मुख्यमंत्री के न आने से सिहोरा वासी नाराज, उपेक्षा के आरोप तेज

रेलवे ओवर ब्रिज शुभारंभ पर सीएम को फिर भेजा गया आमंत्रण
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । खितौला स्थित रेलवे ओवर ब्रिज के शुभारंभ को लेकर जहां क्षेत्र में उत्साह का माहौल था, वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में शामिल न होने की खबर से सिहोरा वासियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इसे क्षेत्र की लगातार हो रही उपेक्षा का प्रतीक बताते हुए आक्रोश जताया है।
जानकारी के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को भोपाल में सिहोरा को जिला बनाए जाने की मांग को लेकर गए प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई थी। इस दौरान लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने सिहोरा आने की सहमति दी थी और स्थानीय विधायक संतोष बरकड़े को कार्यक्रम तय करने के निर्देश भी दिए थे । इसके बाद विधायक द्वारा खितौला रेलवे ओवर ब्रिज के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री के आगमन का प्रस्ताव रखा गया था।
लेकिन अब 17 अप्रैल को प्रस्तावित शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के स्थान पर मंत्री एवं पूर्व सांसद राकेश सिंह के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की घोषणा से क्षेत्रवासियों की उम्मीदों को झटका लगा है । लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री के न आने से सिहोरा के विकास और जिला बनाने की मांग को लेकर सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि सिहोरा की उपेक्षा पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जा सकता है।
*पत्र मेल कर दिया आमंत्रण*
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के सदस्य अनिल जैन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र मेल कर रेलवे ओवर ब्रिज के शुभारंभ कार्यक्रम में सिहोरा आगमन का पुनः अनुरोध किया है। अपने पत्र में समिति ने मुख्यमंत्री को 26 दिसंबर को किए गए वादे का स्मरण भी कराया है।



