Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 12 अगस्त 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 12 अगस्त 2023
12 अगस्त 2023 दिन शनिवार को अधिक श्रावण मास के कृष्ण पक्ष कि एकादशी तिथि है। आज की इस एकादशी को परमा अथवा पुरुषोत्तमी एकादशी के नाम से जाना जाता है। आप सभी एकादशी व्रतियों को परमा एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। शास्त्रानुसार एकादशी सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत होता है। इसे हर एक व्यक्ति को अवश्य करना चाहिये।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
⛈️ मास – श्रावण मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि : श्रावण माह कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि 06:31 AM तक उपरांत द्वादशी
✏️ तिथि स्वामी – एकादशी के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र मॄगशिरा – 06:02 A M तक
🪐 नक्षत्र स्वामी – मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल होता है। नक्षत्र के देवता सोम हैं, जो चंद्रमा के देवता हैं।
🔕 योग : हर्षण योग 03:22 PM तक, उसके बाद वज्र योग
⚡ प्रथम करण : बालव – 06:31 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 07:23 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:34:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:34:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:23 ए एम से 05:05 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:44 ए एम से 05:48 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:53 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:39 पी एम से 03:32 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:04 पी एम से 07:25 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:04 पी एम से 08:08 पी एम
💧 अमृत काल : 09:26 पी एम से 11:12 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, अगस्त 13 से 12:48 ए एम, अगस्त 13
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को काला छाता दान करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – पुरूषोत्तमा एकादशी व्रत (सर्वे), भारतीय सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन की माँ तेजी बच्चन जयन्ती, भारतीय पुरातत्व विद्वान् काशीनाथ नारायण दीक्षित पुण्य तिथि, भारतीय भौतिक वैज्ञानिक विक्रम साराभाई जयन्ती, विश्व हाथी दिवस, राष्ट्रीय गेराज बिक्री दिवस, राष्ट्रीय मध्य बाल दिवस, अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस, राष्ट्रीय विनाइल रिकॉर्ड दिवस
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🗽 Vastu Tips 🗼
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे स्टडी रूम से जुड़ी कुछ अन्य बातों के बारे में। वास्तु शास्त्र के अनुसार स्टडी रूम में किताबों की अलमारी और पढ़ाई करते वक्त बच्चे के बैठने की सही दिशा भी जरूरी है। किताबों की अलमारी को रखने के लिए स्टडी रूम में पश्चिम दिशा का चुनाव करना चाहिए। अगर पश्चिम दिशा में ज्यादा स्पेस न हो तो पश्चिम से दक्षिण की तरफ वाली दिवार के पास रख सकते हैं। इसके अलावा पढ़ाई करते समय बच्चे का मुंह पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। अगर पूर्व दिशा में व्यवस्था न हो तो आप उत्तर-पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके भी पढ़ सकते हैं। इससे बच्चे को चीजें आसानी से समझ में आती हैं।
स्टडी रूम के लिए करें इस रंग का चुनाव वास्तु के अनुसार बच्चों के रूम में सही रंग के चुनाव का भी उतना ही ध्यान रखना चाहिए, जितना कि बाकी चीजों का, क्योंकि रंग से उस जगह का वातावरण तय होता है। वास्तु के अनुसार बच्चों के स्टडी रूम में हल्का पीला, हल्का गुलाबी या हल्का हरा रंग करवाना बेहतर होता है । पीला रंग विद्या का रंग होता है और हरा रंग बुद्धि के देवता का रंग है। अतः स्टडी रूम के लिए इन रंगों का चुनाव करने से बच्चे की बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है, उसका विवेक मजबूत होता है और स्मरण शक्ति अच्छी होती है।
⏺️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
मॉर्निंग वॉक के बाद क्या करना चाहिए खुद को करें मॉर्निंग वॉक और एक्सरसाइज शरीर को एक तेजी गति देती है। ऐसे में जब हम वॉक के वापिस आते हैं तो हमे अपने दूसरे कामों पर लगने से पहले शरीर को ठंडा होने का मौका देना चाहिए। ताकि, यह आपको धीरे-धीरे अपनी हृदय गति को कम करने, लैक्टिक एसिड बनने से रोकने और पैरों में दर्द और भारीपन से बचने में मदद कर सकता है। इसलिए, मॉर्निंग वॉक के बाद 10 मिनट तक शांति से बैठें।
