धार्मिक

श्री नर्मदा के दर्शन मात्र से पुण्य की प्राप्ति होती है : पंडित रामकृपालु शर्मा

रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
सिलवानी । तहसील के ग्राम साईखेड़ा के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर पर चल रही सप्तदिवसिय मार्कण्डेय पुराण एवं वायु पुराण कथा के छठवे दिवस कथा व्यास वेदाचार्य पंडित रामकृपालु शर्मा ने भक्तो को कथा श्रवण कराते हुए कहा कि नर्मदा मैया के दर्शन मात्र से सभी पुण्यों की प्राप्ति हो जाती है, स्नान करने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है। पर मानव को ज्ञात रहे कि मां नर्मदा सर्वदा फलदायनीय है। अत मां रेवा के किनारों सहित जल को भी स्वच्छ बनाएं रखना सनातन धर्म का एक हिस्सा हैं।
नर्मदा जी के तीर्थों का वर्णन और शिव संहिता का विस्तार के साथ वायु पुराण के उत्तर भाग में वर्णन है। शिव जी को अजेय अजन्मा और सनातन बताया गया है। शिवलिंगों के प्रकट होने का विस्तार से वर्णन वायु पुराण में किया गया है। नर्मदा जी जिसके तट पर शिवजी निवास करते हैं उसके जल को ही ब्रह्म का स्वरूप बताया गया है। नर्मदा नदी को शिव जी का ही स्वरूप मानकर उनकी आराधना और पूजा करने का निर्देश दिया गया है। पुराण का कहना है कि भगवान शिव ने ही सभी लोकों एवं जीवों का कल्याण करने के लिए अपने शरीर से इस दिव्य नर्मदा नदी को प्रकट किया है।पुराण यह भी कहता है कि जो मनुष्य नर्मदा जी के उत्तर तट पर निवास करते हैं वे भगवान शिव के सेवक और अनुयायी होकर शिव लोकों को प्राप्त करते हैं और जो नर्मदा जी के दक्षिण तट पर निवास करते हैं वे भगवान विष्णु के सेवक और अनुयायी होकर विष्णु लोकों को प्राप्त करते हैं।
आयोजक चौधरी रघुवर सिंह रघुवंशी ने सभी भक्तो से निवेदन किया है की कथा श्रवण कर धर्म लाभ उठाएं।।

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