गौरझामर वन विभाग ने पकड़ी अवैध सगौन के लट्ठों से भरे पिकअप
कट रहे हैं पेड़, सो रहे हैं पहरेदार, जंगल के बेजुबान पेड़ों पर चलाए जा रहे हैं आरा, कौन है इसका जिम्मेदार ?
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । वन परिक्षेत्र गौरझामर में इन दिनों लकड़ी का कारोबार बड़ी चरण सीमा पर चल रहा है। गौरझामर सागर जिले की दक्षिण वन मंडल में इन दिनों अवैध जंगल की कटाई जोरों पर है यह देखने में जब आया कि एक पिकअप गाड़ी जिसका नंबर एमपी 15 सीए 6786 जिसमें लगभग 17 गीले सागौन के लट्ठे जिसकी कीमत लगभग 150000 है जब इतनी बड़ी मात्रा में गीले सागौन की लकड़ी वह भी आरा मशीनों से काटकर लोड की गई गाड़ी में तो इससे क्या कहा जा सकता है कि आखिर का इतनी बड़ी मात्रा में सागौन जंगल से चोरी हो रही है और बेधड़क कटाई हो रही वहां के आला अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं या यह भी कहा जा सकता है कि वन विभाग की मिलीभगत भी हो सकती है। सूत्रों से जानकारी के अनुसार गौरझामर क्षेत्र में लगभग 22 बीटो मे इसी तरह से अवैध सागौन का व्यापार बड़े स्तर पर चल रहा है और इस तरह जो क्षेत्र के आला अधिकारी हैं वह इस पर ध्यान ना देकर अपने निजी कार्यों में व्यस्त हैं यहां तक कि जो कर्मचारी बीट में नियुक्त है वह भी अपनी बीटो में ना रहकर मुख्यालय पर रह रहे हैं इससे वहां पर अवैध कारोबार करने वालों के खुली छूट मिल रही है और जंगल से दिनदहाड़े लकड़ी ले जा रहे हैं यहां तक की सूत्रों से मिली जानकारी की और जब से नए अधिकारी गौरझामर वन परिक्षेत्र में आए हैं तब से जंगल में और अधिक कटाई से रेगिस्तान में बदलता जा रहा है और जो कार्रवाई की जाती है वह सिर्फ दिखावे के लिए ही जाती है वन परिक्षेत्र की बीटो के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि इन पर जल्द से जल्द यदि अंकुश नही लगाया गया आज जो स्थिति जंगल की है आने वाले समय में वहां रेगिस्तान ही देख दिखाई देगा जिससे अवैध वन कटाई को रोका जाए यदि कोई सख्त अधिकारी आए तो ही जंगल को काटने से रोका जा सकता है नही तो इसी तरह से पैक बंद गाड़ियों में अवैध सागौन के लट्ठे और बना फर्नीचर भरके दूरदराज शहरों में भेजे जाने से कोई नहीं रोक पाएगा और हम ग्रामीणों को आगे आने वाले दिनों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता सकता है। वरिष्ठ अधिकारी इस ओर ध्यान आकर्षित कर जल्द कार्यवाही करे और जंगल की अवैध कटाई से निजात मिल सके।
इस संबंध में दक्षिण वन मंडल अधिकारी सागर का कहना है कि गौरझामर की जिन बीटो में अवैध कटाई हो रही है उनकी जांच कर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी।



