मध्य प्रदेशराजनीति

कमलनाथ चुनावी हिन्दु हैं, तुष्टिकरण ही कांग्रेस राजनीति का आधार – प्रहलाद सिंह पटेल

भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र शिवाजी पटेल ने नामांकन फार्म किया दाखिल।
जनसभाओं को किया संबोधित
नामांकन रैली मे उमड़ा जनसैलाब

रिपोर्टर : मधुर राय
बरेली। उदयपुरा विधानसभा भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र शिवाजी पटेल के नामांकन से पहले सड़को पर शक्ति प्रदर्शन नजर आया, केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल समेत आधा दर्जन नेता हुए शामिल
26 अक्टूबर गुरुवार को उदयपुरा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र शिवाजी पटेल ने नामांकन दाखिल किया। वरिष्ठ नेताओं और हजारों समर्थकों ने बरेली का माहौल भाजपामय कर दिया। कार्यकर्ताओं और नेताओं का जोश नगर की सडकों पर लगातार दिखाई देता रहा था लोग इसे भाजपा प्रत्याशी पटेल का प्रभावी शक्ति प्रदर्शन मान रहे थे केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल एवं उप्र सरकार कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह की खास मौजूदगी ने अलग ही उत्साह भर दिया। इसके साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता रामकिशन चौहान, जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा, आकांक्षी विधानसभा प्रभारी भगवत कुशवाह, विधानसभा प्रभारी सुरेन्द्र तिवारी, बरिष्ट नेता हरनाम सिंह राजपूत, सुरेश पाठक भी इस उत्साहवर्धन के लिए साथ रहे। भाजपा के चुनावी कार्यालय से बडी संख्या में पुरुष, महिलाएं और युवा भाजपा कार्यकर्ता भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र शिवाजी पटेल का घोडे—बाजे—गाजे के साथ चल रहा काफिला अधिक बडा था। लोगों ने कहा क्षेत्र में किसी भी प्रत्याशी का अब तक का सबसे बडा रोड शो था। नामांकन दाखिले के बाद सभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र शिवाजी पटेल ने जनता से कहा कि मैंने सदा जनता की सेवा की है और सदा करता ही रहूंगा आपके स्वाभिमान और सम्मान को कभी मैं ठेस नहीं पहुंचऊगा भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता भाजपा प्रत्याशी है नरेंद्र शिवाजी पटेल चुनाव नहीं लड़ रहा भारतीय जनता पार्टी चुनाव लड़ रही है उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में विकास की नई इमारत लिखेंगे आप सब के आशीर्वाद से |
कमलनाथ स्पष्ट करें, वे राम को क्या मानते हैं —
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने भाजपा कार्यकर्ताओं और आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की सभी वर्गों के कल्याण और विकास की नीति पर प्रकाश डाला। और कहा कमलनाथ स्पष्ट करें कि वे राम को क्या मानते हैं। क्योंकि उनकी पार्टी कांग्रेस ने तो राम और रामसेतु दोनों के अस्तित्व को नकार चुकी है। समय बदला और देश के लाड़ले सपूत नरेंद्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने। जिसका परिणाम सबके सामने है कि अगली 22 जनवरी को राममंदिर के गर्भगृह में रामलला विराजमान होंगे। जब रामभक्तों के सीनों को गोलियां छलनी कर रही थीं, तब कमलनाथ कहां थे। उस समय उन्हें हिन्दुत्व और सनातन की रक्षा का विचार नहीं आया। हकीकत यह है कि कमलनाथ चुनावी हिन्दू हैं। केंद्रीय मंत्री पटेल ने कहा कि यह जनता के एक वोट की ताकत का सकारात्मक परिणाम है। पटेल ने कहा कि वोट देने के पहले विचार, विकास और व्यक्ति पर चिंतन-मनन करना अति आवश्यक है। झूठ, लालच और भ्रम में आने के बजाए सत्य, निष्ठा और नीयत पर ध्यान केन्द्रित करना होगा।

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