आरपार की लड़ाई के संकल्प के साथ जारी रहा सिहोरा जिला आंदोलन
सिहोरा जिला आंदोलन का 89 वाँ रविवार
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश सरकार से आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर चुकी लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने अपने आंदोलन का 89 वाँ धरना पुराने बस स्टैंड सिहोरा में दिया । समिति ने घोषित किया कि मध्य प्रदेश सरकार से अनुरोध के सारे मार्ग बंद होने के बाद अब जिला नहीं तो वोट नहीं अभियान की रूपरेखा तय कर ली गई है । शीघ्र ही सिहोरा के प्रत्येक घर में लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति द्वारा जिला नहीं तो वोट नहीं के स्टीकर चिपका कर प्रत्येक नगरवासी को आंदोलन हेतु तैयार किया जाएगा ।
*जिला चढ़ा राजनैतिक भेंट* लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने अपने 89 वें के धरने में सत्तारूढ़ भाजपा पर आरोप लगाया कि 11 जुलाई 2003 के राज पत्र के प्रकाशन और 1 अक्टूबर 2003 में मिली कैबिनेट की मंजूरी के बाद सिहोरा जिला बन चुका था । भाजपा ने जनमानस की भावना को दरकिनार कर गलत तरीके से सिहोरा जिला की अंतिम अधिसूचना को रोक कर रखा है । जो लोग सिहोरा के विकास की लंबी लंबी बातें कर रहे हैं वे बताएं कि क्या सिहोरा का जिला बनना सिहोरा के विकास के लिए बाधक होता । भाजपा कांग्रेस पार्टी की प्रतिस्पर्धा में सिहोरा जिला राजनैतिक बलि चढ़ गया ।
*कांग्रेस प्रत्याशियों द्वारा पर्चा वितरण:-* जहां एक ओर सत्तारूढ़ भाजपा ने जिला मुद्दे से दूरी बनाई हुई है वहीं कांग्रेस से आगामी विधानसभा चुनाव के संभावित प्रत्याशी सिहोरा में पर्चे बांट ये वादा कर रहे है कि सत्ता में आते ही उनकी पार्टी सिहोरा को जिला बनाएगी। कुछ बड़े पोस्टर भी इस संबंध के सिहोरा में कांग्रेस पार्टी द्वारा लगाए गए है।
आज के धरने में लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के नागेंद्र क़ुररिया, अनिल जैन, अमित बक्शी, मानस तिवारी, संजय पाठक, संतोष वर्मा, विकास दुबे, सुशील जैन, नत्थू पटेल, रामजी शुक्ला, पन्नालाल, रामलाल यादव, गौरी राजें, अजय विश्वकर्मा, राजभान मिश्रा, सत्येंद्र तिवारी, मोहन सोंधिया, अन्नू क़ुररिया, एमएल गौतम, कुक्कू गुप्ता सहित अनेक सिहोरावासी मौजूद रहे ।