थोड़ा सा Stretching exercise करें वॉक के बाद आपकी मांसपेशियां अभी भी गर्म हो सकती हैं और तब स्ट्रेचिंग करने से मांसपेशियों के दर्द को कम करने और आपके लचीलेपन में सुधार करने में मदद मिल सकती है। नहीं तो आप एक दम से बैठ जाएंगे तो आपको दिनभर मांसपेशियों में दर्द महसूस हो सकती है।
खुद को करे आप पुनर्जलीकरण वॉक से आए हैं, शरीर तमाम एनर्जी का इस्तेमाल कर चुका है और सारा पानी भी खप चुका होगा। ऐसे में आप वॉक से आकर खुद को रिहाइड्रेट करें। इसके लिए आप इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक का सेवन कर सकते हैं या फिर पानी पी सकते हैं। अगर आपके पास कुछ नहीं है तो नींबू पानी बनाएं और इसका सेवन करें।
🍵 आरोग्य संजीवनी 🫖
गुड़ की चाय की रेसिपी गुड़ की चाय बनाने के लिए आपको 1 कप पानी में 1 चम्मच चाय की पत्ती उबालनी होगी। अब इसमें आधा इंच अदरक का टुकड़ा, एक चौथाई चम्मच सौंफ, दालचीनी का टुकड़ा, 1 चौथाई चम्मच अजवाइन, 1 इलायची, 2 से 3 तुलसी की पत्तियां और 1 चम्मच गुड़ डालना होगा। सभी को अच्छे से उबाल आने के बाद कप में छान लें। आपकी गुड़ की चाय तैयार है, इसे दोपहर के खाने से 1 घंटे पहले पिएं या फिर शाम में पिएं।
गुड़ की चाय के फायदे कॉपर, जिंक, पोटेशियम, कैल्शियम और विटामिन से भरपूर गुड़ एनीमिया से बचाता है। इसके अलावा इस चाय में सौंफ और अजवाइन भी है, जो शरीर को अन्य फायदे देती है। सौंफ और अजवाइन में ऐसे गुण होते हैं जिससे शरीर का फैट तेजी से बर्न होता है। गुड़, सौंफ और अजवाइन की चाय पीने से आपका शरीर मौसमी बीमारियों और इंफेक्शन से बचता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर में इंफेक्शन होने से रोकते हैं। इसके अलावा इस चाय को पीने से दर्द में भी आराम मिलता है, अजवाइन में एंटी इंफ्लेमेशन गुण होते हैं, जिसके कारण शरीर से दर्द की शिकायत दूर होती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
शनिवार 12 अगस्त दोनों ही दिन एकादशी तिथि है । लेकिन इस एकादशी का ब्रत 12 अगस्त शनिवार को रखा जायेगा ।
अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारम्भ 11 अगस्त 2023 को सुबह 05:06 मिनट पर होगा, तथा एकादशी तिथि 12 अगस्त 2023 सुबह 06:31 मिनट पर समाप्त होगी।
इस एकादशी के व्रत के पारण का समय 13 अगस्त रविवार को सुबह 05:49 से 08:19 मिनट तक रहेगा ।
परमा एकादशी तिथि प्रारंभ 11 अगस्त, शुक्रवार को सुबह 5:06 मिनट से शुरू
परमा एकादशी तिथि समापन – 12 अगस्त , शनिवार को सुबह 6:31 मिनट पर खत्म
उदया तिथि के अनुसार एकादशी का व्रत 11 अगस्त को रखा जाना चाहिए लेकिन तिथि क्षय होने के कारण परमा एकादशी का व्रत 12 अगस्त को रखा जाएगा ।
पुरषोत्तम माह अर्थात अधिक मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी का नाम ‘परमा एकादशी’ है। इसका व्रत रखने और इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से समस्त पापो का नाश हो जाता हैं।
इस एकादशी का व्रत अति प्राचीन काल से चला आ रहा है। पुराणों के अनुसार सबसे पहले राजा हरिश्चंद्र ने परमा एकादशी का व्रत किया था।
उसके बाद महाभारत काल में इस एकादशी का उलेख्य मिलता है जब कौडिन्य ऋषि के कहने पर काम्पिल्य नगर (आज के फर्ररुखाबाद) के सुमेधा ब्राह्मण और उनकी पत्नी ने इस एकादशी का व्रत किया था।
महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को इस व्रत का नाम और महत्व बताते हुए कौडिन्य ऋषि की कथा सुनाई इस प्रकार आम लोगो को इस परमा एकादशी के पुण्य के बारे में मालूम पड़ा।
शास्त्रों के अनुसार एकादशी तिथि भगवान श्री विष्णु जी को अति प्रिय है । एकादशी के दिन भगवान श्री विष्णु जी / श्री कृष्ण जी की आराधना की जाती है। शास्त्रों के अनुसार एकादशी का ब्रत रखने वाला जातक भगवान विष्णु जी को बहुत प्रिय होता है ।
एकादशी के दिन जल में आँवले का चूर्ण या आँवले का रस डाल कर स्नान करने से समस्त पापो का नाश होता है।
एकादशी के दिन रात्रि में भगवान विष्णु के सामने नौ बत्तियों का दीपक जलाएं और एक दीपक ऐसा जलाएं जो रात भर जलता रहे।
एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी के मन्त्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” अथवा ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।। का आशिक से अधिक जाप करना चाहिए ।
❀꧁ 𓇽𝐻𝑎𝑟𝑒 𝐾𝑟𝑖𝑠ℎ𝑛𝑎𓇽꧂❀
⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।


