गुरूकुल की अनोखी पहल से अभिभावकों में खुशी की लहर

रिपोर्टर : मधुर राय
बरेली। रायसेन जिले की बरेली में स्थित अग्रणी शिक्षण संस्था गुरूकुल एवं इनके द्वारा जिले में संचालित सभी संस्थाओं में लगभग 5000 विद्यार्थी अध्ययन करते है। अभिभावको का आर्थिक बोझ कम करने हेतु गुरूकुल की अनोखी पहल का सभी ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। गुरूकुल की इस योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2024-25 के पाठ्यक्रम में कोई परिवर्तन नहीं किया है, इसमें विद्यार्थी अपनी पुरानी पुस्तकें स्कूल में जमा करेगें। इसके बदले उनकी आवश्यकतानुसार उपलब्ध होने पर उन्हें पुस्तके प्रदान की जाएगी। जिससे विद्यार्थियों में सामंजस्य की भावना बढ़ेगी। अभिभावको का आर्थिक बोझ भी कम होगा, इस संदर्भ में संस्था संचालक प्रशांत राठी से चर्चा करने पर उन्होनें बताया कि इसके मुख्य कारण है इससे पर्यावरण संरक्षित होगा क्योंकि कागज के निर्माण में हजारों पेड़ों की कटाई कम होगी। इससे पेड़ो की सुरक्षा बढेगी, अभिभावको का आर्थिक बोझ भी कम होगा, विद्यार्थियों में आपसी सहायता एवं सामंजस्य का भाव बढ़ेगा। आत्मनिर्भता के गुण विकसित होगें।
उल्लेखनीय है गुरूकुल की इस अनोखी पहल का लोक स्वास्थ्य मंत्री मप्र शासन नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने भी सराहना की एवं गुरूकुल के इस कार्य पर काफी प्रसन्नता व्यक्त की। अभिभावको में भी खुशी की लहर है।



