कानपुर में सिलवानी, बेगमगंज के फल व्यापारी ओर पिकअप वाहन के ड्राइवर की जलने से दर्दनाक मौत

परिजन पॉलिथीन में हड्डियां लेकर वापस लौटे, व्यापारी का किया दफन, ड्राइवर का अंतिम संस्कार
उत्तर प्रदेश के कानपुर में सड़क हादसे में रायसेन जिले के फल व्यापारी और पिकअप वाहन के ड्राइवर कि रविवार को जिंदा जलने से मौत हो गई थी पिकअप वाहन और ट्राले में जोरदार भिड़ंत के बाद दोनों गाड़ियों में आग लग गई थी आग इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन में फंसे रायसेन जिले के सिलवानी निवासी फल व्यापारी इस्माइल खां और उनके पिकअप वाहन के ड्राइवर पूरन सिंह लोधी गाड़ी में ही अंदर करीब 20 मिनट तक चिल्लाते और झटपटते रहे पूरा वाहन जलने के बाद पुलिस को घटनास्थल पर दोनों की ही हड्डियां मिल पाई थी जिन्हें पुलिस पॉलिथीन में भरकर पोस्टमार्टम के लिए ले गई थी। सूचना मिलने पर परिजन कानपुर पहुंचे जिन्हें दोनों ही मृतकों की बची हुई हड्डियां पोटली में सौंप दी गई।
परिजन पोटली में लेकर आए हड्डियां व्यापारी का किया दफन ड्राइवर का अंतिम संस्कार
घटना के बाद मृतक फल व्यापारी इस्माइल खा और पूरन सिंह लोधी के परिजन कानपुर पहुंचे यहां पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजनों को जलने के बाद बची हुई हड्डियां सौंप दी थी सोमवार रात को सिलवानी निवासी फल व्यापारी इस्माइल खा को दफन किया गया है, इनके चार बच्चे हैं, जबकि बेगमगंज तहसील के ग्राम पलोहा के निवासी पिकअप के ड्राइवर पूरन लोधी का आज सुबह अंतिमसंस्कार किया गाय है।मृतक पूरन सिंह लोधी का एक लड़का और एक लड़की है जिनकी शादी हो चुकी है।
पिकअप में जले हुए 20 हजार रुपए मिले
घटनास्थल पर पहुंची बिधनू पुलिस ने फायरकर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया। क्रेन से पिकअप की केबिन को रस्सी से खींचकर हटाया गया तो ड्राइवर और क्लीनर के शव जले हुए निकले। सिर्फ सीने का हिस्सा जलने से बच गया था। दोनों के हाथ-पैर पूरी तरह जल गए थे। शवों की स्थिति इतनी खराब थी कि पता लगाना मुश्किल है कि ड्राइवर कौन है, और व्यापारी कौन है। पुलिस ने फावड़े से मलबे को हटाया और हड्डियों को पॉलीथिन में भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
हादसे के बाद से ट्राला ड्राइवर लापता है। आशंका है कि हादसे के बाद वह गाड़ी छोड़कर भाग गया। पुलिस को पिकअप से जले हुए 20 हजार रुपए भी मिले हैं।
प्रत्यक्षदर्शी बोला पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए
घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया हादसे के समय हम लोग वहां से गुजर रहे थे। दोनों गाड़ियों की टक्कर के बाद पुल पर रुक गए। हादसा इतना भयानक था कि टक्कर के तुरंत बाद दोनों गाड़ियों में आग लग गई। पल-भर में ही आग दोनों गाड़ियों में फैल गई।
पिकअप के अंदर से 2 लोगों के चिल्लाने की आवाज आने लगी। ड्राइवर और क्लीनर शायद बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह गाड़ी में फंस गए थे। वह खुद को बाहर निकालने की कोशिश में चीख रहे थे। लोगों से मदद की गुहार लगा रहे थे। करीब 20 मिनट तक वह चिल्लाते रहे। हम गाड़ियों के पास पहुंचने की हिम्मत नहीं कर पाए। कुछ देर बाद उनकी आवाज आनी बंद हो गई। जिसके बाद हम समझ गए कि दोनों की मौत हो गई है। गाड़ी से मांस के जलने की बदबू भी आ रही थी।



