जघन्य हत्याकांड के 5 आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा
बेगमगज । सन 2018 में हुए तहसील के एक सनसनीखेज जघन्य हत्याकांड में संयुक्त रूप से शामिल 5 आरोपितो को अपर सत्र न्यायाधीश राजकुमार वर्मा ने आज आजीवन कारावास की सजा एवं अर्थदंड से दंडित करते हुए जेल भेज दिया है।
अपर लोक अभियोजक बद्री विशाल गुप्ता ने बताया कि अपराध क्रमांक 318 / 2018 के सत्र प्रकरण धारा 302 , 201, 395 ,396 भारतीय दंड विधान के तहत आज निर्णय पारित करते हुए उक्त जघन्य हत्याकांड के पांचो आरोपितों प्रकाश सेन पिता सीताराम सेन 35 वर्ष निवासी जमानिया पिपलिया , नीलेश अवस्थी 39 निवासी ग्राम मंडला हिनोतिया हाल निवास चोपड़ा मोहल्ला नगर बेगमगंज, देवकरण सेन पिता कालूराम सेन 40 पिपलिया कला तहसील सिलवानी, शिवराज उर्फ रामेश्वर अहिरवार पिता लल्लू अहिरवार 32 ग्राम सागोनी गोसाई, प्रदीप मिश्रा 24, ग्राम तला महुआखेड़ा बेगमगंज को भारतीय दंड विधान की धारा 302 ,201, 395, 396 के तहत दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया है।
तहसील के सबसे बहुचर्चित हत्याकांड के मामले में अभियोजन के अनुसार फरियादी गुलाब सिंह राजपूत निवासी ग्राम थाना गैरतगंज के ग्राम जिन्नोर द्वारा उसके पुत्र राघवेंद्र सिंह राजपूत की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी ।
जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्जकर खोजबीन शुरू की थी । तब उसके पुत्र राघवेंद्र सिंह राजपूत का शव पुलिस को ग्राम मंडला हिनोतिया के पास कुए के अंदर मिला था । जिसे हत्यारों द्वारा साक्ष्य मिटाए जाने के लिए पत्थरों से बांधकर कुएं में डालकर पानी में डुबो दिया गया था , लेकिन यह बात भी सच है कि खून कितने ही सफाई से किया जाए आखिर रंग लाता है । और मामला पुलिस की खोजबीन में तब उजागर हो गया , जब पुलिस को कुए के अंदर मृतक का शव पड़ा होने की सूचना मिली तो पुलिस ने शव बरामद कर गुमशुदगी की रिपोर्ट को उपरोक्त वर्णित धाराओं में अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए मामले की छानबीन शुरू की तो प्रकरण में परिस्थिति जन साक्ष्य के आधार पर मृतक राघवेंद्र के ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन कार्ड एवं ट्रैक्टर का बंपर निशानदेही पर एवं मृतक का आयशर ट्रैक्टर तथा उसकी चाबी और मृतक के रुपए में मेमोरेंडम कथनों के आधार पर आरोपितों से जप्त किए गए बताया गया । वही साक्षी रवि एवं खड़क सिंह द्वारा उपरोक्त आरोपितों के साथ मृतक को अंतिम बार जाते हुए देखना बताया गया था और साक्षी रति राम ने एक आरोपित ग्राम मंडला हिनोतिया निवासी नीलेश अवस्थी से ट्राली का सौदा और होने के बाद मृतक द्वारा उसको पैसे देने की बात बताई गई ।
अनुसंधानकर्ता साक्षी थानाप्रभारी राजेश तिवारी ,पुलिस उप निरीक्षक सुरेश कुजुर एवं डॉ. रमेश बिलैया के द्वारा शव परीक्षण की तैयार की गई। रिपोर्ट एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर पांचो आरोपितों के विरुद्ध माननीय उच्चतम न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय के न्याय दृष्टांत के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश राजकुमार वर्मा ने दोषी मानते हुए उपरोक्त वर्णित धारों में आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाते हुए पांचो आरोपितों को जेल भेज दिया गया।
उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक बद्री विशाल गुप्ता एवं सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी माधव सिंह गोंड को पुलिस अधीक्षक विकास कुमार सहवाल द्वारा दूरभाष पर बधाई प्रेषित की गई ।



