मध्य प्रदेश

गलत फैसलों से तुरंत सुख भले ही मिल जाए पर भविष्य में पछताना पड़ता है : रमेश मिश्रा

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
जबेरा । जनपद जबेरा ग्राम मुंडारी राजघाट स्थित श्री सिद्ध बाबा मंदिर में आयोजित संगीतमय शिव महापुराण कथा मे तीसरे दिन सुप्रसिद्ध कथावाचक पं.श्री रमेश मिश्रा जी महाराज ने बताया कि भागवत के तीसरे स्कंद के 21वें अध्याय में कर्दम और देवहूति के विवाह का प्रसंग आता है। यहां पर सांख्य योग प्रणेता भगवान कपिल मुनि के अवतार की कथा आती है। उन्होंने आगे बताया कि ब्रह्मा की छाया से उत्पन्न कर्दम ऋषि को सृष्टि की वृद्धि के लिए पिता से आदेश मिला। एक दिन महाराज मनु महर्षि कर्दम के आश्रम पर पधारे और महर्षि कर्दम का महाराज मनु की कन्या देवहूति के साथ विवाह सम्पन्न हो गया। इसके बाद भगवान कपिल ने देवहूति के गर्भ से अवतार लिया शास्त्री जी ने बताया कि किसी भी स्थान पर बिना निमंत्रण जाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि जहां आप जा रहे है वहां आपका, अपने इष्ट या अपने गुरु का अपमान न हो। यदि ऐसा होने की आशंका हो तो उस स्थान पर जाना नहीं चाहिए। चाहे वह स्थान अपने जन्मदाता पिता का ही घर क्यों हो। कथा के दौरान सती चरित्र के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि भगवान शिव की बात को नहीं मानने पर सती के पिता के घर जाने से अपमानित होने के कारण स्वयं को अग्नि में स्वाह होना पड़ा। इसलिए ध्यान रखें कि गलत फैसलों से तुरंत सुख भले मिल जाए पर भविष्य में पछताना पड़ता ही है, एवं अनको भागवत प्रेमियों ने शिव महापुराण की आरती की। ग्रामीणों क्षेत्र श्रद्धालु बड़ी संख्या शामिल हुए।

Related Articles

Back to top button