रोजगार के नाम पर बेरोजगारों के साथ मजाक

दिन भर बिना चाय पानी के बैठने के बाद भी रोजगार मेला में किसी को नहीं मिला रोजगार
ब्यूरो चीफ: भगवत सिंह लोधी
जबेरा। शासन द्वारा बेरोजगार युवाओं को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। किंतु जिम्मेदार अपनी उदासीनता एवं लापरवाही रवैया के चलते शासन की इस मंशा को पलीता लगाने पर तुले हुए हैं जिससे जरूरतमंद योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। इसी तरह का मामला जबेरा में शुक्रवार को आजीविका मिशन द्वारा आयोजित रोजगार मेला में देखने को मिला। मध्य प्रदेश राज्य डे ग्रामीण आजीविका मिशन दमोह के निर्देशन में आजीविका मिशन जबेरा द्वारा शुक्रवार को रोजगार मेला का आयोजन किया गया। किंतु विभागीय लापरवाही एवं उदासीनता के चलते रोजगार मेले में गिने चुने युवाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और उन्हें भी बिना चाय पानी के दिन भर बैठने के बाद भी रोजगार नसीब नहीं हुआ। जिससे युवाओं को काफी हताश और निराश होकर वापिस लौटना पड़ा। रोजगार मेले में रोजगार पाने के उद्देश्य से आजीविका मिशन जबेरा पहुंचे युवा अंजुल कुमार खटीक निवासी कुसमी करिया खेड़ा एवं प्रमोद कुमार पटेल निवासी बिछिया ने बताया कि हम रोजगार पाने के उद्देश्य से दिए गए पते आजीविका मिशन जबेरा में दोपहर 11 बजे से शाम 4: बजे तक रोजगार पाने की आशा में बैठे रहे। किंतु वहां ना रोजगार देने वाली कंपनी मौजूद थी और ना ही कोई जिम्मेदार कर्मचारी जो हम युवाओं को मोटिवेट कर सके। युवाओं ने बताया कि इस दौरान हमें चाय पानी तक नसीब नहीं हुआ। युवाओं का कहना था कि रोजगार मेले का आयोजन करने वालों के पास इतना भी बजट नहीं कि हम बेरोजगार युवाओं को बुलाने पर चाय पानी करा सकें। रोजगार मेले के नाम पर हमारे साथ मजाक किया गया जिससे हमें दिन भर परेशान होना पड़ा।



