खेत में करंट की चपेट में आने से चाचा-भतीजे की मौत
जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए लगाए गए तार में करंट होने की आशंका, ग्रामीणों में आक्रोश
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बेरखेड़ी राजाराम में खेत पर करंट की चपेट में आने से चाचा-भतीजे की मौत का मामला सामने आया है। दोनों सोमवार दोपहर त्योहार के लिए फुलेरा बांधने हेतु फूल लेने खेत गए थे, लेकिन देर शाम तक घर वापस नहीं लौटे। तलाश के दौरान दोनों के शव देर रात एक मक्का के खेत में मिले।
जानकारी के अनुसार ग्राम बेरखेड़ी राजाराम निवासी अशोक अहिरवार (45), पिता छोटे अहिरवार, अपने छोटे भाई सेवदीन के 16 वर्षीय पुत्र संजय अहिरवार के साथ सोमवार दोपहर खेत पर गए थे। काफी देर तक दोनों के वापस नहीं आने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस और परिजनों ने ग्रामीणों के साथ तलाश शुरू की। करीब रात 12 बजे ग्राम चौकीदार ऋषि चढ़ार के मक्का के खेत में अशोक और संजय मृत अवस्था में मिले। परिजनों के अनुसार अशोक के हाथ में एक तार लगा हुआ था। मौके पर मक्का की फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर खूंटे लगाकर तार लगाए जाने की बात सामने आई है।
परिजनों ने आशंका जताई है कि इसी तार में कथित रूप से विद्युत करंट प्रवाहित किया गया था। घास अधिक होने के कारण तार दिखाई नहीं देने से दोनों उसकी चपेट में आए होंगे। हालांकि करंट किसने और किस परिस्थिति में लगाया था, यह पुलिस जांच का विषय है।
पुलिस ने दोनों शवों को सोमवार रात सुल्तानगंज अस्पताल पहुंचाया। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। थाना प्रभारी दिनेश सिंह रघुवंशी ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। जांच में यदि किसी की लापरवाही या आपराधिक कृत्य सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं, ग्रामीणों में आक्रोश
खेतों में जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए तारों में करंट प्रवाहित किए जाने की घटनाएं क्षेत्र में पहले भी सामने आती रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार पिछले वर्ष ग्राम नई गढ़िया में खेत में जंगली जानवरों से मक्का की फसल बचाने के लिए लगाए गए कथित करंट की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। ग्राम घोघरी में भी ऐसी ही घटना में एक व्यक्ति की जान जा चुकी है। बेगमगंज क्षेत्र में भी पूर्व में इस तरह के दो मामले सामने आने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में खुले तारों में करंट प्रवाहित करना इंसानी जान के लिए गंभीर खतरा है। उनका आरोप है कि जागरूकता और प्रभावी रोकथाम के अभाव में हादसे दोहराए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के साथ किसानों और ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।



