प्रशासनिक अव्यवस्थाओं पर शर्म नगर परिषद पर भारी पड़ रहा ठेकेदार
कार्रवाई के नाम पर की जा रही मात्र नोटिसबाजी
सिलवानी। नगर में इन दिनों न सिर्फ परेशानियों का अंबार है बल्कि प्रशासनिक अव्यवस्थाओं ने भी पांव पसार लिए हैं। ऐसे में अब सिलवानी नगर शर्म से पानी पानी हो रहा है। एक शर्म इस बात की यहां ठोस प्रशासनिक व्यवस्थाएं नहीं है दूसरा नगर में जगह-जगह खुदी पड़ी सड़कें प्रशासन की लचर व्यवस्था को दर्शा रहा है। कुल मिलाकर भगवान भरोसे चल रही नगर परिषद और प्रशासन की व्यवस्थाओं से नगरहित प्रभावित हो रहा है, जनता परेशान है। जनता की नजरों में सिलवानी शर्म के मारे पानी-पानी हो गया है लेकिन इसका कारण माने जाने वाले जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी और नेता इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
ठेकेदार पर मेहरबान प्रशासन, कार्रवाई के नाम पर शून्य
नगर में नर्मदा जल लाने की योजना पर काम किया जा रहा है। 18 करोड़ की इस इस योजना में निर्माण एजेंसी द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है। फलस्वरूप 18 माह में पूर्ण होने वाली मुख्यमंत्री पेयजल आवर्धन योजना करीब 48 माह बीतने के बाद भी पूर्ण नहीं हो सकी।
गुजरात की पीसी स्नेहल कंपनी के माध्यम से नप ने ठेके पर यह कार्य कराया। पूरे नगर की पक्की सीमेंट की सड़कों को पाइप लाइन डालने के नाम पर खोद कर कबाड़ा किया गया। पाइप लाइन डालने के बाद सड़कों को दिखावटी सीमेंट की परत से सुधार कार्य कराया गया। जो अब भी अनेक जगह उखड़ने से गड्ढे हो रहे हैं। वहीं जगह-जगह पाइप लाइन फूटने से और टेस्टिंग के दौरान अधूरे कनेक्शन के पाइपों से आये दिन पेयजल की बर्बादी होती रहती है। उल्लेखनीय है पहले अक्टूबर 2017 तक नगर के प्रत्येक घर में नर्मदा जल आने का दावा किया जा रहा था। लेकिन अब भी लोगों के घर कनेक्शन पूरे नहीं हो पाए हैं। केवल पाइप लाइन से पाइप जोड़कर घरों के बाहर छोड़ दिए गए हैं। लेकिन जब से यह योजना आरंभ हुई है, नगर वासियों की परेशानियों का सबब बनी है। नगर भर की खुदी सड़कें, आये दिन लीकेज से तालाबनुमा नजारे और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। ज्ञात रहे लोग शुरुआत से ही गुणवत्ता पर आरोप लगाते रहे हैं। बहरहाल अभी भी तय नहीं है कि करोड़ों रुपये की योजना का जल कब तक लोगों को मुहैया होगा। एजेंसी को 18 माह में कार्य पूर्ण किया जाना था, लेकिन एजेंसी करीब 48 माह बाद भी काम को पूर्ण नहीं कर सकी। हालांकि इस दौरान निर्माण एजेंसी के आग्रह पर नगर परिषद के सीएमओ लगातार मेहरबान बने रहे।
डिग्री नहीं फिर भी काम करा रही नगर परिषद
नगर परिषद द्वारा पत्र bक्रमांक 1193 पीसी स्नेहल कंपनी अहमदाबाद गुजरात को 02.12.2021 को जारी किया था। जिसमें उल्लेख किया गया था कि जो वर्क आफ स्कोप में था कि योजना के लिए डिप्लोमा धारी एवं डिग्रीधारी को फील्ड पर रखा जाए लेकिन वर्तमान में जो कर्मचारी रीतेश सिंह वह न तो डिप्लोमा धारी है एवं न ही डिग्री होल्डर है। पत्र के माध्यम से ठेकेदार को अवगत कराया गया था कि सिलवानी में जबावदार डिप्लोमाधारी या डिग्रीधारी होल्डर को फील्ड पर भेजे व साथ ही शीघ्र कार्य पूर्ण करते हुए निकाय को योजना हस्तांतरित करें। नगर परिषद द्वारा जारी किए गए नोटिस में साफ उल्लेख किया गया कि डिग्रीधारी कर्मचारियों से काम कराया जाए इसके बावजूद भी कंपनी बिना डिग्रीधारी लोगों से कार्य में लीपापोती कर रही है, जिस पर नगर परिषद मेहरबान है।



