फुलेरा विसर्जन करते समय बालिका की नदी में डूबने से दर्दनाक मौत

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज। हरतालिका तीज पर निर्जला व्रत रखने वाली एक 17 वर्षीय बालिका की दुधई नदी में फुलेरा सिरहाते समय पांव फिसने से डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। बालिका को बचाने के प्रयास में उसकी हमउम्र मौसी भी पीछे से नदी में कूद गई लेकिन वो भी डूबने लगी जिसे उसकी माँ ने बमुश्किल बचाया ओर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार ग्राम पांडाझिर में अपने नाना हीरालाल लोधी के घर पर पिछले एक माह से रह रही 17 वर्षीय कु.शिवानी लोधी पिता शिवराजसिंह लोधी निवासी महुना गूजर ( राहतगढ़ ) सागर ने निर्जला व्रत रखा था और परिवार की अन्य महिलाओं के साथ रात्रि जागरण कर भजन -कीर्तन में भाग भी लिया था। मंगलवार की अलसुबह 5 बजे शिवानी अपनी नानी शांति बाई एवं हमउम्र मौसी प्रियंका लोधी 17 वर्ष के साथ गांव के पास से निकली दुधई नदी पर फुलेरा सिरहाने ( विसर्जन ) करने गई थी।
नदी के घाट पर फुलेरा सिरहाते समय अचानक शिवानी का पांव फिसल गया और वो नदी में जा गिरी , जिसे बचाने के लिए उसकी मौसी प्रियंका पीछे से कूद पड़ी लेकिन वो उसे नही बचा पाई ओर वो भी डूबने लगी तब घाट पर मौजूद उसकी माँ शांति बाई लोधी ने कूदकर अपनी बेटी प्रियंका को तो बचा लिया लेकिन गहरे पानी में जाने से शिवानी को नही बचा पाई। महिलाओं की चीखपुकार से गांव के कई व्यक्ति भागकर नदी पर पहुंच गए ओर गांव के युवाओं ने बमुश्किल नदी के गहरे गड्ढे से शिवानी को ढूंढकर बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है।
वहीं घटना की जानकारी लगते ही एसडीएम प्रिंयका भलावी एवं तहसीलदार प्रमोद उइके भी सिविल अस्पताल पहुंचे और भर्ती प्रिंयका लोधी की कुशल झेंम पूंछने के साथ दुखी परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।



