धार्मिकमध्य प्रदेश

गजरथ महोत्सव में उमड़ा आस्था का अपार जनसैलाव

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । बटियागढ़ में चल रहे पांच दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव के पांचवें दिन शुक्रवार को गजरथ महोत्सव हुआ। मुनी श्री सुव्रत सागर जी और छुल्लक श्री वर्धन सागर के ससंध में मुख्य प्रतिष्ठाचार्य संजय भैया के प्रतिष्ठाचार्योत्व में बटियागढ़ में चल रहे श्री 1008 भगवान आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा गजरथ महोत्सव में शुक्रवार को महोत्सव के आखरी दिन तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक भारी आस्था श्रद्धा के साथ मनाया गया। 12.30 बजे से जिन बिम्ब स्थापना की गई। इस अवसर पर दोपहर में 2 बजे से गजरथ महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें आस्था का अपार जनसैलाव उमड़ पड़ा।
शुक्रवार को मोक्षकल्याणक की क्रियाएं प्रातः पात्र शुद्धि, अभिषेक, शन्तिधारा, नित्य महापूजन के साथ आरंभ हुयीं। तीर्थंकर भगवान आदिनाथ को प्रातः 7.54 पर मोक्ष की प्राप्ति हुई। जैसे ही तीर्थंकर भगवान के मोक्ष जाने की घोषणा प्रतिष्ठाचार्य संजय भैया ने की उपस्थित सैकड़ों भक्तों ने जयकारों से आकाश गुंजायमान कर दिया, लोग खुशी से नृत्य करने लगे। विविध प्रकार के वाद्ययंत्र बजाए गए। भगवान के नख, केश, पिच्छि, कमण्डल तथा काजल की डिबिया, आभूषण, झारी, सलाई, बाजूबंद आदि को प्राप्त करने का सौभाग्य श्रेष्ठियों को प्राप्त किया। मोक्ष कल्याणक की पूजन की गई। आयोजन के अंतिम दिन विश्व शांति की कामना के साथ विश्व शांति महायज्ञ पूर्णाहुति हवन किया गया। शांतिपाठ और विसर्जन भी किया गया।
दोपहर 2 बजे से गजरथ महोत्सव में सातफेरी हुयीं जिसे देखने जैन और जैनेतर श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाव बटियागढ़ में गजरथ की परिक्रमा देखने उमड़ पड़े। आस्था के भारी जनसैलाव का उत्साह देखते ही बनता था। पंच मुनिराज गजरथ फेरी में शामिल रहे। गजरथ फेरी देखने जहां अनेक ग्रामों से ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में मौजूद रहे वहीं विभिन्न निकटतम व दूरवर्ती स्थानों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचे हुए थे। पूरे विशाल प्रांगण में चारों ओर श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आ रहे थे ।
इस दौरान गजरथ परिक्रमा में संगीतकार भजन गाकर माहौल को भक्तिमय बनाए हुए थे,तो अनेक बैंड बजे उदघोष से आकाश गुंजायमान करते हुए चल रहे थे। विभिन्न स्वयंसेवी संगठन अपने दायित्वों को निभा रहे थे। रथ पर श्रीजी विराजमान थे। रथों पर बैठे पंचकल्याणक के पात्र मंगलगान करते हुए चल रहे थे। विभिन्न संगठन परिक्रमा की व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। परिक्रमा के बाद श्रीजी का अभिषेक विधि- विधान के साथ सम्पन्न हुआ। श्रीजी के अभिषेक का गंधोदक लेने भी श्रद्धालु उमड़ पड़े।
मुनि श्री सुब्रत सागर जी मुनिराज ने इस अवसर पर उमड़े अपार जनसैलाव को अपने अमृत वचनों से अभिसिंचित करते हुए कहा कि आज मोक्ष गए आदिनाथ भगवान से हम प्रार्थना करें कि जो स्वरूप आपने प्राप्त किया है वह हमें भी प्राप्त हो। तीर्थंकर भगवान कषाय, काय से रहित हुए, अभी हम इन दोनों से युक्त हैं। हमें दूसरे के समान नहीं इन्हीं भगवान के समान बनने की चाह रखना चाहिए। मोक्षगमन को देखना इस निश्चय को दोहराना है कि जीवन के सभी कार्य तब तक सफल नहीं कहे जा सकते जब तक उसका अंतिम लक्ष्य मोक्षगमन न हो।
मुनिश्री ने पंचकल्याणक महोत्सव समिति, सभी ग्रामवासी, सभी स्वयंसेवी संगठनों के कार्य की प्रशंसा करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया।शासन-प्रशासन के कार्य को भी उन्होंने प्रसंशनीय बताया।
आज महोत्सव में बटियागढ़ तहसीलदार आलोक जैन, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष पं. नरेन्द्र व्यास, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पं. धर्मेन्द्र कटारे, मंडल अध्यक्ष कपिल शुक्ला, भगतसिंह, रामावतार कुड़ेरिया, शहजादपुरा सरपंच नरेन्द्र कटारे, अनिल जैन, बटियागढ़ सरपंच करन सिंह पटेल, जनपद सदस्य अमजद खान, कमल मिश्रा, राजकिशोर मिश्रा, श्रवण जैन, प्रशांत जैन, बाबूलाल जैन, अजय जैन, संजय जैन, सोनू जैन, गुड्डू विश्वकर्मा पंचकल्याणक महोत्सव समिति, दिगम्बर जैन समाज की कर्मठता के कारण ही यह आयोजन ऐतिहासिक सफलता को प्राप्त हो सका। आयोजन को सफल बनाने में महोत्सव की आयोजन समिति व उप समिति तथा शासन प्रशासन का उल्लेखनीय योगदान रहा। आज अपार जनसैलाब को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा सहित पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात रहा।

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