करौंदी केंद्र बिंदु को विकसित व संरक्षित किए जाने की मांग
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । भारत के भौगोलिक केंद्र बिंदु करौंदी को विकसित एवं संरक्षित किए जाने की मांग जिले के प्रवास पर आई प्रदेश शासन की पर्यटन मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया से की गई है। सांसद प्रतिनिधि पदमेश गौतम ने इस संबंध में पत्र के माध्यम से बताया कि केंद्र बिंदु को निहारने देश विदेश से पर्यटक आते हैं। करौंदी ग्राम के चारों तरफ विंध्याचल पर्वत की केंचुआ पहाडी एवं वन क्षेत्र है। इसके विकसित किए जाने से पर्यटन की संभावनाएं बढेंगी। साथ ही जनजाति बाहुल्य क्षेत्र होने से जनजाति संग्रहालय व जनजाति लोक कला संस्कृति के प्रदर्शन के लिए आवश्यक निर्माण कराये जाने की आवश्यकता जताई है। पत्र में गौतम ने यह भी बताया पूर्व में पर्यटन विकास निगम द्वारा उक्त स्थल पर सौंदर्यीकरण कराया गया था। लेकिन देखरेख नहीं होने से टूट फूट हो रही है। इसके अलावा आसपास की भूमि पर अवैध कब्जा कर लोग निर्माण कर रहे हैं। सभी बिंदुओं पर पर्यटन मंत्री ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। गौरतलब है भौगोलिक केंद्र बिंदु करौंदी की खोज हुए दशकों बीत चुके हैं। लेकिन अब भी बेहतर विकास व सुविधाओं को मोहताज है। जिसके कारण यहां आने वाले पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पडता है।



