आदर्श आचार संहिता की खुलेआम उडाई जा रही है धज्जियां, 6 दिन बीत गए लागू हुये आचार संहिता
बीजेपी प्रत्याशी के स्टीकर लगी एम्बुलेंस बनी चर्चा का विषय
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । जबलपुर जिले की पाटन विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 95 में आदर्श आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन करते हुए नजर आ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र के पाटन ब्लाक में स्थित सिविल अस्पताल में संचालित हो रही एम्बुलेंस का मामला है । यहां विधायक अजय विश्नोई द्वारा जनसेवा में समर्पित का विज्ञापन लगा हुआ है। जिस पर किसी भी ज़िम्मेदार अधिकारी का ध्यान आकर्षित नहीं है। न ही जरुरत समझी गई । क्या अधिकारी गण निभा रहे हैं भाईचारा। बात यहीं तक नहीं रुकती है यहां के सिविल अस्पताल के बीएमओ ने भी इस ओर अभी तक ध्यान नहीं दिया है। आचार सहिंता लगे आज 6 दिन बीत चुके है। इस तरह की लापरवाही यह दर्शाती है कि तहसील एवं जिले के अधिकारी निष्पक्ष चुनाव कराने कितने मुस्तैद व लगनशील हैं?
पाटन नगर में लगे राजनीतिक दलों के बैनर पोस्टर तो प्रशासन ने पहले ही हटवा दिये थे। वही शिलान्यास और शासकीय वाहनों में लगे पोस्टर बैनर से विज्ञापन करना आदर्श आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इससे परे अभी भी पाटन मझौली में संचालित एम्बुलेंस और कुछ ग्रामीण इलाकों में हुए शिलान्यास पर भाजपा के बैनर लगे हुये हैं। जिस पर ज़िम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं गया।
बीएमओ पर लगे राजनैतिक संरक्षण के आरोप ?
पाटन बीएमओ को राजनैतिक संरक्षण मिलने की वजह से विगत छः वर्ष से भी अधिक समय से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में पदस्य है इनका अभी तक अन्य स्थान पर ट्रांसफर नहीं हुआ है। वही पाटन अस्पताल को विधायक निधि से प्राप्त सरकारी एम्बुलेंस में पाटन मझौली विधान सभा से भाजपा प्रत्याशी का बैनर वाहन के अंदर एवं बाहर लगाकर भ्रामिक प्रचार प्रसार किया जा रहा है जबकि आदर्श आचार संहिता लागू होते हैं इस तरह के पोस्टर बैनर जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा सरकारी वाहनों और निजी और सरकारी सम्पत्ति से तत्काल हटवा दिए जाते है लेकिन बीएमओ के द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अभी तक सिविल अस्पताल से संचालित होने वाली एम्बुलेंस के अंदर लगे भाजपा प्रत्याशी के पोस्टर बैनर अभी तक नहीं हटवाए गए है। अभी ग्रामीण इलाकों में सरकारी अस्पताल के भूमिपूजन में लगे फ्लेक्स भी आपको जगह जगह दिख जाएंगे।
ग्रामीणों का आरोप –
ग्रामीणों ने बताया की बीएमओ विगत छः वर्ष से भी अधिक समय से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन एवं अपग्रेडेशन के बाद सिविल अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विगत छः वर्षों से लगातार कुछ न कुछ निर्माण कार्य इस सरकारी अस्पताल में होते रहते है लेकिन जब स्वास्थ्य सेवाओं की बात करते है तब इस सरकारी अस्पताल में कंपाउंडर और चपरासी ही मरीजों की थोड़ी बहुत मलहम पट्टी करके मेडिकल रिफर करने की परम्परा पिछले कई वर्षों से चली आ रही है। इस सरकारी अस्पताल में विकास के नाम पर करोड़ों रुपए के घोटालों से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। देखा जाये फर्जी बिलिंग और निर्माण कार्य, इसके अलावा कोविड़ के समय हुए करोड़ों रुपए के गोल मॉल के विषय में एक सूचना के तहत जानकारी चाही गई थी जो आज दिनांक तक बीएमओ के द्वारा आवेदन कर्ता को नहीं दी गई। वही राजनैतिक पकड़ के चलते आज तक इनका पाटन से अन्य जगह पर स्थांतरण व ट्रांसफर नहीं किया गया है। इसके अलावा अतिरिक्त कटंगी और बोरिया सरकारी अस्पताल की जवाबदारी भी पाटन बीएमओ लगातार संभाल रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव के दौरान इनके द्वारा सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जाता है जिसकी वजह से विधान सभा चुनाव प्रभावित होता है। चुनाव आयोग को तत्काल इस विषय पर संज्ञान लेकर बीएमओ को जिले से बाहर इनका तत्काल ट्रांसफर करना चाहिए । जिससे पाटन मझौली विधान सभा क्षेत्र 95 का चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।



