आयकर विवरणी दाखिल करने के पहले एआइएस और टीआइएस से मिलान जरूरी….
ऐसे करें पोर्टल पर आय-व्यय ब्यौरे की जांच…..
रिपोर्टर : शिवलल यादव
रायसेन। करदाता को आयकर विभाग के पोर्टल पर अपने पासवर्ड से लॉगइन करना होगा। पोर्टल पर सर्विस हेड विकल्प में जाकर एआइएस को क्लिक करना होगा। इसके बाद यहां अलग से बनाया गया प्रोजेक्ट इंसाइड पोर्टल खुलेगा। इसमें एआइएस और टीआइएस के साथ करदाता का समस्त आय और व्यय का ब्यौरा देखा जा सकता है।
दरअसल वित्तीय वर्ष 2021-22 और असेसमेंट इयर 2022-23 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल किए जा रहे हैं। करदाताओं को आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए अब केवल 5 दिन ही शेष रह गए हैं। 31 जुलाई तक यदि आइटीआर जमा नहीं किया जो उसके बाद 5 हजार रुपए लेट फीस के रूप में देनी पड़ सकती है।
आयकर रिटर्न दाखिल करने में करदाताओं को अपनी सभी जानकारी सही ढंग से भरना होगी। क्योंकि आयकर विभाग की सभी तरह के लेनदेन पर पूरी नजर है। पेन नंबर से एकत्र की गई जानकारी कई माध्यम से आयकर विभाग तक पहुंच रही है। करदाता को अपनी आयकर विवरणी दाखिल करने के पहले एआइएस (एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट) और टीआइएस (टैक्स इंफार्मेशन स्टेटमेंट) से मिलान करना जरूरी होगा। गलत जानकारी पर नोटिस का सामना कर पड़ सकता है।
कर दाता सारी कमाई का ब्यौरा जरूर दें…..
वार्षिक सूचना विवरण (एआइएस) में करदाता को अलग-अलग माध्यमों से हुई सारी कमाई का ब्यौरा दिया होता है। एआइएस को दो भागों में बांटा गया है जिसमें भाग ए में करदाता की सामान्य जानकारी होती है। जिसमें नाम, पेन, आधार संख्या, जन्म तिथि आदि शामिल हैं। वहीं भाग बी में स्रोत पर टैक्स कटौती (टीडीएस), स्रोत पर एकत्र कर (टीसीएस) की जानकारी है। करों का भुगतान, संयंत्र, मशीनरी पर किराया, लॉटरी से जीत, क्रॉसवर्ड पहेली या घुड़दौड़, भविष्य निधि (पीएफ) से संचित शेष राशि की प्राप्ति आदि भी शामिल हैं। वहीं टीआइएस (टैक्स इंफार्मेशन स्टेटमेंट) में करदाता को टैक्सेबल रकम की एकमुश्त जानकारी मिल जाती है।
सरवर अली चार्टड अकाउंटेंट एडवोकेट ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 और असेसमेंट इयर 2022-23 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। हर करदाता के लिए एआइएस और टीआइएस प्रोजेक्ट इंसाइड पोर्टल पर मौजूद है। करदाता को अपनी आयकर विवरणी दाखिल करने से पहले इन दोनों से मिलान करने के साथ ही फॉर्म 26 एएस से जोडकऱ मिलान कर लेना चाहिए।बिना मिलान किए रिटर्न दाखिल करने से करदाता को नोटिस की परेशानी हो सकती है।



