👉🏼 कैसे खतरनाक होता है मोबाइल फोन
मोबाइल फोन में हानिकारक रेडिएशन होते हैं जो लगातार निकलते रहते हैं। इसका असर लोगों के दिमाग के लिए नुकसानदायक होता है जैसे सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और भी कई स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां होती है। आइए जानते हैं कि फोन रेडिएशन ये क्या क्या नुकसान हो सकते हैं।
मोबाइल फोन रेडिएशन इरेक्टाइल डिसफंक्शन से जुड़ा होता है। मोबाइल फोन से जो नीली रोशनी निकलती है जिससे नींद आने वाले हार्मोन को नुकसान पहुंचता है। इसे मेलाटोनिक कहते हैं। ये बॉडी क्लॉक को बाधित करता है जिससे सोने में परेशानी होती है।
🙇🏻♀️ सोते समय मोबाइल फोन को कितना दूर रखना चाहिए
मोबाइल फोन को अपने बिस्तर से कम से कम तीन फीट की दूरी पर रखकर खतरनाक रेडिएशन से बचा जा सकता है। रेडियो फ्रीक्वेंसी इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक फील्ड की ताकत मोबाइल फोन से जुड़ी होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) का कहना है कि फोन से निकलने वाली आरएफ रेडिएशन से मस्तिष्क कैंसर होने की संभावना हो सकती है।
अगर आप मोबाइल फोन की लत से छुटकारा पाना चाहते हैं तो रात के समय अपना फोन साइलेंट कर दें। अलार्म के लिए घड़ी का इस्तेमाल करें। साथ ही फोन चलाने की जगह किताब पढ़ना शुरू कर दें। किताब पढ़ने की आदत अच्छी होती है और इससे आपको समय पर नींद आ जाती है।
💊 आरोग्य संजीवनी 🩸
मिठाई और मसालेदार खाने से शुगर-बीपी तो बढ़ता ही है लेकिन सबसे ज्यादा असर किडनी फंक्शन पर पड़ता है। देश में लगभग 75% शुगर और हाइपरटेंशन के मरीजों को किडनी की बीमारी है जबकि 20 साल पहले ये आंकड़ा सिर्फ 50% था। मीठा शरीर में शुगर लेवल बढ़ाता है, जिससे बॉडी डिटॉक्स करने में किडनी को एक्स्ट्रा प्रेशर झेलना पड़ता है और धीरे-धीरे वो खराब होने लगती है। फ्राइड फूड पचाने में भी किडनी की हालत खराब रहती है। जहरीले टॉक्सिस पूरी तरह शरीर से बाहर नहीं निकल पाते नतीजा यूरिन में इंफेक्शन, जलन, पीठ दर्द, पैर में सूजन और थकान जैसे लक्षण नजर आने लगते हैं।
इस समय किडनी की बीमारी कई गुना ज्यादा खतरनाक हो गई है। हेल्थ एक्सपर्ट की एक रिसर्च में अक्टूबर महीने और किडनी प्रॉब्लम का कनेक्शन सामने आया है। बारिश के बाद के इस महीने में कई तरह के बैक्टीरिया एक्टिव हो जाते हैं, जिससे यूरिन इंफेक्शन बढ़ता है और कई बार ये इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, डायबिटीज के 70% रोगियों में किडनी की कोई ना कोई दिक्कत पाई जाती है। दुनिया में हर 10 में से एक व्यक्ति किडनी संबंधित किसी समस्या से पीड़ित है..दुनिया की लगभग 10 प्रतिशत आबादी गुर्दे की बीमारी से पीड़ित है। 2040 तक आशंका है कि दुनिया में रोगों से होने वाली मौतों के मामले में किडनी रोग पांचवे नंबर पर होंगे।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी नीति से न जाने कितने लोगों की ज़िंदगी बदली है।हम कहते हैं अगर आप सफलता अर्जित करना चाहते हैं, तो आपको अपने मन को काबू करना सीखना होगा। लेकिन जो शख्स मन को काबू नहीं कर पाता है, वो जीवन में कभी खुद को सफल नहीं कर सकता। आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी एक नीति में एक श्लोक के जरिए कहा है,
अनवस्थित यस्य न जने न वने सुखम्, जनो दहति संसर्गात् वनं संगविवर्जनात।
इस श्लोक के जरिए आचार्य श्री गोपी राम ने बताया है कि इंसान की सिर्फ एक गलती उसकी असफलता की वजह बन जाती है और वो गलती है उसके मन का काबू में न होना। ये एक अवगुण व्यक्ति को तमाम परेशानियों में डाल देता है। इसके कारण उसका मन किसी भी काम में नहीं लगता है। ऐसा व्यक्ति बुद्धिमान होने के बावजूद अपने मन को स्थिर न कर पाने के कारण अपनी योग्यता का पूरा लाभ नहीं ले पाता और सक्षम होकर भी वो प्राप्त नहीं करता, जिसका वो हकदार है। ऐसे में वो स्वयं के पैरों पर खुद ही कुल्हाड़ी मार लेता है।
इसलिए मन को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी है। अगर आप इस पर नियंत्रण नहीं कर पाए तो आप चाहे कितने ही धनवान क्यों न हों, आपको गलत आदतों का शिकार होने से कोई नहीं रोक पाएगा। इसके कारण आपका जीवन परेशानियों से घिर जाएगा। हमारा कहना है कि जिसका मन कंट्रोल में नहीं होता है, उसका दिल न तो लोगों के बीच लगता है। इसलिए जीवन में सफल होना है, संतुष्ट रहना है तो अपने मन को काबू में जरूर करना सीखें।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो भगवान कार्तिकेय का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि के सायंकाल में शिवमन्दिर में छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं एवं सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमने का कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायें मनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होता है और छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।


