कृषिमध्य प्रदेश

गेहूं के पत्तों को चट कर रही है इल्ली, फसलों का हो रहा नुकसान

लोकवन, 1544, 8713 सहित अन्य किस्म पर इल्ली का प्रकोप नजर आ रहा है। गेहूं के पत्तों को चट कर रही है इल्ली, फसलों का हो रहा नुकसान
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । गेहूं की फसल कीटों से सुरक्षित मानी जाती थी। लेकिन पिछले तीन साल से कहीं-कहीं फसल पर इल्ली का प्रकोप नजर आ रहा है। किसान फसल को बचाने के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं।जिससे लागत अधिक लग रही है।सांची गैरतगंज ब्लाक के अलावा सलामतपुर, कचनारिया, दीवानगंज, सरचम्पा, मेहगांव माना बीदपुरा, खामखेड़ा सहित आसपास के कई गांवों में गेहूं की फसल इल्ली काट रही है। हालांकि दवा का छिड़काव व ठंड का असर दिख रहा है।लेकिन इल्ली का खात्मा नहीं हो रहा है। जिससे उपज घटने की संभावना को लेकर किसान चितिंत नजर आ रहे हैं।
रबी सीजन की फसलों में इल्ली का प्रकोप चना की फसल पर ज्यादा होता था, लेकिन अब इससे गेहूं की फसल भी सुरक्षित नहीं है। गेहूं की फसल को भी इल्ली चट कर रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ रही है। क्योंकि अब इस फसल में भी दवाओं का छिड़काव करना पड़ रहा है और इससे फसल की लागत बढऩे से किसानों को परेशानी होगी। किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल में इल्ली कभी नहीं लगी है और न ही इस फसल में दवाओं का छिड़काव किया जाता था, लेकिन दो-तीन साल से अब मौसम में बदलाव के कारण यह स्थिति निर्मित हो रही है। किसान जमशेद मिया रफ्फू भाई हक्काबाद ने बताया कि गेहूं की फसल में बहुत ज्यादा मात्रा में इल्ली लगी है, जो फसल को क्षति पहुंचा रही है।
कीटनाशक दवाओं के छिड़काव का भी असर…..
किसान चना, मसूर, बटरी में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं, जिससे इन फसलों के कीट गेहूं की फसल पर पहुंचने लगे हैं। यह कारण भी गेहूं में इल्ली लगने का हो सकता है। वहीं आसमान पर बादल छाने की स्थिति में इल्ली का प्रकोप ज्यादा हो जाता है। कुछ दिनों से आसमान पर बादल भी छा रहे थे, जिससे अन्य फसलों पर भी इल्ली बढ़ रही हैं। हालांकि ठंड में इल्ली कम हो जाती है, लेकिन इस बार फिलहाल चार-पांच दिन से ठंड हो रही है, उसके पहले मौसम गर्म रहा, जिससे इल्ली का प्रकोप हो गया।
गेहूं की लगभग सभी किस्म पर है असर…..
लोकवन, 1544, 8713 सहित अन्य किस्म पर इल्ली का प्रकोप नजर आ रहा है। पिछले सप्ताह से ठंठ तेज हुई है, लेकिन इल्ली खत्म नहीं हुई है। जबकि किसान दवा का भी छिड़काव कर रहे हैं। नरवर निवासी उन्नतिशील किसान डॉ मनमोहन चौकसे , किसान राकेश पूजा चौकसे ,ह्देश बघेल मनमोहन हरिनारायण शर्मा जनपद सदस्य मनीष चौकसे ने बताया उन्होंने पहले सुना ही था कि गेहूं में कीट और इल्ली लगती है। क्षेत्र में जड़माहू रोग तो आम बात हो गई है। मैंने अपने जीवन काल में गेहूं की फसल में इल्ली को कभी नहीं देखा है, लेकिन भारी मात्रा में गेहूं की फसल में बड़ी-बड़ी इल्ली लग रही हैं, जो कि गेहूं की फसल को ऊपर से काट रही है। जिससे किसानों बहुत नुकसान हो रहा है।
डॉ स्वप्निल दुबे वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक अधिकारी कृषि विज्ञान केंद्र नकतरा का कहना है कि अभी तक मेरे पास गेहूं की फसल में इल्ली की शिकायत नहीं आई है। इसकी जांच कराई जाएगी। हालांकि फसल को इल्ली से बचाने के लिए इमामेक्टीन वेंजूएट कीटनाश दवा का छिड़काव करें। एक एकड़ फसल के लिए 100 एमएल दवा को 200 लीटर पानी में मिलाकर घोल तैयार कर फसल में डालें। प्रोफीनोफास दवा का भी छिड़काव किया जा सकता है।

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