कथा भगवान का स्मरण करेंगे तो काम क्रोध मोह लोभ रूपी अवगुणों का नाश भगवान कृष्ण स्वयं करेंगे : बालकृष्ण महाराज
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
सिलवानी। भगवान को सच्चे मन से जो भी पुकारता है भगवान उसकी ओर दौड़े चले आते हैं। जहां भागवत कथा होती है वहां स्वयं श्री कृष्ण वास करते हैं। यदि हम भगवान का स्मरण करेंगे तो काम क्रोध मोह लोभ रूपी अवगुणों का नाश भगवान कृष्ण स्वयं करेंगे तथा हमारे मन रूपी गोकुल में भक्ति ज्ञान रूपी गोपियां तथा ग्वाले भगवान की बांसुरी की धुन से पवित्र हो जाएंगे।
यह उदगार ग्राम पठापौड़ी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस पंडित बालकृष्ण महाराज ने व्यक्त किए । कार्यक्रम का आयोजन पटेल प्रहलादसिंह रघुवंशी के द्वारा कराया जा रहा हैं। कथा वाचक ने बताया कि कथा की सार्थकता तब ही सिध्द होती है जब इसे हम अपने जीवन में व्यवहार में धारण कर निरंतर हरि स्मरण करते हुए अपने जीवन को आनंदमय मंगलमय बनाकर अपना आत्म कल्याण करें। अन्यथा यह कथा केवल मनोरंजन कानों के रस तक ही सीमित रह जाएगी । भागवत कथा से मन का शुद्धिकरण होता है। इससे संशय दूर होता है और शान्ति व मुक्ति मिलती है। इसलिए सद्गुरु की पहचान कर उनका अनुकरण एवं निरंतर हरि स्मरण व भागवत कथा श्रवण करने की जरूरत है। उन्होने बताया कि श्रीमद भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। कथा कल्पवृक्ष के समान हैजिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है। अंततः कथा जहां होती हैं वहां स्वयं देवी देवताओं का आगमन होता है।



