एमपी में वीरा राणा बनीं मुख्य सचिव, सीएस बनने वाली दूसरी महिला
ब्यूरो चीफ : संजय द्विवेदी
भोपाल । 1988 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी वीरा राणा ने गुरुवार को प्रदेश के मुख्य सचिव पद का पदभार ग्रहण कर लिया। इस महत्वपूर्ण पद पर पहुंचने वाली वे 1960 बैच की अधिकारी निर्मला बुच के बाद दूसरी महिला हैं। बुच को भाजपा सरकार में 22 सितंबर 1991 को मुख्य सचिव बनाया गया था। वह एक जनवरी 1993 तक मुख्य सचिव रहीं।
चुनाव आयोग की सहमति मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार देर शाम वीरा राणा को वर्तमान दायित्व के साथ मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार देने के आदेश जारी कर दिए थे। वीरा राणा ने इकबाल सिंह बैंस का स्थान लिया है, जो सेवावृद्धि की अवधि समाप्त होने पर आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं। मंत्रालय में विशेष बैठक आयोजित कर उन्हें विदाई दी जा रही है, जिसमें एसीएस सहित सभी विभागों के प्रमुख सचिव एवं महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद हैं।
वीरा राणा परिचय
वीरा राणा का जन्म उत्तरप्रदेश में 26 मार्च 1964 को हुआ था। वह वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष हैं और उनके पास कृषि उत्पादन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार है। इसके साथ-साथ उन्हें मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वह मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, खेल और युवा कल्याण, प्रशासन अकादमी और कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।
इकबाल सिंह बैंस के बाद वह प्रदेश में उपलब्ध अधिकारियों में सबसे वरिष्ठ हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री के अनुमोदन से वरिष्ठता के अनुसार पैनल भेजा था। चुनाव आयोग ने वरिष्ठता के आधार पर वीरा राणा के नाम पर सहमति दी। वह मार्च 2024 में सेवानिवृत्त होंगी। सूत्रों का कहना है कि सरकार बनने के बाद मुख्य सचिव को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।




