डिप्टी रेंजर और फारेस्ट गार्ड की बहाली के लिए वनकर्मियों ने खोला मोर्चा
वन महकमे के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन की चेतावनी एसडीओ रूही उलहक पर लगाए नीलगाय के शिकारियों को बचाने के आरोप
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । चिलवाहा वन बीट के भरदा के डिप्टी रेंजर नरेश कुशवाहा और नाकेदार सतीश खत्री की बहाली को लेकर वनकर्मी लांबमद हुए वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियो को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी। मप्र वन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष प्रभात यादव डिप्टी रेंजर, राकेश कैलोदिया सहित वन कर्मियों की यह प्रमुख माँग है कि भरदा में भोपाल के बिल्डर हाशिम खान के 100 एकड़ एरिया में बने फार्म के बिना अनुमति पेड़ों की कटाई और अतिक्रमण की निष्पक्ष रूप से होनी चाहिये मामले की जाँच।ग्राम पंचायत खंडेरा के भरदा चन्दोरा में पेड़ कटाई का है यह पूरा मामला काफी सुर्खियों में है।
वनकर्मियों का आरोप है कि अगर ये वनभूमि है तो वनभूमि में से लगभग 80 एकड़ का नामांतरण गुपचुप तरीके से कैसे हो गया।और अगर वनभूमि नही है तो किस आधार पर इन बेकसूर वन कर्मचारियों को किया गया है निलंबित।
आदिवासियों की अहस्तांतरणीय जमीन का कैसे हुआ नामांतरण बड़ा सवाल? राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ जमीन का फौती नामांतरण का बड़ा खेल।आदिवासियों की इस भूमि का पहले कभी नही किया जा सका नामांतरण।
तो अचानक कैसे हो गया इस जमीन का नामांतरण जाँच पड़ताल का पहलू ? क्या वन कर्मियों की माँग पर होगी निष्पक्ष जांच या बचा दिया जायेगा ? राजस्व विभाग के वरिष्ठ अफसरों को? जांच अधिकारी ही जांच के घेरे में फंसे।
एसडीओ बचाने में जुटीं नीलगाय के शिकारियों को….विभाग के अफसर बने खामोश
ओबेदुल्लागंज की एसडीओ रूही उलहक गत 4 जनवरी 2021 में हुए नीलगाय के शिकारियों को बचाने में लगी हैं।बताया जाता है कि शिकार में लिप्त शिकारी उन्हीं के समाज के रिश्तेदार बताए गए हैं। जबकि विवेचना की फाइल और सीडीआर सुल्तानपुर वनरेंजर जमा करवा दिए गए थे। आरोपियों को नोटिस भी डीएफओ विजयकुमार सिंह द्वारा जारी किए गए। लेकिन एसडीओ शिकारियों से लाखों रुपये का लेनदेन कर उन्हें बचाने में जुटी हुई हैं।



