मध्य प्रदेश

डॉक्टरों की हाजिरी जीपीएस बेस्ड होगी : लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बांड वाले डॉक्टरों के लिए जारी किया पत्र

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । जिला शासकीय चिकित्सालय सहित जिले भर के सभी सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर पदस्थ ऐसे डॉक्टर जिनकी नियुक्ति बंधपत्र (बांड) के माध्यम से 1 साल के लिए हुई है। ऐसे सभी डॉक्टरों की उपस्थिति अब जीपीएस बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम से होगी। इसके लिए सभी डॉक्टरों की जानकारी सार्थक एप पर दर्ज की जा चुकी है और उन्हें निर्देश भी दिए जा चुके हैं। जीपीएस बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम से डॉक्टरों की हाजिरी प्रदेश सहित जिले में भी शुरू होगी। इससे अनुपस्थित रहने या समय पर नियुक्त स्थल स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं पहुंचने वाले ऐसे चिकित्सकों पर लगाम लगेगी।सीएमएचओ डॉ दिनेश खत्री, सिविल सर्जन डॉ एके शर्मा ने।बताया कि जिले में वैसे ही डॉक्टरों की कमी है। इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार बंधपत्र के आधार पर एक वर्ष के लिए डॉक्टरों की नियुक्ति करती है। जिससे वे शासकीय जिला चिकित्सालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में ड्यूटी दे सकें और मरीजों व उनके परिजनों को डॉक्टरों की कमी के कारण परेशान न होना पड़े। अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि सरकारी अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर देरी से आते हैं या कार्यस्थल पर उपस्थित ही नहीं रहते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर वहां के प्रबंधन और मरीजों पर पड़ता है।
सार्थक पोर्टल से होगा मिलान ….
यदि डॉक्टर पदस्थ होने के बाद भी डॉक्टर समय पर या उपस्थित ही नहीं होते हैं तो प्रबंधन को अन्य व्यवस्था करने में परेशानी होती है। इसी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। तो होगा एक्शन: चिकित्सकों को बंधपत्र अवधि समाप्त होने के बाद उपस्थिति संबंधी जानकारी का सार्थक पोर्टल से मिलान किया जाएगा। बंधपत्र सेवा अवधि पूर्ण किए जाने संबंधी प्रमाण पत्र में भी इसका उल्लेख किया जाएगा। स्वास्थ्य संचालनालय भोपाल स्तर से पुष्टि के दौरान उपस्थिति संबंधी डाटा में किसी प्रकार की विसंगति होने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
आने-जाने का समय होगा दर्ज…..
सार्थक एप जीपीएस के आधार पर अपलोड की गई है। जैसे ही एप पर डॉक्टर की हाजिरी लगेगी, लोकेशन व आवाजाही का समय भी दिखेगा। इससे अब बंधपत्र डॉक्टर को पूरा दिन सेवा देना होगी। पहले यह बंधपत्र डॉक्टर ज्वाइन करने बाद भी कई दिनों तक नहीं आते थे। अब नई व्यवस्था से सभी बंधपत्र डॉक्टर प्रतिदिन बैठेंगे।

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